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छोटे बच्चो और मेलानिया ट्रंप की ये तश्वीरे आपका दिल जित लेंगी

मुख्य  बिंदु :-
  1. सर्वोदय विद्यालय पहुंचीं अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप की एक तस्वीर सामने आई है.
  2. विद्यालय में 'हैप्पीनेस क्लास' का कार्यक्रम आयोजित किया गया था फर्स्ट लेडी के लिए 
  3. इस कार्यक्रम में वो एक छात्र को गले लगा रही है और यही तश्वीर वायरल हुई है.
  4. छात्र-छात्राओं ने मेलानिया को खुद की बनाई हुई मधुबनी पेंटिंग्स भी उपहार में दी.
  5. मेलानिया ने इस दौरान कहा, "पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन से मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद.



    मेलानिया ट्रंप ने आज दिल्ली के नानकपुरा स्थिति एक सरकारी स्कूल का दौरा किया:-
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप आज दिल्ली के नानकपुरा स्थिति एक सरकारी स्कूल का दौरा किया. इस दौरान बच्चों ने मेलानिया को बिहार के फेमस मधुबनी पेंटिंग से बनी कई कलाकृति गिफ्ट किया. गिफ्ट को देख वह काफी खुश हुई और उसके बारे में मौजूद लोगों से जानकारी दी. 


    मौजूद लोगो को नमस्ते भी बोला :-
    हैप्पीनेस क्लास' का देखने के बाद मेलानिया ट्रंप ने मौजूद लोगों को नमस्‍ते बोली. इस दौरान उनका सांस्‍कृति नृत्‍य के साथ इस शानदार स्‍वागत किया गया. स्कूल के बच्चों से उन्होंने बातचीत की और पढ़ाया भी. मेलानिया ने कहा कि  हैपीनेस शब्द प्रेरणा देने वाला है. पूरी दुनिया में ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए.मेलानिया करीब एक घंटे तक स्कूल में रही. इस दौरान बच्चों के कार्यक्रम देखती रही और मुस्कुराती रही है. इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतेजाम थे. बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के दो दिवसीय दौरे पर आए हैं. आज उनके दौरे का अंतिम दिन हैं. पहले दिन वह अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप में सवा लाख लोगों को संबोधित किए. फिर आगरा में जाकर दोनों ने ताजमहल को देखा. ट्रंप के साथ बेटी और दामाद भी दौरे पर आए हैं. 


    देखे इस कार्यक्रम की कुछ बेहतरीन तश्वीरे :-
     






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    तेजप्रताप यादव का दावा बिहार के असली लालू वही है, कोई माई का लाल डाल के दिखाए जेल में.

    मुख्य  बिंदु :-
    1. तेजप्रताप यादव का दावा  बिहार के असली लालू वही है.
    2. पार्टी की कमान अभी तेजश्वी यादव के हाथों में है.
    3. तेजप्रताप ने तेजश्वी यादव को कहा घबराओ  मत तुम भी असली लालू हो.
    4. तेजप्रताप ने तेजश्वी के लिए खून का एक-एक कतरा बहाने की बात कही.
    5. तेजप्रताप ने अपने  विरोधियों को भी ललकारा और उन्हें खुली चुनौती दी गिरफ्तार करने के लिए. 
    6. तेजप्रताप ने सिर्फ अपने पापा लालू यादव और जगदानन्द अंकल से डरने की बात कही.
    7. तेजप्रताप के समर्थकों पर  भड़के जगदानन्द बाबू.



      तेजप्रताप यादव का दावा  बिहार के असली लालू वही है :-
      राजद सुप्रीम लालू प्रसाद यादव  की गैरहाजिरी में भले ही पार्टी की कमान तेजस्वी यादव (Tejashvi Yadav) के हाथों में है, पार्टी भले ही तेजस्वी को अपना भावी मुख्यमंत्री मान रही हो, लेकिन तेजप्रताप यादव का दावा है कि बिहार का असली लालू वही हैं. तेजप्रताप ने आरजेडी की पटना में हुई रैली में यह कहकर सबको हैरत में डाल दिया. खुद तेजस्वी भी एक पल के लिए सन्न रह गए थे, तभी तेजप्रताप ने छोटे भाई की ओर देखते हुए कहा कि अर्जुन आप घबराओ मत. आप भी असली लालू हैं. मैं कोई आपका मजाक नहीं उड़ा रहा, आपके लिए तो हम खून का एक-एक कतरा बहा देंगे.


      तेजप्रताप आरजेडी की रैली में पूरे फार्म में दिखे :-
      तेजप्रताप आरजेडी की रैली में पूरे फार्म में दिखे. तेजप्रताप यादव ने सबसे पहले तो अपने विरोधियों को ललकारा. उन्‍होंने कहा, 'जो लोग हमारे अर्जुन और मुझे जेल भेजने की तैयारी कर रहे हैं, अगर वो माई के लाल हैं तो हम दोनों भाइयों को गिरफ्तार करके दिखाएं. हम तो डंके की चोट पर रथ पर चढ़ेंगे और खुद तेजस्वी के रथ का सारथी भी बनेंगे. इसके बाद तेजप्रताप ने बताया कि वो आखिर किन दो लोगों से डरते हैं. तेजप्रताप अपने पापा लालू यादव से बहुत डरते हैं और उनका बहुत सम्मान भी करते हैं. उसके बाद तेजप्रताप को अपने जगदानन्द अंकल के अनुशासन से बहुत डर लगता है.


      तेजप्रताप के कार्यकर्ताओ पर भरके जगदानन्द सिंह :-
      आरजेडी की कमान जब से जगदानन्द सिंह के हाथों में आई है, तब से वह पार्टी को अनुशासित करने में जुटे हैं. कुछ हद तक जगदानन्द सिंह ने पार्टी में अनुशासन लाया भी है, लेकिन आरजेडी की रैली में तेज़-तेजस्वी के समर्थकों ने पार्टी के अनुशासन की धज्जियां उड़ा दी. फिर जो जगदानन्द सिंह भड़के, उन्होंने पार्टी के समर्थकों को यहां तक कह दिया कि अगर आप इस तरह से अनुशासन तोड़ेंगे तो उन्हें मजबूरन सभा रोकनी पड़ेगी. जगदानन्द बाबू ने मंच के पास नारा लगा रहे आरजेडी समर्थकों को खूब खड़ी खोटी सुनाई. इतने पर तेजप्रताप यादव भी भड़क गए और अपने कुछ समर्थकों को मंच पर बुलाने के लिए जगदानन्द से अड़ गए. आखिरकार जगदानन्द सिंह को लालू के लाल के सामने झुकना ही पड़ा.

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      प्रशांत किशोर को क्यों निकाला गया था बीजेपी से, या फिर यूँ कहें क्यों छोरा था प्रशांत किशोर ने बीजेपी ?

      मुख्य  बिंदु :-

      1. प्रशांत किशोर ने  नीतीश कुमार को विकास के दावों पर दी थी चुनौती.
      2. प्रशांत किशोर बिहार चुनाव में बनना चाहते है किंग मेकर। 
      3. 2011 में जुड़े थे मोदी टीम से 
      4. प्रशांत किशोर हेल्थ प्रोफेशन में भी कर चुके है काम 
      5. प्रशांत किशोर पेपर प्रकाशित के जरिये एक कारोबारी की मदद से  मिले थे मोदी से 
      6. 2012  गुजरात चुनाव में कर चुके  है बीजेपी के लिए काम 
      7. 2014 के बीजेपी की प्रचंड जित में निभाई थी अहम् भूमिका 
      8. किशोर चाहते थे PMO में एंट्री 
      9. इसी वर्ष CAA पर पार्टी लाइन से अलग राय रखने के कारन निकाले गए थे JDU से 
      10. प्रशांत किशोर है अवसरवादी : बीजेपी नेता 



      विकास के मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने दिया था नितीश को चैलेंज :-
      चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने बीते दिनों एक प्रेस वार्ता कर बिहार सरकार और मुखिया नीतीश कुमार  को चुनौती दी थी. उन्होंने राज्य सरकार और उसके द्वारा किये जा रहे विकास के दावों को भी खारिज किया था. CAA पर जनता दल युनाइटेड से अलग राय देने वाले किशोर को इसी साल जनवरी में पार्टी से निकाल दिया गया था. इसके बाद से ही वह नए सियासी घर की तलाश में हैं. माना जा रहा है कि इस साल होने वाले बिहार चुनाव 2020 (Bihar Election 2020) में वह नीतीश और बीजेपी के विरोध में गठबंधन बनाना चाह रहे हैं. इसी कड़ी में वह कई नेताओं से मुलाकात भी कर चुके हैं.


      किशोर चाहते थे PMO में एंट्री:-
      बिहार में जन्मे किशोर ने यूपी में पढ़ाई पूरी की. साल 2011 में टीम मोदी में एंट्री पाने वाले किशोर ने संयुक्त राष्ट्र के लिए हेल्थ प्रफेशनल के तौर पर अफ्रीकी देश चाड में काम कर चुके हैं. गुजरात (Gujarat) के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की नजर उन पर तब गई जब उन्होंने गुजरात में कुपोषण के मुद्दे पर एक पेपर प्रकाशित किया था. साल 2011 में मोदी की किशोर से मुलाकात हुई और साल 2012 के गुजरात चुनाव में किशोर ने काम किया और फिर मोदी के करीब हो गए.साल 2014 में जब बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया तब किशोर अपनी टीम के साथ दिल्ली आ गए और यहां से बीजेपी (BJP) के लिए वॉर रूम बना कर प्रचार प्रसार का जिम्मा संभाला. अंग्रेजी अखबार द संडे इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की जीत के बाद किशोर चाहते थे कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में एंट्री मिले.लेकिन उनके मनमुतबित काम ना होने के कारण पार्टी से थी नाराजगी 


      बीजेपी नेता ने प्रशांत किशोर को बताया अवसरवादी :-
      रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किशोर की कंपनी I-PAC के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि वह (किशोर) सरकार में लैटरल एंट्री के समर्थक थे. उन्होंने ही इस बारे में प्रधानमंत्री को आइडिया दिया था. सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया कि पीके अपनी टीम के साथ पीएमओ में एक टीम का नेतृत्व करतना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री ने खुद इस योजना में दिलचस्पी दिखाई थी.भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने किशोर को महत्वाकांक्षी बताते हुए अवसरवादी तक कहा. बीजेपी नेता ने बताया - साल 2011 में एक रियल स्टेट कारोबारी ने नरेंद्र मोदी से किशोर की मुलाकात कराई थी, तब उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि किशोर की महत्वाकांक्षा है कि वह राजनीति में आगे बढ़ें. किशोर लंबे समय तक लोगों से चुनावी रणनीतिकार और एक कंपनी चलाने वाले शख्स के तौर पर मुलाकात करते हैं. उनका कोई सिद्धांत नहीं है. वह सिर्फ अवसरवादी हैं.'और
      एक्स्ट्रा ज्ञान  
      जहाँ तक अवसरवादी होने की बात है तो अवसरवादी लोग हमेशा पैसो को महत्वा देते है, न की राष्ट्र को. उदहारण की तौर पर नितीश कुमार  अवसरवादी है किन्तु क्षेत्र के हिसाब से अवसरवादी लोग अपनी चाल चलते है.नितीश कुमार कुर्सी के लोभ में अवसरवादी है तो प्रशांत किशोर पैसो के लिए अवसरवादी है जो पैसो के लिए पार्टियों का प्रचार करते है.


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      बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को दी कड़ी चेतावनी पढ़े पूरी रिपोर्ट.

      मुख्य  बिंदु :-
      • बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गिरिराज सिंह को चेताया.
      • गिरिराज सिंह के बयानों  पर नाराजगी जताई.
      • बेवजह की बयानबाजी से बचने की सलाह दी.
      • हाल ही में गिरिराज सिंह ने देवबंद को आतंक की गंगोत्री कहा था.
      • पार्टी को लगता है कि दिल्ली में हार का कारण उसकी बयानबाजी रही थी.
      • दिल्ली चुनाव में हार के कारण पार्टी कर रही है डैमेज कंट्रोल



      बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गिरिराज सिंह को चेताया:-
      बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को तलब किया है. सूत्रों के मुताबिक, जेपी नड्डा ने गिरिराज सिंह को बेवजह बयानबाजी से बचने को कहा है. उन्होंने गिरिराज सिंह के बयानों पर नाराजगी जताई. हाल ही में गिरिराज सिंह ने देवबंद को लेकर विवादित बयान दिया था. उन्होंने देवबंद को 'आतंक की गंगोत्री' कहा था. दरअसल, बीते मंगलवार को गिरिराज सिंह सहारनपुर पहुंचे थे. यहां पर उन्होंने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि बड़े आतंकवादी सब यहीं से निकले हैं, फिर वो चाहे हाफिज सईद ही क्यों न हो.


      नागरिकता कानून पर गिरिराज सिंह ने  दिए थे तीखे बयान :-
      नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा था, "यह सीएए के खिलाफ नहीं बल्कि भारत के खिलाफ हैं क्योंकि अगर CAA के खिलाफ होता तो, शाहीनबाग से शरजिल इमाम की ये आवाज नहीं निकलती कि हम भारत को असाम से काट देंगे और भारत को कमजोर करने का काम करेंगे. इतना ही नहीं भारत में इस्लामिक राष्ट्र बना देने तक की बात कह डाली. शाहीन बाग से शरजिल इमाम यह नहीं बोलता कि हमारी कौम से जो टकराया है वह बर्बाद हो गया है. वहां से अफजल गुरू और याकूब मेमन के नारे नहीं लगते. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि बच्चों और औरतों में जहर भरा जा रहा है."


      बीजेपी कर रही है डैमेज कंट्रोल:-
      विवाद बढ़ने पर उन्होंने कहा था, "मेरा बयान सही है और यदि किसी को बयान से दिक्कत है तो वह यूपी पुलिस से उस सूची के बारे में पूछ सकता है कि कितने लोग आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त हैं."  दिल्ली चुनाव में भी बीजेपी पार्टी के नेताओं ने विवादित बयान दिए थे जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा. अब पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है.


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      पटना में 60 लाख की डकैती, जाते-जाते लिख गए डकैत- भाभी जी बहुत अच्छी हैं, लेकिन भैया.




      नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे पटना में 60 लाख की डकैती, जाते-जाते लिख गए डकैत- भाभी जी बहुत अच्छी हैं, लेकिन भैया.

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      पटना, बिहार (Bihar) की राजधानी पटना (Patna) में डकैतों (Robbers) ने पुलिस को खुली चुनौती दी है. मामला राजधानी के पत्रकार नगर इलाके के हनुमान नगर से जुड़ा है जहां डकैत, 60 लाख की संपत्ति लूट कर ले गये. इस दौरान डकैतों ने घर के सभी सदस्यों को कैद कर दिया और बारी-बारी से कई भाईयों के फ्लैट्स को खंगाला. 

      डकैती की इस घटना को अंजाम देने के बाद जाते-जाते डकैत शीशे पर भी मैसेज छोड़ गए. डकैतों ने लिखा- भाभी जी बहुत अच्छी हैं.




      दरअसल ड्रेसिंग टेबल के शीशे पर लिखा मैसेज:
      घर में घुसे डकैतों ने इस घटना को अंजाम देने के दौरान नगदी, जेवर और कीमती सामान को लूटा. मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को मिली तो पुलिस भी मामले की जांच के लिए मौके पर पहुंची. 

      अभी तक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक इस घटना को अंजाम देने वाले डकैत काफी देर तक घर में मौजूद रहे. डकैतों ने जहां शीशे पर भाभी जी की तारीफ की वहीं गृहस्वामी के लिए भी अभद्र शब्द लिखे. इस घटना को पांच-छह की संख्या में रहे डकैतों ने अंजाम दिया है.



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      बिहार में 40 हजार शिक्षकों की भर्ती, नौकरी चाहिए तो यहां देखे पूरा शड्यूल




      नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे जॉब्स के बारे में ।

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      मांगी गई जरूरी योग्यता:
      आपको हाईस्कूल शिक्षक पद में आवेदन करने के लिए स्नातक और बीएड के साथ एससीईटी-1 उत्तीर्ण होना चाहिए। इसके अलावा 12वीं या इंटरमीडिएट के लिए स्नातकोत्तर, बीएड के साथ एसटीईटी-2 उत्तीर्ण होने की अर्हता रखी गई है.

      जरूरी नहीं बीएड:
      संगीत, नृत्य, ललितकला, कंप्यूटर या शारीरिक शिक्षक के पद के लिए आवेदन करना है तो इसके लिए बीएड होना जरूरी नहीं. इसमें उम्मीदवार को संबंधित विषयों में प्रशिक्षण की डिग्री होनी जरूरी है. जिन क्षेत्रों के लिए आप आवेदन कर रहे हैं, उनमें आपके पास विशेष प्रशिक्षण लेना चाहिए.







      ये होगी आयुसीमा:
      आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए. इसके अलावा अधिकतम आयु सीमा सामान्य प्रशासन द्वारा हर वर्ग और लिंग के मुताबिक अलग-अलग निर्धारित है. ध्यान रहे कि इसमें दिव्यांग व बीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को 10 वर्ष की छूट का भी प्रावधान है. अभ्यर्थी को तय समय पर इसे भेजना होगा.

      पूरा शेड्यूल
      खाली पदों के साथ अतिरिक्त पदों की गणना: 29 जुलाई, 2019 तक

      नियोजन से संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारियों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण: 3 अगस्त, 2019

      जिला स्तर पर नियोजन से जुड़े कर्मियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण: 6 अगस्त, 2019

      रिक्त पदों के मुताबिक विषयवार रोस्टर पंजी तैयार करना: 9 अगस्त, 2019 तक

      क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक के स्तर पर रोस्टर क्लीयरेंस: 16 अगस्त, 2019 तक

      जिला द्वारा कोटिवार विषयवार रिक्ति की सूचना नियोजन इकाई को प्रेषित करना: 21 अगस्त, 2019 तक

      नियोजन इकाई द्वारा कोटिवार विषयवार रिक्ति की सूचना का प्रकाशन: 26 अगस्त, 2019 तक

      आवेदन करने की तारीख: 27 अगस्त, 2019 से 26 सितंबर, 2019 तक

      मेरिट लिस्ट तैयार होगी: 27 सितंबर, 2019 से 9 अक्टूबर, 2019 तक

      फाइनल मेरिट लिस्ट जारी होगी: 15 नवंबर, 2019

      जिला स्तर पर नियोजन इकाई द्वारा काउंसलिंग के बाद नियोजन पत्र जारी करना: 29 नवंबर, 2019



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      तैयार रहिए, बिहार में होने वाला है बड़ा खेल, ‘गुमशुदा’ तेजस्वी की है कारस्तानी




      नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे तेजस्वी यादव के बारे में को शायद बिहार कि राजनीति को पलटने कि तैयारी में है ।

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      क्या बिहार की सियासत में कोई बड़ा खेल होने वाला है. और क्या ये खेल वो तेजस्वी यादव करने वाले हैं, जिनको पिछले कई दिनों से किसी ने देखा ही नहीं है. ऐसा हम इसलिए बोल रहे हैं, क्योंकिजन अधिकार पार्टी के सुप्रीमो और पूर्व सांसद पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव के बिहार से गायब रहने को लेकर बड़ा बयान दिया है.

      पप्पू यादव के मुताबिक अंदर ही अंदर कोई बड़ा खेल चल रहा है और जल्द ही बिहार की राजनीति में बड़ा उलट- पुलट देखने को मिलेगा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी भी नीतीश कुमार की तरह अकेले में आत्म मंथन कर रहे हैं.




      पप्पू यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव के बारे में तो आरजेडी के लोग ही बता पाएंगे. आखिर अंदर ही अंदर क्या खेल चल रहा है. वो कहां गुटरगूँ कर रहे हैं. इन लोगों ने लालू की राजनीति को समाप्त करने की कोशिश की जा रहा है.

      जाहिर है, पप्पू यादव बिहार की राजनीति के बड़े महारथी हैं. उनकी किसी भी बात को हल्के में नहीं लिया जा सकता. ऊपर से तेजस्वी का यूं गायब रहना भी सवाल तो पैदा करता ही है.



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      रात में टहल रही दो बहनों के साथ 8 लोगों ने किया बलात्कार : नीतीश कुमार अभी खामोश




      नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे ऐसे कुकर्म के बारे में जिसको सोच आपकी रूह कांप जाएंगी ।

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      बिहार में सड़क किनारे टहल रहीं दो सगी बहनों से आठ लोगों के रेप करने का मामला सामने आया है. आरोपियों ने घटना के दौरान लड़कियों का वीडियो भी बना लिया. शुक्रवार को पीड़ित बहनों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी.ये मामला बिहार के सीतामढ़ी जिले के कन्हौली क्षेत्र का है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार की रात 8 बजे दोनों नाबालिग लड़कियां सड़क पर टहल रही थीं. इसी दौरान एक महिला ने उन्हें सरेह की तरफ चलने को कहा.

      महिला के साथ आगे बढ़ने के कुछ देर बाद ही आरोपियों ने लड़कियों को पकड़ लिया और उन्हें अपने साथ ले गए. आठ युवकों ने लड़कियों के साथ रेप किया. हालांकि, जिस महिला के साथ लड़कियां टहल रही थीं, वह भाग निकली.




      बुरी हालत में लड़कियों के घर पहुंचने पर मां को घटना की जानकारी मिली. पीड़ित लड़कियों के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया. लड़कियों को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया. एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने कमलेश कुमार, अनिल कुमार, सुजीत कुमार, नागेंद्र कुमार, राजू कुमार, पशुराम कुमार व गोविंदा कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है. गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापे मार रही है. 



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      तेजस्वी के मुजफरपुर में लगे पोस्टर, लिखा ढूंढ़ के लाने वाले को 5100 रुपए का इनाम।




      नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करने वाले है तेजस्वी यादव के बारे ने जो की लोकसभा चुनाव से लगातार विलुप्त नजर आ रहे है ।

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      बिहार के 16 जिलों में चमकी बुखार (मस्तिष्क ज्वर) से इस महीने की शुरुआत से 600 से अधिक बच्चे प्रभावित हुए हैं, जिनमें से अबतक 136 बच्चों की मौत हो चुकी है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. मुजफ्फरपुर जिले में सबसे अधिक अब तक 117 बच्चों की मौत हुई है. इसके अलावा भागलपुर, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सीतामंढी और समस्तीपुर से भी मौतों के मामले सामने आए हैं. 

      मुजफ्फरपुर की घटना पर लोग शासन-प्रशासन के रवैये पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं. इस बीच मुजफ्फरपुर में आरजेडी नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टर में लिखा है, 'लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही तेजस्वी यादव लापता हैं'. पोस्टर में उन्हें ढूंढकर लाने वाले को इनाम देने की घोषणा भी की गई है. 





      आपको बता दें कि ये पोस्टर तमन्ना हाशमी नाम के सामाजिक कार्यकर्ता की ओर से लगाए गए हैं. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद से ही तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) सक्रिय रूप से नजर नहीं आए हैं. इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. पिछले दिनों जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता रघुवंश प्रसाद सिंह से पूछा गया कि बिहार में आप विपक्षी पार्टी हैं, आखिर आपके विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव कहां पर हैं.

      बिहार राज्य में इतनी बड़ी घटना देशभर में चिंता का सबब बनी हुई है. क्या उनकी संवेदना खत्म हो गई है? उनकी तरफ से एक ट्वीट तक भी नहीं आ रहा है. इस पर रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा, ''मुझे यह नहीं पता कि वह कहां है, शायद वह विश्वकप देखने गए हैं, लेकिन हम अनुमान लगा रहे हैं मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं हैं.''



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      तेजस्वी अज्ञातवास में, तेज प्रताप संभालेंगे कमान, राजभवन तक मार्च का ऐलान




      नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे तेजप्रताप के बारे में जिन्होने चमकी बुखार पर खुद कमान संभाली है ।

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      तेजस्वी यादव के अज्ञातवास में चले जाने के बाद उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव ने कमान संभाल ली है. तेजप्रताप यादव ने चमकी बुखार में सामने आई सरकारी अव्यवस्था के खिलाफ 23 जून को राजभवन तक मार्च करने का ऐलान किया है. जाहिर है इस मुद्दे को लेकर आरजेडी ने पुतला फूंकने के अलावा कोई विरोध नहीं जताया है. ऐसे में तेजस्वी ने तेज प्रताप के अनुपस्थिति में राजभवन तक मार्च करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि यह मार्च आरजेडी छात्र करेंगे.

      बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव ने राज्य सरकार पर चमकी बुखार से निपटने में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. शुक्रवार को रांची जाने से पहले तेजप्रताप यादव ने कहा कि चमकी बुखार मामले में सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है और चमकी बुखार से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाए गए. उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशील तरीके से इस तरह के बड़े मामले को देखना चाहिए. अभी तक जो चीजें सामने आई हैं, उसमें सरकार पूरी तरह फेल नजर आ रही है. बता दें, तेजप्रताप ने ऐलान किया था कि चमकी बुखार में फेल सरकारी व्यवस्था को लेकर आरजेडी छात्र 23 जून को राजभवन मार्च करेंगे.




      तेजस्वी यादव लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद से अज्ञातवास में हैं. तो वहीं लालू के बड़े बेटे विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत कर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं. चाहे पार्टी के द्वारा आयोजित इफ्तार हो या फिर पार्टी का कार्यक्रम. पिता को जन्मदिवस पर बधाई देने का मौका हो या फिर चमकी बुखार पर बयान. सब की कमान तेजप्रताप ने थाम रखी है. इसी कड़ी में लालू प्रसाद यादव के बड़े लाल तेज प्रताप यादव अपने पिता से आशीर्वाद लेने रांची रवाना हो गए हैं.



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      नितीश का धर्म के नाम पर फिर से तुस्टीकरण, अब राज्यसभा में बीजेपी को किनारे करने की तैयारी




      नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम इस लेख में बात करेंगे
      नितीश कुमार की तुस्टीकरण की राजनीती के बारे में जहाँ उनकी पार्टी की तरफ से ये साफ़ कहा गया है की उनकी पार्टी राजयसभा में तीन तलाक बिल के मुद्दे को समर्थन नहीं देगी। 

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      तीन तलाक बिल पर बीजेपी के साथ नहीं : JDU  
      बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की अध्यक्षता वाली पार्टी और एनडीए की सहयोगी जेडीयू ने संसद के आगामी बजट सत्र में तीन तलाक पर लाए जाने वाले बिल का विरोध करने का फैसला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और नितीश कुमार में हाल ही मंत्री बनाए गए श्याम रजक ने समाचार एजेंसी आईएनएस से कहा कि उनकी पार्टी तीन तलाक बिल के खिलाफ कानून का विरोध करती रही है और आगे भी उनकी पार्टी का यही रुख कायम रहेगा। रजक ने कहा कि तीन तलाक बिल का मुद्दा एक सामाजिक मुद्दा है और इसे उस समाज के लोगो द्वारा ही सुलझाया जाना चाहिए।

      उन्होंने कहा कि जेडीयू ने पहले भी तीन तलाक के खिलाफ लाए गए बिल का राज्यसभा में विरोध किया था।




      नितीश कुमार ने पहले भी किया है तीन तलाक के बिल का विरोध 
      बता दें कि कुछ दिनों पहले भी नितीश कुमार ने खुले आम तीन तलाक बिल का विरोध किया था। इसके अलावा नीतीश ने यह भी साफ किया था कि उनकी पार्टी अनुच्छेद 370 की समाप्ति, समान नागरिक संहिता लागू करने और अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए खुले तौर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत या कोर्ट के फैसले के जरिए समाधान चाहती है।

      नितीश कुमार जानते हैं कि राज्य सभा में सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं है जिससे कि वह इस विधेयक को सदन सेपास करा सके। वहीं जेडीयू के कुल छह राज्य सभा सांसद हैं। दरअसल, नितीश कुमार ऐसा कर न केवल मुस्लिमों के हितैषी बने रहना चाहते हैं बल्कि वो स्पष्ट संदेश भी जेना चाहते हैं कि बीजेपी की प्रचंड जीत के बावजूद उनका नजरिया नहीं बदला है।


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      केंद्र को फिर से आंख दिखाई नीतीश ने कहा केंद्र अपनी योजनाओं को बिहार ने बंद करे।




      बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र की योजनाओं को बंद करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि यह हमारा नीतिगत विचार है, हर राज्य का अपना स्कीम होनी चाहिए. नीतीश कुमार ने कहा कि इस मामले को हम लोगों ने वित्त आयोग के सामने भी रखा है और 15 जून को नई दिल्ली में होने वाली नीति आयोग की बैठक में भी इसे रखेंगे.




      पटना में नीतीश कुमार ने कहा कि सेंट्रल स्पोर्सड स्कीम बंद होनी चाहिए, जिसमें राज्य सरकार को 40-50 प्रतिशत राशि अपनी लगानी होती है, लेकिन नाम केंद्र का होता है. अगर केंद्र को पूरे देश में कोई स्किम चलाना हो तो सेंट्रल सेक्टर स्किम होना चाहिए जिसमें राज्यों पर कोई भार न पडे.






      बिहार से उठी आवाज हमारा नेता कैसा हो गिरिराज सिंह जैसा हो, बढ़ी नीतीश की मुश्किलें !




      मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री और अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले गिरिराज सिंह को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग उठी है. ये मांग भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता और गिरिराज के समर्थकों ने रवि

      वार को की. गिरिराज के सैकड़ों समर्थकों ने नारा लगाया कि ऐसा ही हो सीएम हमारा और अगला मुख्यमंत्री कैसा हो, गिरिराज सिंह जैसा हो. गिरिराज के समर्थन में ये नारे तब लगे जब वह लोकसभा चुनाव जीतने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र बेगूसराय पहुंचे.




      पार्टी के एक नेता ने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक गिरिराज को बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं. बीजेपी कार्यकर्ता और गिरिराज के समर्थकों की ये मांग वर्तमान मुख्यमंत्री और जनता दल-यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार के लिए अगले साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों से मुश्किलें बढ़ाने वाली है. 




      गिरिराज सिंह ने हाल ही में नीतीश कुमार, लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने के लिए निशाना साधा था. बता दें कि नीतीश कुमार की जेडीयू और पासवान की एलजेपी बीजेपी की सहयोगी पार्टियां हैं.





      कौन है ये बिहार के IAS अफसर जो बने अमित शाह के प्राइवेट सेक्रेटरी ?




      अमित शाह को बतौर गृहमंत्री देश की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस जिम्मेदारी के साथ ही उनकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. आइए जानें उस IAS अफसर के बारे में जिन्हें अमित शाह की सुरक्षा के लिए चुना गया है. कौन हैं बिहार के ये IAS अफसर, जो बने अमित शाह के प्राइवेट सेक्रेटरी  साकेत कुमार को जुलाई 2023 तक गृहमंत्री अमित शाह का प्राइवेट सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है. वह 2009 बैच बिहार कैडर के आईएएस ऑफिसर है।






      पिछले साल उन्हें मनोज सिन्हा के प्राइवेट सेक्रेटरी के रूप में चुना गया था. मनोज सिन्हा उस वक्त मिनिस्टर ऑफ कम्युनिकेशंस (स्वतंत्र प्रभार) और मिनिस्टर ऑफ स्टेट (MoS), रेलवे के मंत्री थे. साकेत कुमार मूल रूप से बिहार के मधुबनी से हैं. उनके पिता कॉलेज के प्रोफेसर हैं. साकेत ने अपनी स्कूलिंग मधुबनी के डॉन बॉस्को स्कूल और दिल्ली के मॉडल स्कूल से की है. उन्होंने हिंदू कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन की है. साकेत ने दूसरे अटेंप्ट में आईएएस की परीक्षा पास कर ली थी. 



      नीतीश फिर से पलटने कि तैयारी में, प्रशांत किशोर के जरिए बनाई रणनीति, ममता भी है शामिल। ।




      जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर का पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सलाहकार बनने के बाद फिर से चर्चा तेज हो गई है कि मोदी और नीतीश में सब कुछ सही नहीं चल रहा है।माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी से कड़ी टक्‍कर मिलने के बाद ममता पश्चिम बंगाल में बीजेपी के खिलाफ प्रशांत किशोर के साथ चुनावी रणनीति बनाएंगी। बता दें कि प्रशांत किशोर ने टीएमसी के साथ अगले विधानसभा चुनाव में काम करने का समझौता कर लिया है। प्रशांत किशोर ने बाकायदा टीएमसी के साथ कांट्रैक्ट भी साइन किया है और आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में वह बतौर रणनीतिकार ममता के लिए काम करेंगे। जाहिर है प्रशांत किशोर के इस फैसले के बाद एक अहम सवाल भी खड़ा हो रहा है। सवाल ये कि क्या इसके लिए नीतीश कुमार ने भी उनको सहमति दे दी है?






      दरअसल, ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही प्रशांत किशोर ने पटना और दिल्ली में नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इसके बाद ही उनके ममता बनर्जी के लिए काम करने की खबरें सामने आईं हैं।गुरुवार को जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने बताया कि प्रशांत किशोर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में इस तरह की कोई भी बात बिना राष्ट्रीय अध्यक्ष की इजाजत के संभव नहीं है।




      जाहिर है जेडीयू में वही होगा जो नीतीश कुमार चाहेंगे। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या नीतीश कुमार ने ही प्रशांत किशोर को ऐसा करने के लिए कहा है।