हम राजनीती एवं इतिहास का एक अभूतपूर्व मिश्रण हैं.हम अपने धर्म की ऐतिहासिक तर्क-वितर्क की परंपरा को परिपुष्ट रखना चाहते हैं.हम विविध क्षेत्रों,व्यवसायों,सोंच और विचारों से हो सकते हैं,किन्तु अपनी संस्कृति की रक्षा,प्रवर्तन एवं कृतार्थ हेतु हमारा लगन और उत्साह हमें एकजुट बनाये रखता है.हम एक ऐसे प्रपंच में कदम रख रहें हैं जहां हमारे धर्म,शास्त्रों नियमों को कुरूपता और विकृति के साथ निवेदित किया जा रहा है.हम अपने धार्मिक ऐतिहासिक यथार्थता को समाज के सामने स्पष्ट करना चाहते है,जहाँ पुराने नियम प्रसंगगिक नहीं रहे.हम आपके विचारों के प्रतिबिंब हैं,हम आपकी अभिव्यक्ति के स्वर हैं और हम आपको निमंत्रित करते हैं,आपका अपना मंच 'BHARATIDEA' पर,सारे संसार तक अपना निनाद पहुंचायें!

अमृतसर हादसा सिद्धू फैमिली का करीबी है दहन का आयोजक



नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका भारत आइडिया में तो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं बीते दिन पंजाब के अमृतसर हुए ट्रेन हादसे के बारे में कि आखिर किसकी चूक से हुई है घटना, क्या सच में इस घटना में सिद्धू फैमिली का करीबी है दहन का आयोजक.

अमृतसर हादसा सिद्धू फैमिली का करीबी है दहन का आयोजक

क्या है मामला :
आपको बता दें दोस्तों की पंजाब में अमृतसर के पास शुक्रवार को रावण दहन के दौरान एक भयावह ट्रेन हादसा हुआ जिसमें तकरीबन 61 लोगों की जान चली गई, यह रावण दहन का कार्यक्रम सौरभ मदन द्वारा आयोजित किया गया था जो की वार्ड काउंसलर विजय मदन के पति हैं. काउंसलर विजय मदन को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू के परिवार का करीबी भी माना जाता है शायद इसीलिए कार्यक्रम में सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर को मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था.




नवजोत सिंह सिद्धू का क्या है कहना :
इस घटना के बाद अमृतसर के पूर्व सांसद और राज्य सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि हादसे से मैं काफी दुखी हूं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रेल को हॉर्न देना चाहिए था क्योंकि पास में रावण दहन हो रहा था. उन्होंने कहा इस मामले की जांच ऊपरी स्तर तक होगी, वहीं चश्मदीदों के मुताबिक कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू रावण दहन के इस कार्यक्रम में मौजूद थी और जैसे ही हादसा हुआ वह मौके से भाग कर सुरक्षित जगह पर पहुंच गई.




नवजोत कौर का बहाना :
लेकिन नवजोत कौर ने कहा है कि वहां से निकलने के 15 मिनट बाद उन्हें हादसे के बारे में पता चला और वह घटनास्थल पर लौटने के लिए तैयार थी लेकिन कमिश्नर ने बताया कि वहां पथराव हो रहा है और इसी वजह से वह अस्पताल जाकर घायलों का हालचाल लेने लगी.




सरकार ने रखा  1 दिन का सोक :
कल बीते घटना में ट्रेन जालंधर से अमृतसर आ रही थी तभी जोड़ा फाटक पर यह भीषण हादसा हुआ मौके पर ही तकरीबन 61 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. आपको बता दें कि जब यह हादसा हुआ तब पटरी के दोनों तरफ तकरीबन 300 लोग मौजूद थे.अधिकारियों के मुताबिक रावण के पुतले को आग लगाने और पटाखे फूटने के बाद भीड़ में से कुछ लोग रेल की पटरियों की ओर बढ़ना शुरू हो गए जहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग खड़े होकर रावण दहन देख रहे थे और उसी बीच ट्रेन आई और यह हादसा हुआ. सरकार ने इस दुखद घटना के लिए 1 दिन का सोक रखा है तथा दफ्तर और शिक्षण संस्थान भी शनिवार को बंद रखे गए हैं.




किसने दिए कितने मुआवजे :
वही इस घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और अमरिंदर सिंह ने कहा है कि अभी मुझे नहीं पता है कि रेलवे स्टेशन के बगल में रावण का पुतला जो बनाया गया और किस की परमिशन से बनाया गया लेकिन मैं इसका विश्वास जरूर दिला सकता हूं इसकी उच्च स्तरीय की जांच होगी. हादसे में मृतकों के लिए प्रधानमंत्री ने ₹200000 तथा घायलों के लिए 50000 मुआवजे की घोषणा की है वहीं पंजाब सरकार ने मृतकों के लिए ₹500000 की मुआवजे की घोषणा की है.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेलवे ड्राइवर ने कहा है कि रावण जलने की वजह से आसपास काफी धुवा था और घटनास्थल पर रोशनी की व्यवस्था नहीं थी इसलिए उसे कुछ दिखाई नहीं दिया.


संपादक : विशाल कुमार सिंह

About