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झुग्गी झोपड़ियों को छिपाने के लिए चल रहा है गुजरात में काम ताकि दौरे में डोनाल्ड ट्रम्प को पता न चले

मुख्य  बिंदु :-
  • 24 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आ रहे हैं भारत.
  • इंदिरा ब्रिज से जुड़ने वाली सड़क पर हो रहा है एक दीवार का निर्माण.
  • इंदिरा ब्रिज से जुड़ने वाली सड़क से हो सकता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप का काफिला गुजरे.
  • काफिले के रास्ते में तकरीबन 500 झुग्गी झोपड़ियों को दीवार के जरिए छिपाया जा रहा है.
  • सौंदर्यीकरण के तहत चल रहा है कार्य.
  • 2017 में भी जापान के प्रधानमंत्री के आने से पहले हुआ था सौंदर्यीकरण का कार्य



24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप आ रहे हैं भारत:-
गुजरात का अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को इंदिरा ब्रिज से जोड़ने वाली सड़क के साथ एक दीवार का निर्माण कर रहा है। भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 फरवरी को अहमदाबाद आने वाले हैं। संभावना जताई जा रही है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो के लिए जिस मार्ग पर जाएंगे, उसी के बीच यह इलाका आता है। इस रास्ते के किनारे 500 झुग्गियां हैं। कहा जा रहा है कि ट्रम्प को यहां की झुग्गियां न दिखाई दे, इसलिए नगर निगम 7 फीट ऊंची लंबी दीवार खड़ा कर रहा है।यह अहमदाबाद हवाई अड्डे से गांधीनगर की ओर जाने वाले रास्ते में है। मोटेरा में हवाई अड्डे और सरदार पटेल स्टेडियम के आसपास सौंदर्यीकरण अभियान के तहत दीवार का निर्माण किया जा रहा है।


6 से 7 फीट ऊंची दीवार की जा रही है खड़ी:-
एएमसी के एक अधिकारी ने बताया, “करीब 600 मीटर की दूरी पर स्थित स्लम क्षेत्र को कवर करने के लिए 6-7 फीट ऊंची दीवार खड़ी की जा रही है। इसके बाद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।” दशकों पुराने देव सरन या सरनियावास स्लम एरिया में 500 से ज्यादा झुग्गियां हैं और करीब 2500 लोग यहां रहते हैं। एएमसी सौंदर्यीकरम अभियान के तहत साबरमती रिवरफ्रंट स्ट्रेच इलाके में खजूर के पौधे लगा रही है।


2017 में भी किया गया था ऐसा ही कार्य:-
इसी तरह का सौंदर्यीकरण साल 2017 में अभियान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और उनकी पत्नी आकी आबे के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान किया गया था। वे 12वें भारत-जापान वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे।

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ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है #BlackDay #PulwamaNahinBhulenge, पोस्ट देख कर आंखे हो जाएँगी नम

मुख्य  बिंदु :-
14 फरवरी 2019 को, जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले सी०आर०पी०एफ० के वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ था , जिसमें 45 भारतीय सुरक्षा कर्मियों की जान गयी थी।  यह हमला जम्मू और कश्मीर के पुलवामा ज़िले के अवन्तिपोरा के निकट लेथपोरा इलाके में हुआ था। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित इस्लामिक आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी; हालांकि, पाकिस्तान ने हमले की निंदा की और जिम्मेदारी से इनकार किया था, जिसके बाद सरकार ने उचित करवाई की और लगातार प्रयास से पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर उसकी आतंकवादी गतिविधियों के कारण अलग थलग कर दिया। 



आज इस हमले को एक वर्ष बिट गए है और अब तक ट्विटर पर #BlackDay #PulwamaNahinBhulenge ट्रेंड कर रहा है तो आइये आपको कुछ ऐसे पोस्ट दखाते है, जिसके जरिये भारतीय लोगो ने अपने  शहीद जवानो तथा उनके परिवार का आभार व्यक्त करते हुए  वीरों के आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. 



ट्रेंडिंग ट्वीट्स :


इन ट्वीट्स को देख कर आपकी आंखे जरूर नम हो जाएँगी।


हमारे जवानो की तरह अपने देश के लिए जिए देशभक्ति से ओतप्रोत रहे.





आज प्यार करने वालो के लिए प्यार का दिन है और देशभक्तो के लिए काला दिन आइये एक साथ उनकी कुर्बानी को हम याद करते है और ईश्वर से प्रार्थना करते है की वो जहाँ भी हो उनकी आत्मा को शांति प्रदान हो, देश उनपर आने वाले अनेक सदियों तक गर्व करेगा और इनकी गाथा आने वाली पीढ़ी को सुनाएगा ताकि हमारी आगे की पीढ़ी देशभक्ति से ओतप्रोत हो न की कन्हैया जैसे गद्दारो से।  


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दिल्ली चुनाव के बाद अमित शाह ने बताई हार की मुख्य वजह , विचारधारा को बताया अहम.

मुख्य  बिंदु :-
  • दिल्ली चुनाव के बाद अमित शाह का आया बड़ा बयान.
  • चुनाव हमारी विचारधारा को बढ़ाने का जरिया
  • हार जीत के लिए चुनाव नहीं लड़ते
  • गोली वाला बयान उचित नहीं लेकिन राहुल गांधी के डंडे मारने वाला भी बयान उचित नहीं था
  • हमने धर्म के आधार पर कभी भेदभाव नहीं किया
  • कश्मीर में स्थिति सामान्य कोई भी वहां जा सकता है
  • भड़काऊ भाषण पर सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ते हैं 
  • एससी एसटी मुद्दे पर कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार



हार जित के लिए है, चुनाव नहीं लड़ते:-
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे के दो दिन बाद गृह मंत्री अमित शाह का बयान आया है. एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि बहुत सारे दलों के लिए चुनाव सरकार बनाने और गिराने के लिए होते हैं. लेकिन भाजपा एक विचारधारा पर आधारित पार्टी है, हमारे लिए चुनाव हमारी विचारधारा को बढ़ाने का जरिया है. सिर्फ हार-जीत के लिए हम चुनाव नहीं लड़ते.


सबको अपनी राय रखने का हक:-
गृह मंत्री शाह ने कहा कि चुनाव में गोली मारने का बयान उचित नहीं था तो राहुल गांधी के डंडे मारने वाला बयान भी ठीक नहीं था. मुद्दा आज भी ये है कि किसी का विरोध किस प्रकार से और किस चीज के लिए होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह से शाहीन बाग का समर्थन करने वालों को अपने विचार रखने का अधिकार है. उसी प्रकार से हमें भी हमारे विचार व्यक्त करने का अधिकार है और हमने वो किया.


CAA पर फिर से रखी अपनी बात :-
गृह मंत्री ने कहा कि हमारा मन शुद्ध है और हम शुद्ध मन से काम करते हैं. हमने कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया है. मैं आज भी देश को बताना चाहता हूं कि CAA में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है, जो देश के मुस्लिमों की नागरिकता ले सकता हो.शाह ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य है. कोई भी वहां जा सकता है, लेकिन कोई वहां भड़काने वाले भाषण करेगा तो सरकार को कदम उठाने पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अभी कोई भी वहां जाए हम सबको परमिशन दे रहे हैं. सिर्फ वहां के कुछ नेता कुछ प्रावधानों के तहत अभी नजरबंद हैं.


SC/ST मुद्दे पर कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार :-
अमित शाह ने कहा कि मैं पूरे देश की जनता और विशेषकर SC/ST समुदाय के अपने भाई-बहनों को बताना चाहता हूं कि ये जो प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में चर्चा में आया, वो कांग्रेस की उत्तराखंड सरकार ने किया था, भाजपा ने नहीं. आरक्षण के लिए वो स्टैंड कांग्रेस की सरकार का था, भाजपा की सरकार का नहीं.

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जम्मू में होगा तिरुमल तिरुपति की तरह भव्य मंदिर का निर्माण

मुख्या बिंदु 
  • जम्मू में बनेगी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम जैसी मंदिर। 
  • मंदिर तिरुमाला मंदिर की प्रतिकृति होगी
  • यह जम्मू और कश्मीर के जम्मू जिले में बनाया जाएगा
  • मंदिर के 2 साल में बनने की संभावना है
  • टीटीडी करेगी निर्माण 
  • जम्मू कश्मीर प्रशासन देगी 100 एकड़ जमीन 
  • परिसर में वैदिक स्कूल और अस्पताल का भी होगा निर्माण



जम्मू में बनेगी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम जैसी मंदिर:-
जम्मू-कश्मीर प्रशासन की योजना के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश जल्द ही तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को 100 एकड़ जमीन देगा, ताकि वह जम्मू-कश्मीर में प्रसिद्ध तिरुमाला मंदिर की प्रतिकृति का निर्माण कर सके। जम्मू-कटरा राजमार्ग के साथ 100 एकड़ भूमि आवंटित होने की संभावना है, द हिंदू अखबार के मुताबिक, ट्रस्ट दो साल के भीतर मंदिर निर्माण पूरा करने के लिए तैयार है और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने जमीन को आवंटित करने के लिए "सैद्धांतिक रूप से सहमति" दी है। रिपोर्ट में कहा गया है की, मंदिर के अलावा, 100 एकड़ के परिसर में एक वैदिक स्कूल और एक अस्पताल भी होगा ।

अब तक २ स्थलों का किया गया है चयन:-
टीटीडी बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले सांसद वी विजया साई रेड्डी की बयान  के अनुसार  रिपोर्ट में कहा गया की , "जम्मू और कश्मीर के जम्मू जिले में मंदिर निर्माण के लिए उपयुक्त दो स्थलों का चयन किया गया है,  धूममी और माजिन। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगनमोहन रेड्डी के निर्देशों के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन के अधिकारियों के साथ चर्चा की। एक अधिकारी ने कहा, "हम जम्मू और कश्मीर के मुख्य सचिव से भी मिले और अपनी परियोजना का विवरण समझाया। यह कई उत्तर भारतीय राज्यों के तीर्थयात्रियों की लंबे समय से मांग है कि वे जम्मू में मंदिर का निर्माण करें।"


वैष्णोदेवी राजमार्ग की और होगा मंदिर का निर्माण :-
वी विजया साई रेड्डी ने एक अखबार को बताया कि टीटीडी बोर्ड योगदान देगा, वहीं मंदिर, वैदिक स्कूल, मैरिज हॉल और अस्पताल के निर्माण के लिए भी श्रद्धालुओं से धन जुटाया जाएगा। रेड्डी ने द हिंदू अखबार से बातचीत में आगे बताया की  "जम्मू एक शांतिपूर्ण जगह है। जीवन बिल्कुल सामान्य है और क्षेत्र में कोई अप्रिय घटना नहीं दर्ज की गई है। हमने दो साइटों को अंतिम रूप देने से पहले सुरक्षा, साइट तक पहुंच, पानी और परिवहन सुविधाओं की उपलब्धता सहित सभी पहलुओं पर विचार किया है।  महत्वपूर्ण रूप से, साइट वैष्णो देवी मंदिर की ओर जाने वाले राजमार्ग पर स्थित हैं, "।

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YOJNA PART 1 : पीपीएफ या पब्लिक प्रोविडेंट फंड से जुड़ी तमाम जानकारी .

पीपीएफ या पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली एक बचत योजना है। जिसे 1968 में वित्त मंत्रालय के नेशनल सेविंग इंस्टिट्यूट द्वारा पेश किया गया था | पीपीफ खाते पर ब्याज भारत सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है और इसे हर तिमाही निर्धारित किया जाता है। यह section 80C के तहत कर-मुक्त भी है। वर्तमान में 1 जुलाई से 30 सितम्बर 2019 (Q2 FY 2019-20) के लिए पीपीएफ ब्याज दर 7.9% तय की गई है। अप्रैल - जून 2019 के लिए पीपीफ का ब्याज दर 8% था।




पीपीएफ खाते की मुख्य विशेषताएं :-
1.पीपीएफ खाते में मूलधन और ब्याज की गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है।
2.प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक खाते में योगदान कर मुक्त है। पीपीएफ खाते पर ब्याज भी कर-मुक्त है।
3.पीपीएफ खाते के लिए ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही घोषित की जाती है। पीपीएफ रिटर्न उस अवधि में कई बैंकों की एफडी दरों से अधिक है।
4.पीपीएफ खाता कोई भी भारतीय नागरिक खुलवा सकता है।
5.पीपीएफ खाता खोलने के लिए अधिकतम उम्र का कोई प्रतिबंध नहीं है।
6.पोस्ट ऑफिस और सभी सरकारी व प्रमुख बैंको की शाखाओ में पीपीएफ खता खुलवाया जा सकता है।
7.सरकारी बचत योजना होने से निवेश सुरक्षा की पूरी गारंटी भारत सरकार के द्वारा दी जाती है।
8.अभिभावक के संरक्षण में बच्चों का खाता भी खुलवाया जा सकता है। 10 साल से बड़ा बच्चा खुद भी स्वतंत्र रूप से खुलवा सकता है।
9.यह खाता कम से कम ₹500/- रुपए शुरुआती जमा के साथ खुल सकता है। तथा हर साल इस खाते में कम से कम ₹500/- रुपए जमा करने की ही अनिवार्यता है अन्यथा ₹50/- प्रति वर्ष के हिसाब से पेनल्टी लग सकती है।
10.प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख रुपए तक जमा किया जा सकता है। और हर साल अधिकतम 12 बार तक पैसा जमा करने की छूट है जो अपनी सुविधानुसार कभी भी कम या ज्यादा जमा कर सकते हैं।
11.इस खाते में NEFT/RTGS और नेट बैंकिंग से भी पैसा जमा करने की सुविधा है।
12.पीपीएफ खाते की जमा राशि, ब्याज और निकासी, तीनों पर टैक्स की छूट है| 5 साल बाद आंशिक निकासी की रकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री है।
13.पीपीएफ खाते में जमा राशि पर अच्छी ब्याज दर मिलती है |पोस्ट ऑफिस और बैंकों में हर जगह एक समान ब्याजदर दिया जाता है।
14.पीपीएफ खाते के तीसरे साल से जमा राशि के बदले लोन लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।खाते खुलने के 5 साल बाद इमरजेंसी में खाता बंद करने की भी सुविधा है।
15.पीपीएफ खाते के15 साल पूरे होने के बाद ब्याज सहित पूरी राशि दी जाती है। खाते के मेच्योरिटी के बाद भी इसकी अवधि अगले पांच-पांच साल बढ़वा सकते है।
16.पीपीएफ खाते में नोमिनी बनाने की भी सुविधा है।
17.पीपीएफ खाते को आवश्यकता के अनुसार आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक शाखा में कभी भी ट्रांसफर कर सकते है।

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पीपीएफ के लिए पात्रता :-
कोई भी व्यक्ति जो भारत का निवासी है, वह PPF खाता खोल सकता है। पीपीएफ खाते माता-पिता द्वारा अपने नाबालिग बच्चों के लिए भी खोले जा सकते हैं। एनआरआई पीपीएफ खाते नहीं खोल सकते हैं। हालांकि, एक निवासी भारतीय जो पीपीएफ खाता खोलने के बाद एनआरआई बन गया है, वह खाता परिपक्वता तक जारी रख सकता है। संयुक्त खाते और कई खाते खोलने की अनुमति नहीं है।


पीपीएफ खाते पर ब्याज :-
पीपीएफ एक निश्चित आय निवेश है। पीपीएफ खाते पर ब्याज दर हर तिमाही केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जाती है। पीपीएफ पर ब्याज की गणना महीने के पांचवें दिन की समाप्ति और हर महीने के आखिरी दिन के बीच न्यूनतम शेष राशि पर की जाती है। वर्तमान में पीपीएफ खाते का ब्याज दर 7.9% (July19-Sept19 के लिए ) है ।



पीपीएफ खाते की अवधि :-
पीपीएफ खाता, खाता खुलने के उस वित्तीय वर्ष से अगले 15 साल की समाप्ति के बाद परिपक्व होता है जिस वर्ष खाता खोला गया था। उदाहरण के लिए, अगर PPF खाता 1 फरवरी 2005 को खोला गया था, तो यह 31 मार्च 2020 को यानी 31 मार्च 2005 से 15 साल तक परिपक्व होगा। परिपक्वता पर, आप PPF खाते को 5 साल के ब्लॉक में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा सकते हैं।


पीपीएफ खाते के लिए नामांकन नियम:-
पीपीएफ खाते में नामांकन एक या अधिक व्यक्तियों के पक्ष में किया जा सकता है। इसमें प्रत्येक नामांकित व्यक्ति के प्रतिशत शेयर को भी निर्दिष्ट करने की आवश्यकता होती है। कोई भी, यानी माता-पिता, पति या पत्नी, रिश्तेदार, बच्चे, दोस्त आदि नामांकित हो सकते हैं। पीपीएफ खाते में नामांकित व्यक्ति को जोड़ने के लिए Form E का उपयोग किया जाता है। पीपीएफ खाते के कार्यकाल के दौरान किसी भी समय नामांकन किया जा सकता है। नामांकन में परिवर्तन, रद्द या परिवर्तन Form F के माध्यम से किया जा सकता है।




पीपीएफ खाते में टैक्स की छूट:-
पीपीएफ खाते में योगदान (प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक) आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत exempted है , अर्जित ब्याज पर छूट दी जाती है और परिपक्वता आय को भी कर से छूट दी जाती है। पीपीएफ खाते पर अर्जित ब्याज का आयकर रिटर्न पर उल्लेख करना होता है।


अटैचमेंट आर्डर से सुरक्षा:-
पीपीएफ खाता किसी भी आदेश या सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1873 के तहत किसी भी ऋण या देयता के लिए किसी भी अदालत के निर्णय के तहत संलग्न नहीं किया जा सकता। यह आयकर विभाग सहित सभी लेनदारों के खिलाफ खाता धारकों की सुरक्षा करता है।



पीपीएफ खाते पर लोन :-
पीपीएफ खाते पर लोन प्राप्त करने की सुविधा खाता खोलने की तारीख से 6 वें वित्तीय वर्ष तक 3 वें वित्तीय वर्ष से उपलब्ध है। दूसरे शब्दों में, वित्तीय वर्ष के अंत से एक वर्ष की समाप्ति के बाद किसी भी समय लोन प्राप्त किया जा सकता है जिसमें खाता खोला गया था, लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत से पांच वर्ष की समाप्ति से पहले जिसमें खाता खोला गया था ।

उदाहरण के लिए, यदि PPF खाता 1 फरवरी , 2014 (वित्तीय वर्ष 2013-14) में खोला जाता है, तो वित्तीय वर्ष का अंत जिसमें खाता खोला गया था, 31 मार्च, 2014 है। तब लोन 1 अप्रैल, 2015 से लिया जा सकता है और लोन खाता खोलने के वित्तीय वर्ष के अंत से अगले पांच साल यानि 31 मार्च, 2019 (वित्त वर्ष 2018-19) तक प्राप्त किया जा सकता है।

इस तरह के लोन की अधिकतम अवधि ३ साल है| पीपीएफ खातों पर लोन की अधिकतम राशि पिछले वित्त वर्ष के अंत में शेष राशि का 25% है, जिस वर्ष लोन के लिए आवेदन किया गया था। उदाहरण के लिए, यदि निवेशक अप्रैल 2014 में लोन लेना चाहता है, तो अधिकतम लोन जो प्राप्त किया जा सकता है, वह 31 मार्च, 2013 को शेष राशि का 25% होगा| पीपीएफ खाते के बदले लोन लेने के लिए Form D जमा करना आवश्यक होता है।

पीपीएफ खाते के बदले लिए गए लोन पर देय ब्याज दर पीपीएफ खाते पर तत्कालीन ब्याज दर से 2% अधिक लगता है।



निष्क्रिय खाते को पुनः चालू करने के लिए:-
यदि पीपीएफ खाते में प्रति वर्ष ₹500/- रुपये का न्यूनतम योगदान नहीं किया जाता है, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है।

खाते को पुन: चालू करने के लिए एक आवेदन पोस्ट ऑफिस या बैंक शाखा में जमा करना होता है।

प्रत्येक वर्ष खाते के निष्क्रिय होने पर ₹50/- का जुर्माना देना पड़ता है। और खाता निष्क्रिय होने के वित्तीय वर्ष से अगले सभी वर्षों के लिए ₹500/- की न्यूनतम राशि का भुगतान करना होता है।



पीपीएफ खाते से आंशिक निकासी:-
जिस वर्ष खाता खोला गया है, उसके 5 वर्ष की समाप्ति के बाद आंशिक निकासी की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि 1 जनवरी, 2014 को खाता खोला गया था, तो वित्तीय वर्ष 2021-22 से निकासी की जा सकती है। प्रति वित्तीय वर्ष में केवल एक आंशिक निकासी की अनुमति है। प्रति वित्तीय वर्ष में निकाली जा सकने वाली अधिकतम राशि चालू वर्ष से पहले, वित्तीय वर्ष के अंत तक खाते की शेष राशि का 50%, या चालू वर्ष से पहले, चौथे वित्तीय वर्ष के अंत तक खाते का शेष राशि का 50% है | पीपीएफ खाते से आंशिक राशि निकालने के लिए Form C जमा किया जाना आवश्यक होता है।



पीपीएफ खाते को समयपूर्व बंद करने की स्थिति में:-
खाता खोलने के 5 वर्षों के भीतर पीपीएफ खाते के प्री-मेच्योर क्लोजर करने की अनुमति नहीं है। उसके बाद इसे केवल विशिष्ट आधारों पर ही बंद किया जा सकता है, जैसे खाताधारक, पति या पत्नी, आश्रित बच्चों या माता-पिता की गंभीर बीमारीओं में, जिसमे जान का खतरा हो | पर इन आधारों को साबित करने के लिए आपके पास जरुरी चिकत्सीय डॉक्यूमेंट होना चाहिए।


खाता धारक की मृत्यु होने पर:-
पीपीएफ खाता धारक की मृत्यु के मामले में, पीपीएफ खाते में नामांकित / कानूनी उत्तराधिकारी व्यक्ति द्वारा खाताधारक के मृत्यु प्रमाण पत्र दे कर पीपीएफ खाता के आय पर दावा किया जा सकता है। दावेदार को इसके साथ फॉर्म जी तथा एक आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होता है , जिसमें खाता संख्या, नामांकित विवरण आदि जैसे दावे से संबंधित जानकारी हो।



पीपीएफ खाते की Maturity:-

पीपीएफ खाता, खाता खुलने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से अगले 15 वर्ष की अवधि के बाद Mature हो जाता है maturity के समय, खाताधारक के पास निम्न विकल्प होते हैं:-

परिपक्वता राशि की निकासी -
खाताधारक पीपीएफ राशि के साथ-साथ अर्जित ब्याज को वापस ले सकता है। संपूर्ण परिपक्वता आय कर से मुक्त है।

योगदान के साथ पीपीएफ का विस्तार-
एक ग्राहक एक बार में 5 साल के ब्लॉक में पीपीएफ खाते को अनिश्चित काल तक बढ़ा सकता है। खाताधारक को Form H जमा करके आगे के योगदान के साथ खाते का विस्तार करने के लिए आवेदन देना होगा। एक बार जब खाता योगदान के साथ विस्तारित हो जाता है, तो खाते के विस्तार की तारीख तक शेष राशि का अधिकतम 60% निकाला जा सकता है। यह राशि एक बार में निकाली जा सकती है या फिर कई वर्षों में निकाली जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम एक बार निकासी की जा सकती है।


पीपीफ खाते में उपयोग होने वाले फॉर्म्स:-

FORMS : FORM A
PURPOSE : Account Opening PPF

FORMS : FORM B
PURPOSE : Contribution PPF FORM

FORMS : FORM C
PURPOSE : Partial Withdrawal PPF

FORMS : FORM D
PURPOSE : Loan PPF 

FORMS : FORM E
PURPOSE : Nomination PPF

FORMS : FORM F
PURPOSE : Change of Nomination PPF

FORMS : FORM G
PURPOSE :Claim PPF 

FORMS : FORM H 
PURPOSE : Extension
 


Report : दिल्ली विधानसभा चुनाव के हार के बाद क्या होगा मनोज तिवारी का राजनीती भविष्य?



मनोज तिवारी ने की इस्तीफे की पेशकश :
दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मंगलवार को कहा कि भविष्य में पार्टी में उनकी भूमिका पार्टी का आतंरिक मामला है. पिछले साल लोकसभा चुनाव और 2017 के निकाय चुनाव में दिल्ली भाजपा का नेतृत्व कर जीत दिलाने वाले तिवारी अग्निपरीक्षा में सफल नहीं हो पाए और उनकी पार्टी को दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के हाथों करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, और अब ये खबर आ रही है की दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खराब प्रदर्शन के बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने इस्तीफे की पेशकश की है. हालांकि, बीजेपी आलाकमान ने मनोज तिवारी को पद पर बने रहने के लिए कहा है. मनोज तिवारी ने दिल्ली में 48 सीटें जीतने का दावा किया था, लेकिन बीजेपी को महज 8 सीटें मिली हैं.




बीजेपी आलाकमान ने ठुकराई इस्तीफे की पेशकश :

सूत्रों की माने तो बीजेपी आलाकमान ने मनोज तिवारी के इस्तीफे की पेशकश को इसलिए ठुकरा दिया, क्योंकि दिल्ली में विधानसभा चुनाव के चलते बीजेपी के संगठन के चुनाव को टला गया था. अब संगठन चुनाव के बाद नए प्रदेश की नियुक्ति होगी. हार के बाद ही मनोज तिवारी ने जिम्मेदारी ली थी और कहा था कि मेरा सीना तैयार है.दिल्ली की प्रत्येक लोकसभा सीट में दस विधानसभा क्षेत्र होते हैं. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है और तिवारी अध्यक्ष पद पर यह अवधि पूरी कर चुके हैं और उनका कार्यकाल विस्तारित कर दिया गया था. पार्टी सूत्रों का कहना है कि तिवारी की जगह किसी नए चेहरे को मौका दिया जा सकता है और उन्हें केंद्र सरकार या पार्टी में कोई अन्य जिम्मेदारी दी जा सकती है.




क्यों हो रही है सोशल मीडिया पर मनोज तिवारी की फजीहत :
रअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर किए गए तमाम एग्जिट पोल में आम आदमी पार्टी के हाथों में सत्ता जाती दिख रही थी और बीजेपी को झटका लगने वाला अनुमान जताया गया था. इसके बाद दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष और उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने एग्जिट पोल के दावों को खारिज करते हुए कहा था कि हमारे ट्वीट को संभाल के रख लीजिए, सभी एग्जिट पोल फेल होंगे.

मनोज तिवारी ने ट्वीट किया था, ''ये सभी एग्ज़िट पोल होंगे fail...मेरी ये ट्वीट सम्भाल के रखियेगा...बीजेपी दिल्ली में 48 सीट लेकर सरकार बनायेगी .. कृपया EVM को दोष देने का अभी से बहाना ना ढूँढे.''

इतना ही नहीं वोटों की गिनती से पहले दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मीडिया से बात की थी और कहा था कि मैं नर्वस नहीं हूं, बीजेपी के दफ्तर में जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं. उन्होंने कहा कि हम सत्ता में आ रहे हैं और हैरानी नहीं होगी अगर हम 55 सीट जीत जाएं.गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के मंगलवार को आए नतीजों में 'आप' ने 70 विधानसभा सीटों में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की. विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बाकी के 8 सीटों पर कब्जा जमाया वहीं कांग्रेस खाता नहीं खोल पाई





अहमदाबाद की इस कंपनी को मिला नए संसद भवन बनाने का कॉन्ट्रैक्ट, इतने करोड़ की है लागत




नमस्कार दोस्तों फिर से एक बार स्वागत है आपका भारत आईडिया में तो दोस्तों आज हम जिस विषय पर बात करने वाले हैं वह विषय है,  अहमदाबाद की इस कंपनी को मिला नए संसद भवन बनाने का कॉन्ट्रैक्ट, इतने करोड़ की है लागत

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आवास और शहरी विकास मामलों के राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद भवन और आसपास की दूसरी ऐतिहासिक इमारतों के पुनर्विकास की योजना के मद्देनजर कहा है कि राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक के स्वरूप में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. पुरी ने कहा कि इसकी अनुमानित लागत 448 करोड़ रुपये से काफी कम है जो 229.7 करोड़ रुपए  है. कंसल्टिंग कॉस्ट आमतौर पर कुल लागत का 3 से 5 प्रतिशत होता है. फिलहाल उन्होंने इसका कोई भी आंकड़ा देने से  इनकार कर दिया है.पुरी ने शुक्रवार को संसद भवन पुनर्विकास योजना के तहत बनने वाली इमारतों के डिजाइन बनाने सहित और कामों की जिम्मेदारी गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती रिवर फ्रंट बनाने वाली कंपनी एचसीपी डिजाइन को सौंपने की जानकारी देते हुए बताया कि संसद भवन और नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक अपने मूल स्वरूप में बरकरार रहेंगे. 


इनके इस्तेमाल में बदलाव हो सकता है. पुरी ने बताया कि 1921 में संसद भवन का निर्माण शुरु हुआ था, इसलिए इस इमारत के 100 साल पूरे होने जा रहे हैं. जगह की कमी और दूसरी जरूरतों के मद्देनजर नई इमारत की जरूरत महसूस की जा रही है. 




दरअसल पुरी ने कहा कि संसद भवन, केन्द्रीय सचिवालय और राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट के बीच तीन किमी के इलाके (सेंट्रल विस्टा) के पुनर्विकास की योजना को आगे बढ़ाते हुए मंत्रालय ने इसके डिजाइन की अंतरराष्ट्रीय निविदा आमंत्रित की थी. इसमें देश दुनिया से लगभग 50 प्रस्ताव मिले. इनमें से एचसीपी सहित छह कंसल्टेंट कंपनियों के प्रस्तावित डिजाइन को चुना गया.


वहीं आवास और शहरी विकास सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने बताया कि जनता सहित सभी पक्षकारों के साथ बातचीत के बाद अगले साल मई से पहले डिजाइन को अंतिम रूप देकर बनाने का कार्य शुरु करने की निविदा जारी कर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि परियोजना का डिजाइन अगले 250 साल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुये तैयार किया जाएगा.निर्माण को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा जिसमें पहला नवंबर सेंट्रल विस्टा नवंबर 2021, संसद भवन के पुनर्विकास को साल 2022 में और केंद्रीय सचिवालय का काम साल 2024 में पूरा किया जाएगा.



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सीएए और एनआरसी पर खुल कर बात की प्रधानमंत्री मोदी जी ने पढ़े उनका दमदार भाषण।


नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे भारतीय मुसलमानों को सीएए, एनआरसी से डरने की कोई बात नहीं है: रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के साथ-साथ नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को लेकर देश में होने वाले तनावों को सार्वजनिक रूप से संबोधित किया है। पीएम मोदी ने दिल्ली में मतदाताओं को आश्वासन दिया कि सीएए और एनआरसी से कोई भी भारतीय मुसलमान प्रभावित नहीं होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में भाजपा की एक रैली में भीड़ को संबोधित कर रहे थे। आम आदमी पार्टी को दिल्ली के लोगों के लिए पर्याप्त कल्याण प्रदान करने में विफल रहने के लिए नारा देते हुए, प्रधान मंत्री का ध्यान जल्द ही नागरिकता के विवादास्पद मुद्दे पर स्थानांतरित हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की "एक झूठ फैलाया जा रहा है कि इस सरकार ने लोगों के अधिकारों को छीनने के लिए कानून लाया था," प्रधान मंत्री ने प्रतिद्वंद्वियों को अपने काम में भेदभावपूर्ण रवैया या कुछ भी खोजने की खुली चुनौती दी।




दिल्ली में मंच से उत्साहित, पीएम मोदी ने सीएए और एनआरसी के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए विपक्ष (मुख्य रूप से कांग्रेस) और "अर्बन नक्सलियों" को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मतदाताओं से उस जनादेश का सम्मान करने का आग्रह किया, जो भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनावों में  दिया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की, कुछ राजनीतिक दल अफवाहें फैला रहे हैं, लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और भावनाओं को भड़का रहे हैं।"प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर लोगों में डर पैदा करने और संशोधित नागरिकता कानून के बारे में मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं ने कभी भी धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया है।



विपक्ष को घेरते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "मैं उन लोगों को चुनौती देता हूं कि मैं जो काम कर रहा हूं, उसकी समीक्षा कर उसमे थोड़ा सांप्रदायिकता का कहर भी है, तो कृपया राष्ट्र को बताएं।"उन्होंने यह भी कहा कि एनआरसी अभ्यास के बाद हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में फर्जी सूचना फैलाई जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के कार्यकाल में NRC शासन का मसौदा तैयार किया गया था और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के कारण ही भाजपा ने इसे असम में लागू किया था।

हालाँकि, पीएम ने यह नहीं बताया कि राष्ट्रव्यापी एनआरसी लगेगा या नहीं।


पीएम मोदी ने कांग्रेस और बुद्धिजीवियों पर गलत  "गलत सूचना" फैलाने के लिए भी नारा दिया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उसके दोस्त, कुछ अर्बन नक्सली अफवाह फैला रहे हैं कि सभी मुसलमानों को डेटशन सेंटर सेंटर भेजा जायेगा ... अपनी शिक्षा का सम्मान करें, पढ़ें कि नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी क्या है। आप शिक्षित हैं," । प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत में कोई भी डिटेंशन केंद्र नहीं बनाया गया है।



मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "जो मुसलमान भारतीय धरती पर पैदा हुए हैं, उन्हें सीएए और एनआरसी से चिंतित नहीं होना चाहिए। इन दोनों चीजों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।"


प्रधानमंत्री ने कहा की विरोध प्रदर्शनों में हिंसाकरियो ने पुलिस पर हमले भी किए। "33,000 पुलिस कर्मियों ने आजादी के बाद से देश में शांति और सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। आज, आप उन्हें बेरहमी से पीट रहे हैं। जब कोई समस्या आती है, तो पुलिस आपके धर्म या जाति, मौसम या समय जो भी हो, उनकी मदद करने के लिए नहीं पूछती है। यह पहली बार है जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के बारे में एक सार्वजनिक बयान दिया है जब से यह पारित किया गया था। जबकि इससे पहले पीएम ने ट्वीट कर लोगों से हिंसा में शामिल नहीं होने को कहा था, रविवार को उन्होंने सीएए और एनआरसी को लेकर आशंकाओं को संबोधित किया।



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दिल्ली में स्कूल बैग बनाने की फैक्ट्री में आग: 35 की मौत, बचाव कार्य जारी.




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे दिल्ली में स्कूल बैग बनाने की फैक्ट्री में आग: 35 की मौत, बचाव कार्य जारी.

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रानी झांसी रोड इलाके में अनाज मंडी स्थित फैक्ट्रीरविवार सुबह आग लग गई। हादसेमें 35 लोगों की मौत हो गई।दिल्ली दमकल विभाग के मुख्य अफसर अतुल गर्ग ने बताया कि अब तक हम 50 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाल चुके हैं।ज्यादातर लोग धुएं की वजह से प्रभावित हैं।डिप्टी फायर चीफ ऑफिसर सुनील चौधरी ने बताया- आग 600 स्क्वेयर फीट के प्लॉट में लगी है। यह एक फैक्ट्री है। वहां स्कूल बैग्स, बॉटल और अन्य मटैरियल रखे गए थे।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया- समस्त संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि तत्काल आवश्यक कदम उठाएं।




दरअसल दमकल विभाग के मुताबिक, आग सुबह5:22 बजे मिनट पर लगी। 30 दमकल की गाड़ियां आग बुझाने के लिए मौके पर मौजूद हैं। वहीं, लोकनायक अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर किशोर कुमार ने कहा कि हमें अब तक 14 शवमिल चुकेहैं, डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों की देखरेख कर रही है।



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Hyderabad Encounter : गैंगरेप आरोपियों के एनकाउंटर के बाद हैदराबाद पुलिस पर बरसे फूल, महिलाओं ने बांधी राखी.




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे Hyderabad Encounter : गैंगरेप आरोपियों के एनकाउंटर के बाद हैदराबाद पुलिस पर बरसे फूल, महिलाओं ने बांधी राखी.

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हैदराबाद में हुए पशु चिकित्सक से रेप और फिर जिंदा जलाकर नृशंस हत्या के मामले में कार्रवाई के दौरान चारों आरोपियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को सीन रिक्रिएट करने के लिए वारदात वाले स्थान पर ले जाया गया था जहां से उन्होंने भागने की कोशिश की तो एनकाउंटर में चारों की मौत हो गई। बता दें कि य़े खबर सामने आने के बाद से हैदराबाद की पीड़िता के पड़ोसियों ने पुलिस को राखी बांधकर धन्यवाद किया है। 




दरअसल यहां बता दें कि आरोपी ठीक उसी फ्लाइओवर के नीचे मारे गए हैं जहां वेटरनरी डॉक्टर को जिंदा जलाया गया था। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को अदालत में याचिका दाखिल करके आरोपियों की दस दिनों की हिरासत की मांग की थी। लगातार तीन दिनों तक अभियोजन पक्ष की दलीलें सुनने के बाद सात दिनों की पुलिस हिरासत दे दी गई।



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