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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मुसलमानों ने लिखा पत्र, की यह बड़ी अपील




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे उस पत्र के बारे में जो कोलकाता के मुसलमानों द्वारा ममता बैनर्जी को लिखा गया है ।

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कोलकाता के मुसलमानों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को एक पत्र लिखा है. पत्र में उन्होंने कोलकाता में डॉक्टरों पर हाल में हुए हमलों और मॉडल उशोषी सेनगुप्ता के साथ अपने समुदाय के कुछ सदस्यों द्वारा छेड़छाड़ किए जाने को देखते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा, 'हम हाल में हुई दो घटनाओं को लेकर बेहद चिंतित हैं...दोनों मामलों में हमलावर हमारे समुदाय से थे. हम व्यथित और शर्मिंदा हैं.





' कोलकाता के रहने वाले, 46 जानेमाने मुसलमानों ने कहा, 'सिर्फ इन दो मामलों में ही नहीं, बल्कि जितने भी मामलों में मुसलमान शामिल हों, उन पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाए. उन्हें सिर्फ इसलिये नहीं बख्श दिया जाना चाहिए क्योंकि वे मुसलमान हैं. इससे यह संदेश जाएगा कि किसी समुदाय के सदस्यों को न तो बचाया जा रहा है और ना ही उनका तुष्टिकरण किया जा रहा है.'

उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह कोलकाता में मुसलमान युवाओं और उनके परिवारों को लैंगिक मुद्दों पर संवेदनशील बनाने, कानून के अनुपालन करने और नागरिक दायित्वों का बोध कराने के लिए कार्यशाला और कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें इनसे जोड़े. ममता बनर्जी को लिखे पत्र का मसौदा तैयार करने वाले संचार विशेषज्ञ मुदार पथेरया ने कहा कि सरकार को वोटबैंक की राजनीति छोड़कर, आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुद्दों का समाधान करना चाहिए.



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बंगाल में फिर हिंसा 2 की मौत, ममता बैनर्जी ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे बंगाल के बारे में जहां हिंसा काम होने का नाम ही नहीं ले रही है ।

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कोलकाता से कुछ दूर स्थित भाटपुरा में  गुरुवार को फिर हिंसा हुई है. यहां एक नाबालिग लड़के की गोली मारकर हत्या कर दी गई. उसकी उम्र महज 17 साल थी. इस मामले में कुल 2 लोगों की मौत हुई है और 3 लोग घायल हुए हैं. अज्ञात लोगों के बीच गुरुवार सुबह विवाद हुआ था. नाबालिग लड़के का नाम रामबाबू शा था और वह पानी-पुरी बेचता था. जो तीन लोग घायल हुए हैं उनकी हालत गंभीर है और उनका हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक इस विवाद में देसी बम और गोलियां चलीं. 




पुलिस ने हालात पर काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. वहीं कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया कि पुलिस को हालात पर नियंत्रण करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है. 


यह घटना उत्तर 24 परगना जिले में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस द्वारा नए पुलिस स्टेशन की बिल्डिंग का उद्घाटन करने से कुछ घंटे पहले ही घटी. पुलिस अधिकारी जब रास्ते में थे, उससे कुछ देर पहले ही बम धमाका हुआ. इसके बाद उनका काफिला पलट गया और वापस कोलकाता चला गया. लोकसभा चुनावों के दौरान भी पश्चिम बंगाल में हिंसा के मामले सामने आए थे.



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बंगाल में अब टीएमसी और कांग्रेस के बीच खूनी लड़ाई, टीएमसी के 3 कार्यकर्ता की मौत




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे पश्चिम बंगाल के बारे में जहां अब टीएमसी और कांग्रेस के बीच झरप हुई है जिसमें टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता मारे गए है ।

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टीएमसी और कांग्रेस के बीच झरप
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद  में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई है। इसमें टीएमसी के तीन कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। स्थानीय सूत्र और पुलिस के  मुताबिक शनिवार सुबह टीएमसी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।

इसमें टीएमसी कार्यकर्ता खैरुद्दीन शेख और सोहेल राणा और एक अन्य कार्यकर्ता की मौत हो गई ।ईससे पहले लोकसभा चुनाव से पहले ढोमकोल पंचायत समिति के अल्ताफ हुसैन की भी हत्या कर दी गई थी। इस घटना के मुख्य आरोपी को कुछ दिन बाद रिहा कर दिया गया था।




घटना के बाद भारी पुलिस बल तैनात 
बताया जा रहा है कि सोहेल राणा अल्ताफ हुसैन का बेटा है और खैरुद्दीन शेख उसका बड़ा भाई है। इस घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। कार्यकर्ताओं की मौत के पीछे टीएमसी ने कांग्रेस का हाथ बताया है।

खैरुद्दीन के बेटे ने कहा कि हम सो रहे थे, तभी अचानक घर पर बम से हमला हुआ। उन्होंने हमारे पिता पर हमला किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले मेरे चाचा की भी हत्या कर दी गई थी। उन्होंने इस हत्या के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया है।



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बंगाल में बिगड़ती जा रही है स्थिति, ममता बैनर्जी ने अब बेंगौली कार्ड खेल उठाया ये बरा मुद्दा




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बंगाल की बिगड़ती हालत पर चर्चा करेंगे और जानेंगे की इस नाजुक स्थिति में भी ममता कैसे बेंगाली कार्ड खेल रही है ।

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पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की पिटाई से  स्थिति और बिगड़ी 
पश्चिम बंगाल में स्थिति बिगड़ती ही जा रही है। वहीं, बिगड़ती स्थिति को संभालने की जगह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी राजनीति को चमकाने में जुटी हुई हैं। राज्य चुनाव के बाद से जारी हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री राज्य में व्याप्त अशांति के लिए भारतीय जनता पार्टी व गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। हकीकत यह है कि राज्य पुलिस की बागडोर हाथ में होने के बाद भी ममता बनर्जी स्थिति को संभालने में नाकाम साबित हो रही हैं। इसी बीच डाक्टरों की पिटाई के मामले ने एक नया बखेड़ा शुरू कर दिया है।राज्य के डाक्टर हड़ताल पर चले गए हैं। डाक्टर सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहे हैं तो राज्य सरकार की ओर से उन पर कार्रवाई की बात कही जा रही है। 

डाक्टरों को काम पर लौटने का आदेश दिया जा रहा है। ऐसे में बंगाल के डाक्टरों के समर्थन में दिल्ली के भी डाक्टर भी सामने आ गए हैं। उन्होंने भी विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। 



केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्द्धन से मुलाकात की 
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्द्धन से मुलाकात कर एम्स के रेसिडेंट डाक्टरों ने बंगाल में डाक्टरों की सुरक्षा का मामला उठाया। ममता सरकार के रवैये से नाराज नॉर्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के 119 डॉक्टरों के अब तक इस्तीफा देने की सूचना है।डा. हर्षवर्द्धन ने कहा है कि बंगाल के डाक्टरों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। उन्हें काम पर लौटना चाहिए, ताकि मरीजों को इलाज कराने में दिक्कत न हो। 

ममता बैनर्जी ने खेला बेंगली कार्ड दिये ये बयान 
ममता बनर्जी ने इसी बीच बांग्ला कार्ड खेल दिया है। उन्होंने कहा है कि मैं बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली आदि जगहों पर जाती हूं तो वहां की भाषा में बात करती हूं। बंगाल में आकर लोग बांग्ला में क्यों नहीं बात करते। मैं बाहरी अपराधियों को बंगाल में मोटरसाइकिल पर घूमने नहीं दूंगी। यहां का माहौल खराब करने की कोशिश नहीं करने दूंगी। अब ममता बनर्जी के इस बयान पर हंगामा मचना तय है।





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पश्चिम बंगाल में हिंसा पर संबित पात्रा ने तोड़ी चुप्पी, ममता बनर्जी को लेकर दिया ये बयान ...




पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच वर्चस्व की जंग हिंसक होती जा रही है। दोनों दल एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में और आगे विधानसभा चुनावों में वर्चस्व स्थापित करने के लिए एक दूसरे से भिड़ रहे हैं। हालांकि ये जंग सियासी से हिंसक होती जा रही है। बंगाल में जारी हिंसा पर राजनीति भी तेज हो गई है। टीवी 9 भारतवर्ष के डिबेट शो में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ दी है। उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दे दिया है।




पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के दौर से ही हिंसा जारी है जो थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगातार सियासी जंग जारी है। हालांकि वहां जारी हिंसा पर गृह मंत्रालय ने ममता सरकार से रिपोर्ट मांग ली और सरकार से स्थिति पर काबू पाने के निर्देश दिए। राज्य के राज्यपाल ने भी पीएम और गृहमंत्री से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट सौंप दी।





टीवी9 भारतवर्ष के डिबेट शो में पहुंचे भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने चुप्पी तोड़ दी। उन्होंने ममता बनर्जी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वो कहती हैं कि मैं लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ रही हूं। संबित ने कहा कि क्या वहां जारी हिंसा ही लोकतंत्र को बचाना है। भाजपा प्रवक्ता बोले कि चुनाव नतीजे आने के बाद से 15 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। वहीं राष्ट्रपति शासन की बात पर उन्होंने ये भी कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। अगर वो इसमें फेल होती हैं को राष्ट्रपति शासन की चर्चा होना स्वाभाविक है।




ममता बैनर्जी की खुली धमकी, जो भी मेरे विरुद्ध जाएगा उसको बख्शा नहीं जाएगा ।




पश्चिम बंगाल की 'स्थिति' पर चर्चा के लिए राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सोमवार को मुलाकात के बाद राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, "जो भी मेरी सरकार को तोड़ने की कोशिश करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने कहा, "एक घायल बाघ मरे हुए बाघ से ज़्यादा खतरनाक होता है।"गृह मंत्रालय को जवाब देते हुए ममता सरकार ने कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने में राज्य मशीनरी की तरफ से कोई नाकामी नहीं हुई है। वहीं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपी है।





जय श्री राम के नाम के नारे पर सत्रुधन सिन्हा उतरे ममता के बचाव में और दिया ये घटिया बयान !!




पश्चिम बंगाल इस समय भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच जंग का अखाड़ा बन चुका है। दोनों दलों के समर्थकों में जमकर हिंसा भी हो रही है और शनिवार को चार बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत भी हो गई थी। ममता को लगातार जय श्रीराम लिखे पोस्टकार्ड भेजे जा रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ममता बनर्जी के समर्थन में आ गए हैं। एनडीटीवी न्यूज वेबसाइट के मुताबिक उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर जय श्रीराम लिखे पोस्टकार्ड पर चुप्पी तोड़ दी और बड़ा बयान दे दिया है।




इस वजह से भेजे जा रहे हैं ममता को पोस्टकार्ड
ममता बनर्जी को पोस्टकार्ड भेजने की वजह उनके साथ घटी दो घटनाएं हैं जिनमें अपने सामने जय श्रीराम का नारा लगते ही ममता नाराज हो गईं। वहीं एक मामले में तो पुलिस ने नारे लगा रहे लोगों को गिरफ्तार तक कर लिया। इसी मुद्दे को बीजेपी ने उछाल दिया और ममता बनर्जी को श्रीराम के नारे का विरोध करने वाला बता दिया। इस घटना के बाद से ही पूरे देश से ममता को जय श्रीराम लिखे पोस्टकार्ड भेजे जा रहे हैं। हालांकि ममता कह चुकी हैं कि उनको राम के नाम से नहीं बल्कि राम के नाम पर हो रही राजनीति से समस्या है।





कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है। पोस्टकार्ड के मुद्दे पर वो सीएम ममता बनर्जी के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने ट्विट में कहा कि ममता बनर्जी को बिना किसी वजह के उकसाना ठीक बात नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अंग्रेजी में इनफ इज इनफ भी कह दिया। वहीं शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि राम के नाम पर हो रही सियासत बंद होनी चाहिए। वो बोले कि चुनाव के बाद ममता बनर्जी का अपमान किया जा रहा है औऱ इसको देश की जनता देख रही है।




बंगाल में खूनी जंग जारी, 3 BJP और 1 TMC कार्यकर्ता की मौत




राजनीतिक वर्चस्व की आग में झुलसते बंगाल में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के नाजट इलाके में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में चार लोगों के मारे जाने व तीन के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। खबरों को अनुसार हिंसक झड़प में मारे जाने लोगों में 3 भारतीय जनता पार्टी और 1 तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने इन मौतों के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस बल भेजा गया है।




सूत्रों के अनुसार दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच भगवा झंडे को हटाने के लिए झड़प हुई। मामले के बाद मुकुल रॉय के नेतृत्व में भाजपा का प्रतिनिधिमंडल उत्तर 24 परगना जा रहा है। भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय ने कहा कि पार्टी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घटना की जानकारी देगी क्योंकि बंगाल में भाजपा के कार्यकर्ताओं पर हिंसा के लिए तृणमूल ही जिम्मेदार है। वहीं, टीएमसी ने दावा किया कि उसका भी एक कार्यकर्ता मारा गया है।






नीतीश फिर से पलटने कि तैयारी में, प्रशांत किशोर के जरिए बनाई रणनीति, ममता भी है शामिल। ।




जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर का पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सलाहकार बनने के बाद फिर से चर्चा तेज हो गई है कि मोदी और नीतीश में सब कुछ सही नहीं चल रहा है।माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी से कड़ी टक्‍कर मिलने के बाद ममता पश्चिम बंगाल में बीजेपी के खिलाफ प्रशांत किशोर के साथ चुनावी रणनीति बनाएंगी। बता दें कि प्रशांत किशोर ने टीएमसी के साथ अगले विधानसभा चुनाव में काम करने का समझौता कर लिया है। प्रशांत किशोर ने बाकायदा टीएमसी के साथ कांट्रैक्ट भी साइन किया है और आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में वह बतौर रणनीतिकार ममता के लिए काम करेंगे। जाहिर है प्रशांत किशोर के इस फैसले के बाद एक अहम सवाल भी खड़ा हो रहा है। सवाल ये कि क्या इसके लिए नीतीश कुमार ने भी उनको सहमति दे दी है?






दरअसल, ये सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि कुछ दिन पहले ही प्रशांत किशोर ने पटना और दिल्ली में नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। इसके बाद ही उनके ममता बनर्जी के लिए काम करने की खबरें सामने आईं हैं।गुरुवार को जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक ने बताया कि प्रशांत किशोर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। ऐसे में इस तरह की कोई भी बात बिना राष्ट्रीय अध्यक्ष की इजाजत के संभव नहीं है।




जाहिर है जेडीयू में वही होगा जो नीतीश कुमार चाहेंगे। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या नीतीश कुमार ने ही प्रशांत किशोर को ऐसा करने के लिए कहा है।




जय श्री राम के नारे पर हेमा मालिनी का ममता दीदी पर तीखा वार, संस्कारो पर कह दी इतनी बरी बात ?




आरसीए कॉलेज में एक कार्यक्रम में पहुंची सांसद हेमा मालिनी ने विज्ञान प्रयोगशाला का शिलान्यास किया। पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में सांसद हेमा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला।




गुरुवार को आरसीए गर्ल्स डिग्री कॉलेज में मथुरा की सांसद हेमा मालिनी विज्ञान प्रयोगशाला के शिलान्यास कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं। यहां पहुंचने के बाद छात्राओं ने सांसद का जोशीला स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान सांसद हेमा ने मीडिया से बात करते हुए कहा मैंने जो वादा किया था आरसीए कॉलेज के लिए उसे पूरा किया और रेखा से मैं 50 लाख रुपए की राशि इस प्रयोगशाला के लिए लेकर आई। यहां की छात्राएं प्रयोगशाला में अपने भविष्य को सवारेंगी।




वहीं हेमा मालिनी से जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के जय श्रीराम कहने पर नाराज होने के बाबत सवला किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘पता नहीं उसके दिमाग में क्या चल रहा है।‘ सांसद हेमा का यह भी कहना है कि अगर ममता बनर्जी को परिवार से संस्कार सही मिले होते तो शायद ममता जय श्रीराम पर चिड़ती नहीं। फिर भी श्रीराम उसका भी बुरा नहीं करेंगे। श्रीराम तो भव सागर से पार लगाने वाले हैं।




ममता बनर्जी ने बीजेपी दफ्तर का ताला तुड़वाया, दीवार पर पेंट किया टीएमसी का चिह्न, देखे वीडियो ।

                                     
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सांसद बनते ही शादी करने जा रही है ये सांसद, जाने कौन है ये सांसद?




17वीं लोकसभा में 78 महिला सांसद जीतकर संसद पहुंची हैं। इनमें से एक एक्ट्रेस से सासंद बनीं नुसरत जहां। पश्चिम बंगाल की बशीरहाट लोकसभा सीट से नुसरत ने बड़ी जीत हासिल की। बीते दिनों नुसरत अपने कपड़ों को लेकर ट्रोल हो गई थीं। अब खबर आ रही हैं नुसरत जल्द शादी करने जा रही हैं।नुसरत जहां कोलकाता बेस्ड बिजनेसमैन निखिल जैन से शादी रचाने जा रही हैं। यह शादी एक डेस्टिनेशन वेडिंग होगी, जिसका आयोजन इस्तांबुल में किया जाएगा। इस बात की जानकारी खुद नुसरत जहां ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दी है।




नुसरत जहां ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इस तस्वीर में वो रिंग पहने नजर आ रही हैं और उनका हाथ किसी ने थाम रखा है। इस तस्वीर को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा है, 'जब आखिरकार सच सपने से बेहतर हो, जिंदगी में एक-दूसरे को थामे रखना।'बीते दिनों ट्रोल होने को लेकर एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए नुसरत ने कहा था, 'ट्रोलिंग के लिए बस मुझे शुक्रिया कहना है। मेरा मानना है कि लोग आपको पसंद करते हैं, इसलिए ट्रोल करते हैं।'






Breaking News : ममता बैनर्जी नहीं रहेंगी अब मुख्यमंत्री कि इस्तीफे की पेशकश !!



क्या है खबर ?
लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) में प्रदेश में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का प्रदर्शन घोर निराशाजनक रहा है. टीएमसी के सांसदों की संख्या साल 2104 के 34 के मुकाबले इस बार घटकर 22 रह गई है. इन सबके बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सीएम पद से अपने इस्तीफे की पेशकश की है. ममता बनर्जी ने कहा कि टीएमसी की बैठक से पहले ही मैंने साफ कर दिया था कि मैं मुख्यमंत्री के रूप में कार्य जारी नहीं रखना चाहती हूं.

ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों ने हमारे खिलाफ काम किया. राज्य में इमरजेंसी जैसे हालात बना दिए गए. उन्होंने कहा कि हिंदू-मुस्लिम को बांटा गया और इसके चलते वोट भी बंट गए. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हमने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की लेकि, कोई कार्रवाई नहीं की गई. 

भगवा पार्टी का जनाधार अचानक बढ़ने से हैरान तृणमूल कांग्रेस खेमा बंट गया है. स्थानीय नेताओं ने शीर्ष पार्टी पदों पर काबिज लोगों की ‘‘दूरदर्शिता की कमी’’ और उनके ‘‘अहंकार भरे रवैये’’ को खराब चुनावी प्रदर्शन के पीछे की मुख्य वजह बताया. हालांकि, टीएससी का वोट प्रतिशत इस बार बढ़ा है. उसे 2014 के 39 प्रतिशत के मुकाबले इस बार 43 प्रतिशत वोट मिले हैं लेकिन, वह दक्षिण बंगाल के आदिवासी बहुल जंगलमहल और उत्तर में चाय बागान वाले क्षेत्रों में अपना गढ़ बचाए रखने में नाकाम रही.



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ममता ने दुर्गा पूजा के लिए दिए इतने करोड़ के फंड।

आपको बता दे नवरात्री शुरू हो चुकी है और इसी बिच पश्चिम बंगाल से अच्छी खबर आ रही है और वो अच्छी खबर क्या है आइये हम जानते है। 

दरअसल नवरात्री के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने 28 करोड़ का फण्ड देने का फैसला किया था लेकिन इस फैसले में याचिका के बाद कोर्ट ने अर्चन लगा थी पर अब ये अर्चन हट चुकी है। 

 ममता ने दुर्गा पूजा के लिए दिए इतने करोड़ के फंड।

कलकत्ता हाई-कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार के नवरात्री के लिए 28 करोड़ के फंड पर से अंतरिम रोक हटा दी है। कोर्ट ने मामले में दखल देने से इंकार करते हुए जनहित याचिका को ख़ारिज कर दिया है। 

दरअसल याचिका में धर्म के आधार पर सरकारी फंड की बरबादी की बात थी। 

सम्पादक : विशाल कुमार सिंह 

झारखण्ड सरकार की मंत्री ने दी ममता को आंख निकालने की धमकी।


आये दिन ममता बनर्जी से कोई न कोई विवाद जुड़ ही जाता है, इस बार ममता बनर्जी जिस विवाद में फँसी है वो झारखण्ड से ज़ुरा हुआ है, दरअसल मसानजोर बांध जो की झारखण्ड और बंगाल के बॉर्डर पर स्थित्त है उसको लेकर विवाद शुरू हुआ है। ममता बनर्जी पर आरोप है की पश्चिम बंगाल सरकार ने दो दिन पहले  मसानजोर बांध के दीवारों को नीले और सफ़ेद रंग से रंगवा दिया था और झारखण्ड ने इसका विरोध करते हुए रंगाई  का काम बंद करवा दिया था। झारखण्ड सरकार का आरोप है की ममता सरकार  मसानजोर बांध को अपने पार्टी के रंग से रंगवा रही थी साथ ही साथ पर्यटकों को रिझाने के लिए एक बोर्ड ममता सरकार की तरफ से लगा दिया गया था जिसमे लिखा हुआ था वेलकम टू  मसानजोर बांधवेस्ट-बंगाल।

झारखण्ड सरकार की मंत्री ने दी ममता को आंख निकालने की धमकी।


भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओ द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के मजदूरों को झारखण्ड के दुमका जिले में स्थित  मसानजोर बांध की दीवारों की रंगाई रोकने के बाद झारखण्ड की मंत्री लुइस मरांडी ने मसानजोर बांध की तरफ देखने का दुस्साहस करने वालो की आंख निकाल लेने  धमकी दी है, और उन्होंने ये भी कहा की वह पश्चिम बंगाल सरकार  की किसी भी गलत काम को बर्दास्त नहीं करेंगी। उन्होंने कहा की पश्चिम बंगाल सरकार के साथ हुई डील की मियाद अब फ़ैल हो चुकी है, इसलिए पश्चिम बंगाल सरकार अपनी हद में रहे।

सम्पादक : विशाल कुमार सिंह 

एनआरसी मामले पर ममता की खुद की पार्ट में आया दरार, 2 लोगो ने छोरी पार्टी :


असम में एनआरसी मामले पर विपक्छी  को एकजुट करने में लगी टीएमसी की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की ही पार्टी में बगावत हो गयी है, असम में टीएमसी के दो नेताओ ने पार्टी छोर दी है। टीएमसी छोड़ने वाले नेता दिगंत शौकिया और प्रदीप पचौनी ने कहा की ममता बनर्जी को एनआरसी की वास्तिविकता नहीं पता है और उन्होंने एनआरसी की बिना सच्चाई जाने ही इसका विरोध किया है। दिगंत शौकिया ने कहा की ममता बनर्जी जो कह रही है उसमे और असम की जमीनी सच्चाई में जमीन आश्मान का फर्क है। 


क्या था ममता का बयान :
आपको हम बता दे की तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी का भी इस मुद्दे पर बयान आया था और एनआरसी के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए थे।  ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर कंस्टीटूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम 'LOVE FOR NEIGHBOUR' विषय पर बोलते हुए कहा था की एनआरसी मसौदा लागु करने के पीछे बीजेपी की एक बरी चाल छुपी हुई है और ऐसा हम पश्चिम बंगाल में कतई नहीं होने देंगे।  ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा की एनआरसी के बहाने सरकार देश को बांटने की कोशिश कर रही है, इससे लोग आपस में लड़ेंगे, खून खराबा होगा और देश  गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा हो जायेंगे।


क्या है मामला :
आपको जैसा कि हमने पहले बतया था की, असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एनआरसी का दूसरा एवं अंतिम मसौदा को सोमवार को जारी किया गया, आपको जानकार हैरानी होगी की इसमें 3.29 करोड़ लोगो में से 2.89 करोड़ लोग योग्य पाए गये है इसके अलावा 40 लाख लोगो का अता पता ही नहीं है, ये वो लोग है जो अवैध रूप से भारत  में रह रहे है, जो या तो भारतीय शायद हो सकते है या फिर बांग्लादेशी है। ये आंकड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी किये गए है, सरकार का कहना है की ये सिर्फ मसौदा है अंतिम सूचि नहीं है। एनआरसी के रजिस्ट्रार का कहना है की जिन लोगो का नाम पहले मसौदे में था और दूसरे मसौदे से गायब है, उन्हें एनआरसी व्यक्तिगत पत्र भेजेगी ताकि वो अपना दावा पेश कर सके।असम में नागरिकता को लेकर सोमवार को एनआरसी की और से दूसरा मसौदा जारी किया गया जिसमे अवैध रूप से भारत में रहने वालो की संख्या 40 लाख के करीब पाई गयी है। इस मामले पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह का बयान आया है की लोग ज्यादा घबराये नहीं क्युकी ये अंतिम सूचि नहीं है, अंतिम सूचि आने तक का लोग इंतजार करे। राजनाथ सिंह ने कहा की कुछ लोग इस मुद्दे के आधार पर बेवजह का डर का माहौल बना रहे है, उन्होंने इस रिपोर्ट को निस्पक्छ बताया है.

सम्पादक : विशाल कुमार सिंह 

आसाम में एनआरसी मामले पर ममता ने दिया गृहयुद्ध होने जैसा बयां दिया।

असम में एनआरसी के मुद्दे पर पुर देश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। मंगलवार को इस मुद्दे पर सदन में जम कर हंगामा हुआ नौबत ऐसी आगयी की सदन को अनिश्चित काल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में हंगामे के चलते बीजेपी के प्रमुख अमित साह  को भी बोलने का मौका नहीं मिला। इस मुद्दे पर तमाम विपक्छी दल सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी का भी इस मुद्दे पर बयान आया है और एनआरसी के मुद्दे पर ममता बनर्जी ने सरकार पर गंभीर आरोप भी लगाए है। ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर कंस्टीटूशन क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम 'LOVE FOR NEIGHBOUR' विषय पर बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा एनआरसी मसौदा लागु करने के पीछे बीजेपी की एक बरी चाल छुपी हुई है और ऐसा हम पश्चिम बंगाल में कतई नहीं होने देंगे।  ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा की एनआरसी के बहाने सरकार देश को बांटने की कोशिश कर रही है, इससे लोग आपस में लड़ेंगे, खून खराबा होगा और देश  गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा हो जायेंगे।


 आपको जैसा कि हमने पहले बतया था की, असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एनआरसी का दूसरा एवं अंतिम मसौदा को सोमवार को जारी किया गया, आपको जानकार हैरानी होगी की इसमें 3.29 करोड़ लोगो में से 2.89 करोड़ लोग योग्य पाए गये है इसके अलावा 40 लाख लोगो का अता पता ही नहीं है, ये वो लोग है जो अवैध रूप से भारत  में रह रहे है, जो या तो भारतीय शायद हो सकते है या फिर बांग्लादेशी है। ये आंकड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी किये गए है, सरकार का कहना है की ये सिर्फ मसौदा है अंतिम सूचि नहीं है। एनआरसी के रजिस्ट्रार का कहना है की जिन लोगो का नाम पहले मसौदे में था और दूसरे मसौदे से गायब है, उन्हें एनआरसी व्यक्तिगत पत्र भेजेगी ताकि वो अपना दावा पेश कर सके।असम में नागरिकता को लेकर सोमवार को एनआरसी की और से दूसरा मसौदा जारी किया गया जिसमे अवैध रूप से भारत में रहने वालो की संख्या 40 लाख के करीब पाई गयी है। इस मामले पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह का बयान आया है की लोग ज्यादा घबराये नहीं क्युकी ये अंतिम सूचि नहीं है, अंतिम सूचि आने तक का लोग इंतजार करे। राजनाथ सिंह ने कहा की कुछ लोग इस मुद्दे के आधार पर बेवजह का डर का माहौल बना रहे है, उन्होंने इस रिपोर्ट को निस्पक्छ बताया है।

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अमित साह का बयान एनआरसी मुद्दे पर घुसपैठियों को बचाने की कोशिस का रही है कांग्रेस।


एनआरसी से के मुद्दे पर संसद में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ, ये मुद्दा  बढ़  बीजेपी के प्रमुख अमित साह को अपनी  मौका ही नहीं मिला। हंगामे को देखते हुए सभा को अनिश्चित  लिए स्थगित कर दी गयी लेकिन सदन से बाहर मीडिया से बात करते हुए अमित साह ने कहा की यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा की विरोधी दलों के कारण मुझे अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला साथ ही साथ अमित साह ने कहा की कांग्रेस सिर्फ सवाल करना चाहती है लेकिन उसको जवाब सुनना पसंद नहीं है, कांग्रेस देश के विकाश पर चर्चा नहीं करना चाहती है। अमित साह ने आगे अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा की जिन लोगो का नाम एनआरसी में नहीं है वो भारतीय नहीं हैऔर जिनको लगता है की उनके साथ गलत हुआ है तो वो अगली लिस्ट का इंतजार करे अभी जो लीस्ट आयी है वो फाइनल लीस्ट नहीं है। अमित साह ने ये भी कहा की कांग्रेस घुसपैठियों का बचाओ करना चाहती है  को भांग  कोशिश कर रही है।

आपको हम बतादे की, असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर एनआरसी का दूसरा एवं अंतिम मसौदा को सोमवार को जारी किया गया, आपको जानकार हैरानी होगी की इसमें 3.29 करोड़ लोगो में से 2.89 करोड़ लोग योग्य पाए गये है इसके अलावा 40 लाख लोगो का अता पता ही नहीं है, ये वो लोग है जो अवैध रूप से भारत  में रह रहे है, जो या तो भारतीय शायद हो सकते है या फिर बांग्लादेशी है। ये आंकड़े सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जारी किये गए है, सरकार का कहना है की ये सिर्फ मसौदा है अंतिम सूचि नहीं है। एनआरसी के रजिस्ट्रार का कहना है की जिन लोगो का नाम पहले मसौदे में था और दूसरे मसौदे से गायब है, उन्हें एनआरसी व्यक्तिगत पत्र भेजेगी ताकि वो अपना दावा पेश कर सके।असम में नागरिकता को लेकर सोमवार को एनआरसी की और से दूसरा मसौदा जारी किया गया जिसमे अवैध रूप से भारत में रहने वालो की संख्या 40 लाख के करीब पाई गयी है। इस मामले पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह का बयान आया है की लोग ज्यादा घबराये नहीं क्युकी ये अंतिम सूचि नहीं है, अंतिम सूचि आने तक का लोग इंतजार करे। राजनाथ सिंह ने कहा की कुछ लोग इस मुद्दे के आधार पर बेवजह का डर का माहौल बना रहे है, उन्होंने इस रिपोर्ट को निस्पक्छ बताया है।

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पश्चिम बंगाल का नाम बदला जा रहा है विधानसभा में प्रस्ताव पारित :

पश्चिम बंगाल का फिर से एक बार नाम करण होने जा रहा है जिहां आपने सही सुना इस बार पश्चिम बंगाल का नाम बदल कर ' बांग्ला 'किया जायेगा, और नाम बदलने की ये प्रक्रिया अपने आखरी चरण पर पहुँच चूका है। इस आशय का प्रस्ताव राज्य विधानसभा में पारित किया गया है और राज्य के सभी दलो ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अब इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा जायेगा जहाँ केंद्र फैसला लेगी की पश्चिम बंगाल का नाम बदला जायेगा की नहीं,  इसके साथ ही ये भी स्पष्ट हो गया है की सभी भासाओ में इसका नाम ' बांग्ला ' ही रहेगा। आज से तक़रीबन 2 वर्ष पूर्व भी ममता सरकार ने नाम बदलने का प्रयास किया था लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पायी।

दरसअल त्रिमूल कांग्रेस सरकार ने अलग-अलग भासाओ में 3 नाम सुझाये थे जिसमे बंगाली में बांग्ला, हिंदी में बंगाल और अंग्रेजी में BANGAL का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था। लेकिन बाद में केंद्र ने एकरूपता के आधार पर एक ही कोई नाम रखने का सुझाव दिया था। ममता बनर्जी ने नाम बदलने का विचार उस वक़्त सुरु किया जब उन्होंने पाया की राज्यों की सूचि में नाम के आधार पर पश्चिम बंगाल निचे आता है जिसके कारण मीटिंग में मुख्यमंत्री का बोलने का नंबर या तो सबसे अंत में आता था नहीं तो आता ही नहीं था।

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