An Idea To Make Our Country VishwaGuru

Find Out More Purchase Theme Find Out More Purchase Theme

Our Services

Lovely Design

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Praesent feugiat tellus eget libero pretium, sollicitudin feugiat libero.

Read More

Great Concept

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Praesent feugiat tellus eget libero pretium, sollicitudin feugiat libero.

Read More

Development

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Praesent feugiat tellus eget libero pretium, sollicitudin feugiat libero.

Read More

User Friendly

Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Praesent feugiat tellus eget libero pretium, sollicitudin feugiat libero.

Read More

Recent Work

Showing posts with label BJP. Show all posts
Showing posts with label BJP. Show all posts

Wednesday, 6 January 2021

UP में सरकार लापरवाह : वाराणसी में साइकिल से कोरोना वैक्सीन लेकर पहुंचे अस्पताल

यूपी के सभी जिलों में प्रशिक्षित वैक्सीनेटर्स के माध्यम से कोविड वैक्सीन का ड्राई रन (मॉक ड्रिल) मंगलवार को शुरू हाे गया। इस दौरान वाराणसी में तैयारियों की पोल उस समय खुली जब कर्मचारी वैक्सीन को साइकिल पर लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां पर वैक्सीन रखे जाने की बात कही जा रही है हालांकि वहां पुलिस की तैनाती जरूर की गई थी लेकिन वैक्सीन को अस्पताल तक पहुंचाने की पूरी तैयारी नहीं की गई। चौकाघाट कोरोना वैक्सीन केंद्र से वैक्सीन महिला अस्पताल साइकिल से पहुंचाई गई। वहीं महिला अस्पताल में जब वैक्सीन पहुंची तो वहां भी तैयारी नहीं थी। वैक्सीन आने के बाद वहां पर मेज आदि व्यवस्थित किए गए।




क्या कहा प्रशासन ने :-

साइकिल से वैक्सीन के बारे में पूछने पर वाराणसी के सीएमओ डॉ वीबी सिंह का कहना है पांच केंद्रों पर वैन से वैक्सीन गई है। केवल महिला अस्पताल में साइकिल  से वैक्सीन कैरियर लेकर आया है।  हर जिले में 6-6 स्थानों पर वैक्सीनेशन के लिए ड्राई रन आयोजित हो रहे हैं। ड्राई रन के दौरान किसी को भी कोई वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है बल्कि केवल वैक्सीन लगाने का मॉक ड्रिल किया जा रहा है। इसके बाद बावजूद कई जिलों में अलग-अलग अव्यवस्था देखने को मिली।



वैक्सिन लगने की प्रक्रिया क्या है :

सभी जिलों में ड्राई रन मुख्य रूप से पांच चरणों में है। पहले चरण में वैक्सीन लगवाने वाले का आइडेंटिफिकेशन, उसके बाद उसके लिए वैक्सिन की वायल लगाने वाले स्वास्थ्यकर्मी को देना फिर वैक्सीन लगवाने वाले की आईडी लॉग इन करना और उसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाना। वैक्सीनेशन के बाद वैक्सीन लगवाने वाले को एक वैक्सीनेशन कार्ड दिया जाएगा। इस कार्ड में जिस दिन वैक्सीनेशन हुआ, उस दिन का  विवरण और अगले 28वें दिन लगने वाली दूसरी डोज़ की तारीख अंकित होगी। वैक्सीनेशन के बाद प्रत्येक व्यक्ति को 30 मिनट तक ऑब्जरवेशन में रखा जाएगा।



ऐसी तमाम खबर पढ़ने और वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे पेज को अभी लाइक करे,कृपया पेज लाईक जरुर करे :- 




आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 


Thursday, 27 February 2020

दिल्ली हिंसा पर सुनवाई टली,कपील मिश्रा पर बेबुनियाद आरोप, पढ़े पूरी खबर

समाचार के मुख्य बिंदु :-

  1. दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है.
  2. दिल्ली पुलिस ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है.
  3. हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 13 अप्रैल तक का समय दे दिया है.
  4. हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय को दिल्ली हिंसा मामले में पक्षकार बनाए जाने की दलील को मंजूरी दी.
  5. केंद्र और दिल्ली पुलिस के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा भड़काऊ बयानों पर नहीं हो सकती करवाई.
  6. याचिकाकर्ता केवल तीन भड़काऊ बयानों को चुनकर कार्रवाई की मांग नहीं कर सकता.
  7. इन तीन हेट स्पीच के अलावा कई और हेट स्पीच है, जिसको लेकर शिकायत दर्ज कराई गई.
  8. हम हिंसा को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं : तुषार मेहता.
  9. केंद्र को पक्षकार बनाया जाए या नहीं ये कोर्ट को तय करना है, याचिकाकर्ता को नहीं : तुषार मेहता.
  10. कल तक हमने 11 और आज 37 एफआईआर दर्ज किया. कुल 48 एफआईआर दर्ज किए गए है : तुषार मेहता.


    दिल्ली  हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई  शुरू हो गई है:-
    दिल्ली( Delhi)  हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) में सुनवाई शुरू हो गई है. दिल्ली पुलिस(Delhi Police) ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है. इस पर हाई कोर्ट ने 13 अप्रैल तक का समय दे दिया है. तब तक केंद्र सरकार(central government) को भड़काऊ भाषण पर रिपोर्ट सौंपनी होगी. अब मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी. इसके साथ ही हाई कोर्ट(Delhi High Court) ने केंद्र सरकार यानी गृह मंत्रालय(Ministry of Home Affairs) को दिल्ली हिंसा मामले में पक्षकार बनाए जाने की दलील को मंजूरी दी.केंद्र और दिल्ली पुलिस के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता(Solicitor General Tushar Mehta) ने कहा कि कल कोर्ट ने आदेश जारी कर जवाब मांगा था कि जो भड़काऊ बयान दिए गए थे उनपर करवाई की जाए, जबकि ये बयान 1-2 महीने पहले दी गई. याचिकाकर्ता(The petitioner ) केवल तीन भड़काऊ बयानों को चुनकर कार्रवाई की मांग नहीं कर सकता.

    हम हिंसा को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं : तुषार मेहता :-
    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता(Solicitor General Tushar Mehta) ने कहा कि हमारे पास इन तीन हेट स्पीच के अलावा कई और हेट स्पीच( hate speech) है, जिसको लेकर शिकायत दर्ज कराई गई. याचिकाकर्ता(The petitioner) ने चुनिंदा सिर्फ तीन वीडियो का हवाला दिया है. एक जनहित याचिका में ऐसा नहीं होता. केंद्र (Center) को पक्षकार बनाया जाए या नहीं ये कोर्ट(court ) को तय करना है, याचिकाकर्ता(The petitioner) को नहीं. हम हिंसा को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.केंद्र की इस दलील पर याचिकाकर्ता की ओर से बोले वकील कोलिन गोंजाल्विश(Colin Gonzalvish) ने कहा कि सबसे पहले आज ही सभी के खिलाफ एफआईआर(FIRs ) दर्ज हों, फिर फटाफट गिरफ्तारी भी हो..


    हमारे पास कई और क्लिप्स:-
    तुषार मेहता(Tusshar Mehta) ने कहा कि मौजूदा माहौल इस बात के लिए उपयुक्त नहीं है कि हम चुनिंदा तरीके से उन्हीं तीन वीडियो ( बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा की स्पीच) (Speeches by BJP leaders Kapil Mishra, Anurag Thakur and Pravesh Verma) को देखे. इस पर चीफ जस्टिस डीएन पटेल(Chief Justice DN Patel) ने पूछा कि 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं ? जवाब देते हुए सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता(Solicitor General Tushar Mehta ) ने कहा कि कल तक हमने 11 और आज 37 एफआईआर दर्ज किया. कुल 48 एफआईआर दर्ज किए गए है. याचिकाकर्ता इस पर एफआईआर चाहता है कि कपिल मिश्रा( Kapil Mishra ) ने ऐसा किया या वारिस पठान ने ऐसा किया. मौत या आगजनी या लूटपाट होने पर हमें एफआईआर(FIR) दर्ज करनी होती है. अन्य मुद्दों में समय लगता है.


    ऐसी तमाम खबर पढ़ने और वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे:-

      





    आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 


    दिल्ली में आईपीएस अफसरों पर गिरी गाज अब तक 5 का तबादला...............

    समाचार के मुख्य बिंदु :-

    1. दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा में अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है.
    2. पांच आइपीएस अफसरों(IPS officers) का तबादला कर दिया गया है.
    3. कोर्ट  ने बुधवार को हिंसा पर दायर याचिका पर कहा कि दिल्ली में एक और 1984 नहीं होनें देंगे.
    4. हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हिंसा प्रभावित इलाकों में दौरा करें .
    5. संजय भाटिया DCP सेंट्रल बनाए गए है.
    6. नरेंद्र मोदी ने भाईचारा बनाए रखने की अपील की.


      5 आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला :-
      दिल्ली (Delhi) में सोमवार को हुई हिंसा में अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच दिल्ली पुलिस(Delhi Police) ने बड़ा कदम उठाते हुए पांच आइपीएस अफसरों(IPS officers) का तबादला कर दिया है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार (on Wednesday) को हिंसा पर दायर याचिका पर कहा कि दिल्ली (Delhi) में एक और 1984 नहीं होनें देंगे। वहीं, उत्तर पूर्वी दिल्ली (North East Delhi) में हिंसा को लेकर हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री (Chief Minister and the Deputy Chief Minister) हिंसा प्रभावित इलाकों में दौरा करें और लोगों में विश्वास जगाएं। आपको बता दें संजय भाटिया DCP सेंट्रल बनाए गए है।

      और भी लोगो के हुए तबादले :-
      इन तीन के अलावा इंदिरा गांधी हवाई अड्डे ( Indira Gandhi Airport) पर तैनात डीसीपी ( DCP) संजीव भाटिया की पोस्टिंग डीसीपी  (Central District) के तौर पर की गई है। कमिश्नर ऑफ पुलिस (Commissioner of Police) के स्टाफ ऑफिसर राजीव रंजन को आईजीआई एयरपोर्ट ( IGI Airport) का डीसीपी नियुक्त किया गया।



      नरेंद्र मोदी ने भाईचारा  बनाए रखने की अपील की
      दिल्ली (Delhi) में फैली हिंसा के तीन दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)ने भी ट्वीट किए। उन्होंने लोगों से भाईचारा (brotherhood) बनाए रखने की अपील की। मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि इस वक्त हर जगह शांति हो और सामान्य स्थिति जल्द से जल्द कायम हो।बता दें कि 23 फरवरी से फैली इस हिंसा में अब तक 27  से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 250 से ज्यादा घायल हैं। दिल्ली  (Delhi) के जाफराबाद, मौजपुर, चांदपुर ( Zafarabad, Maujpur, Chandpur) समेत उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पुलिस को उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश भी दिया गया है।


      ऐसी तमाम खबर पढ़ने और वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे:-
        





      आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 


      Delhi Violence Breaking : दिल्ली दंगो से जुड़ी अब तक की 7 TRENDING खबर

      समाचार के मुख्य बिंदु :-

      1. Delhi Violence: हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत, फटकार के बाद आज हाई कोर्ट में जवाब देगी पुलिस :-
      2. Delhi Violence: NSA डोभाल ने दी शाह को रिपोर्ट, दो घंटे की बैठक के बाद बोले- सब शांत है :-
      3. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर 106 लोग गिरफ्तार, 18 एफआईआर दर्ज :-
      4. हिंसा पीड़ितों को हर तरह की मदद पहुंचाएं: दिल्ली के गुरुद्वारों से अकाल तख्त जत्थेदार :-
      5. रजनीकांत ने दिल्ली हिंसा को बताया गृह मंत्रालय और खुफिया तंत्र की नाकामी :-
      6. दिल्ली से मुंबई ने लिया सबक, आजाद मैदान के अलावा कहीं प्रदर्शन की इजाजत नहीं :-
      7. दिल्ली पुलिस को राजनीतिक आकाओं के आदेश का इंतज़ार नहीं करना चाहिए था: पूर्व यूपी डीजीपी :-



      Delhi Violence: हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत, फटकार के बाद आज हाई कोर्ट में जवाब देगी पुलिस :-Delhi Violence: दिल्ली हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, दिल्ली पुलिस के लिए गुरुवार का दिन अहम होने वाला है. पुलिस को नेताओं का भड़काऊ वीडियो देखने के बाद गुरुवार को कोर्ट में जवाब देना है.
      Delhi Violence: NSA डोभाल ने दी शाह को रिपोर्ट, दो घंटे की बैठक के बाद बोले- सब शांत है :- अजीत डोभाल ने बुधवार को हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की. इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक की और हालात की जानकारी दी.
      उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर 106 लोग गिरफ्तार, 18 एफआईआर दर्ज :-दिल्ली पुलिस ने बताया है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं, बुधवार को हिंसा की घटना रिपोर्ट नहीं हुई है और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से पीसीआर कॉल में भी कमी आई है। साथ ही, पुलिस ने 2 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
      हिंसा पीड़ितों को हर तरह की मदद पहुंचाएं: दिल्ली के गुरुद्वारों से अकाल तख्त जत्थेदार :- दिल्ली में हिंसा को देखते हुए अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बुधवार को दिल्ली के सभी गुरुद्वारों से कहा है कि वह हिंसा पीड़ितों को हर तरह की मदद पहुंचाएं। उन्होंने हिंसा की निंदा करते हुए एक प्रेस नोट जारी किया जिसमें लिखा है, "मदद मांगने वाले किसी भी पीड़ित की देखभाल करना सिख धर्म सिद्धांत है।"

      रजनीकांत ने दिल्ली हिंसा को बताया गृह मंत्रालय और खुफिया तंत्र की नाकामी :-रजनीकांत ने कहा कि ये खुफिया एजेंसियों की विफलता है और इससे साबित होता है कि गृह मंत्रालय भी इस घटना के मामले में फेल साबित हुआ है. प्रदर्शन और प्रोटेस्ट्स शांतिपूर्वक तरीके से हो सकते हैं लेकिन हिंसक अंदाज में नहीं. अगर हिंसा भड़कती है तो फिर उससे सख्ती से निपटने की जरुरत है.
      दिल्ली से मुंबई ने लिया सबक, आजाद मैदान के अलावा कहीं प्रदर्शन की इजाजत नहीं :-मुंबई में प्रदर्शन करने के लिए जो लोग या ग्रुप योजना बना रहे हैं, उनके लिए मुंबई पुलिस ने सख्त संदेश जारी किया है. मुंबई पुलिस के मुताबिक आज़ाद मैदान के अलावा मुंबई के किसी भी और हिस्से में प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

      दिल्ली पुलिस को राजनीतिक आकाओं के आदेश का इंतज़ार नहीं करना चाहिए था: पूर्व यूपी डीजीपी :- उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने दिल्ली हिंसा को लेकर कहा है कि दिल्ली पुलिस को राजनीतिक आकाओं के आदेश का इंतज़ार नहीं करना चाहिए था। उन्होंने प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ज़िक्र करते हुए कहा, "अब देश को ऐसे पुलिसबल की ज़रूरत है...जो अनुचित राजनीतिक हस्तक्षेप से प्रभावित ना हो।"


      ऐसी तमाम खबर पढ़ने और वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करे:-
        





      आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 


      Monday, 24 February 2020

      ट्रम्प ने इस्लामिक आतंकवाद के चेहरे पर जरा तमाचा कहा एक साथ लड़ेंगे इस्लामिक आतंकवाद से

      मुख्य  बिंदु :-
      1. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने मोटेरा स्टेडियम में लोगों को संबोधित किया
      2. भारत के लिए अमेरिका के दिल में खास जगह है : ट्रम्प 
      3. हर कोई पीएम मोदी को प्यार करता है : ट्रम्प
      4. हर मिनट 12 लोग गरीबी रेखा के ऊपर जा रहे हैं : ट्रम्प 
      5. भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं की ट्रम्प ने तारीफ़ की  
      6. ट्रंप ने कहा भारत में  हर साल 2,000 फिल्में बनती हैं. 
      7. यहां DDLJ और शोले जैसी फिल्में भी बनती हैं.
      8. यहां सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली सरीखे क्रिकेट के बड़े खिलाड़ी हैं : ट्रम्प 
      9. भारत के हर गांव को आज बिजली मिल रही है : ट्रम्प 
      10. भारत की विविधता में ही एकता है : ट्रम्प 
      11. भारत की एकता पूरे विश्व के लिए एक मिसाल है.
      12. अमेरिका भारत के साथ कल (मंगलवार को) रक्षा समझौते करेगा : ट्रम्प 
      13. भारत अमेरिका एक साथ इस्लामिक आतंकवाद का सामना करेंगे :ट्रम्प 



        अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप  ने मोटेरा स्टेडियम में लोगों को संबोधित किया :-
        अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने मोटेरा स्टेडियम  (Motera Stadim )में लोगों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के लिए अमेरिका के दिल में खास जगह है. राष्ट्रपति ने कहा, 'हर कोई पीएम मोदी को प्यार करता है. आप सिर्फ गुजरात नहीं बल्कि पूरे देश का मान हैं.' ट्रंप ने कहा कि 'हर मिनट 12 लोग गरीबी रेखा के ऊपर जा रहे हैं.' भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए ट्रंप ने प्रधानमंत्री की तारीफ की. ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका भारत को प्यार करता है, भारत की इज्जत करता है और अमेरिका हमेशा भारत का ईमानदार और निष्ठावान दोस्त रहेगा.' उन्होंने कहा कि मोटेरा का स्टेडियम बहुत ही खूबसूरत है और हम यहां लंबी यात्रा करके संदेश देने आए हैं कि हम भारत को प्यार करते हैं.


        ट्रम्प ने फिल्मो और खेल PAR भी बात की :-
        ट्रंप ने कहा भारत में  हर साल 2,000 फिल्में बनती हैं. यहां DDLJ और शोले जैसी फिल्में भी बनती हैं. कहा कि यहां सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली सरीखे क्रिकेट के बड़े खिलाड़ी हैं. उन्होंने कहा कि भारत के हर गांव को आज बिजली मिल रही है. ट्रंप ने कहा समूची मानवता के लिए भारत एक उम्मीद है.हाउडी मोदी का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, '5 महीने पहले अमेरिका ने टेक्सास में एक विशाल फुटबॉल स्टेडियम में आपके महान प्रधानमंत्री का स्वागत किया और आज भारत ने अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में हमारा स्वागत किया है.


        भारत को विविधता में  एकता वाला देश बताया :-
        होली के त्योहार का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगले महीने भारत में रंगो का त्योहार है. यहां दीवाली मनाई जाती है. ईद भी मनाई जाती है. भारत की विविधता में ही एकता है. कहा कि , 'मोदी एक अद्भुत नेता हैं, भारत के लिए दिन-रात काम करते हैं. भारत की पूरे विश्व में इस बात के लिए तारीफ की जाती है कि यहां लाखों हिन्दू, मुस्लिम, सिख, जैन, ईसाई और यहूदी साथ-साथ प्रार्थना करते हैं। भारत की एकता पूरे विश्व के लिए एक मिसाल है.'


        मोटेरा में रक्षा समझौतों का जिक्र :-
        राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ कल (मंगलवार को) रक्षा समझौते करेंगे. उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत एक साथ इस्लामिक आतंकवाद का सामना करेंगे और उसे हराएंगे. मोटेरा से पाकिस्तान को संदेश देते हुए ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान हर देश को अपनी सीमाओं पर नियंत्रण और सुरक्षित करने का हक है. अमेरिका और भारत अपनी सीमाओं और विचारधारा के लिए खड़े हैं. हमारी सरकार पाकिस्तान के साथ आतंकियों के खात्मे पर काम कर रही है.

        ऐसी तमाम खबर पढ़ने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे                                                            
        इस खबर को यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। 




        फेसबुक पर अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लिखे करे। 
                         


        आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 



        डोनाल्ड ट्रम्प के अलावा और कौन-कौन अमेरिकी राष्ट्रपति आया है भारत दौरे पर और क्या रहा उसका परिणाम ?

        मुख्य  बिंदु :-

        1. भारत आने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम डेविड आइजनहावर था.
        2. आइजनहावर 14 दिसंबर 1959 को भारत यात्रा पर आए थे.
        3. देश की राजधानी दिल्ली में आइजनहावर को 21 तोपों की पहली बार  सलामी दी गई थी.
        4. रिचर्ड निक्सन भारत आने वाले अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति थे .
        5. रिचर्ड निक्सन 31 जुलाई 1969 को भारत दौरे पर आए थे.
        6. आइजनहावर की तरह ही रिचर्ड निक्सन भी भारत के साथ अच्छे रिश्ते स्थापित करने में सफल नहीं हुए .
        7. 1971 के युद्ध में निक्सन ने पाकिस्तान का साथ दिया था.
        8. जिम्मी कार्टर भारत की यात्रा (1-3जनवरी, 1978) पर आने वाले तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थे.
        9. जिम्मी कार्टर ने संसद को भी संबोधित किया था, उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री जनता पार्टी के मोरारजी जी देसाई थे.
        10. जिम्मी कार्टर के नाम पर दिल्ली में एक गांव का नामकरण भी है .
        11. बिल क्लिंटन दो दशक बाद भारत की यात्रा पर आने वाले चौथे अमेरिकी राष्ट्रपति थे.
        12. 19-25 मार्च, 2000 के दौरान भारत यात्रा पर आए थे। 
        13. बिल क्लिंटन जब भारत दौरे पर आए थे, उस वक्त भारत के प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई थे.
        14. जार्ज डब्ल्यू बुश भारत की यात्रा पर आने वाले पांचवें अमेरिकी राष्ट्रपति थे.
        15. जॉर्ज डब्ल्यू बुश के दौरे के वक्त भारत के प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह थे.
        16. जार्ज डब्ल्यू बुश  अपनी पत्नी लउरा बुश के साथ 1-3 मार्च, 2006 को भारत यात्रा पर आये थे.
        17. जॉर्ज बुश के दौरे को परमाणु करार के लिए याद किया जाता है.
        18. बराक ओबामा भारत की यात्रा करने वाले छठे अमेरिकी राष्ट्रपति थे.
        19. ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की तरफदारी की थी.
        20. ओबामा अमेरिका के इकलौते राष्ट्रपति हैं जिन्होंने भारत का दौरा दो बार किया है.
        21. आज भारत के दौरे पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप है.



          डेविड आइज़नहावर :-
          डोनाल्ड ट्रम्प की अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में पहली भारत यात्रा के तामझाम की चर्चा जोरों पर रहने के बीच अतीत में झांकने पर हमें अमेरिका के कई राष्ट्रपतियों की यात्राएं नजर आती हैं। यह सब लगभग साठ साल पहले तब शुरू हुआ था जब ड्वाइट डेविड आइज़नहावर द्विपक्षीय संबंधों को बल देने के लिए भारत की यात्रा करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने थे। वह नौ-14 दिसंबर, 1959 को भारत यात्रा पर आए थे।राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने पर उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गयी थी। वह तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और प्रधानमं जवाहरलाल नेहरू से मिले थे।
          रिचर्ड निक्सन :-
          रिचर्ड निक्सन भारत की यात्रा (31 जुलाई-एक अगस्त, 1969) पर आने वाले दूसरे राष्ट्रपति थे। आइज़नहावर की तरह निक्सन की यात्रा कोई बड़ा संदेश नहीं दे पाई। वह एक दिन से भी कम समय यहां रहे और भारत को कुछ हासिल नहीं हुआ।1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में निक्सन पाकिस्तान के पक्ष में रहे। 

          जिम्मी कार्टर:-
          जिम्मी कार्टर भारत की यात्रा (1-3जनवरी, 1978) पर आने वाले तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थे। उनकी यात्रा से महज कुछ महीने पहले जनता पार्टी के मोरारजी देसाई देश के प्रधानमं। बने थे। तीन दिन की इस यात्रा के दौरान कार्टर ने संसद को संबोधित किया और वह दिल्ली के समीप एक गांव में गए।इस गांव के नाम उनके नाम पर रखा गया.

          बिल क्लिंटन
          बिल क्लिंटन दो दशक बाद भारत की यात्रा पर आने वाले चौथे अमेरिकी राष्ट्रपति थे। वह 19-25 मार्च, 2000 के दौरान भारत यात्रा पर आए थे। कई लोग इसे पासा पलटने के रूप में देखते हैं जिस दौरान बिल क्लिंटन और तत्कालीन प्रधानमंत्री।अटल बिहारी वाजपेयी ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए एक दिशा तय की।यह यात्रा ऐसे समय हुई जब अमेरिका 1999 के परमाणु परीक्षण और कारगिल युद्ध के बाद भारत पर प्रतिबंध लगा चुका था। सबसे महत्वपूर्ण बात है कि क्लिंटन की यात्रा भारत अमेरिका रणनीतिक एवं आर्थिक साझेदारी की शुरुआत को रेखांकित करती है।


          जार्ज डब्ल्यू बुश:-
          जार्ज डब्ल्यू बुश भारत की यात्रा पर आने वाले पांचवें अमेरिकी राष्ट्रपति थे। वह मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री के रूप में पहले कार्यकाल के दौरान अपनी पत्नी लउरा बुश के साथ 1-3 मार्च, 2006 को भारत यात्रा पर आये थे। बुश की इस यात्रा को परमाणु करार होने के लिए याद किया जाएगा।


          बराक ओबामा :-
          बराक ओबामा भारत की यात्रा करने वाले छठे अमेरिकी राष्ट्रपति थे। इस यात्रा से भारत अमेरिका रणनीतिक संबंधों को मजबूत होने का संदेश गया। वह दिल्ली के बजाय मुंबई पहुंचे। इसका उद्देश्य न केवल व्यापार बल्कि मुंबई हमले में मारे गए लोगों के परिवारों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करना था। ओबामा ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की तरफदारी की। उन्होंने 24-27 जनवरी, 2015 को फिर भारत की यात्रा की। वह भारत की दो बार यात्रा करने वाले अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने। इस बार वह गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि थे। 
          ऐसी तमाम खबर पढ़ने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे                                                            
          इस खबर को यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। 




          फेसबुक पर अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लिखे करे। 

                           


          आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 



          Sunday, 23 February 2020

          प्रशांत किशोर को क्यों निकाला गया था बीजेपी से, या फिर यूँ कहें क्यों छोरा था प्रशांत किशोर ने बीजेपी ?

          मुख्य  बिंदु :-

          1. प्रशांत किशोर ने  नीतीश कुमार को विकास के दावों पर दी थी चुनौती.
          2. प्रशांत किशोर बिहार चुनाव में बनना चाहते है किंग मेकर। 
          3. 2011 में जुड़े थे मोदी टीम से 
          4. प्रशांत किशोर हेल्थ प्रोफेशन में भी कर चुके है काम 
          5. प्रशांत किशोर पेपर प्रकाशित के जरिये एक कारोबारी की मदद से  मिले थे मोदी से 
          6. 2012  गुजरात चुनाव में कर चुके  है बीजेपी के लिए काम 
          7. 2014 के बीजेपी की प्रचंड जित में निभाई थी अहम् भूमिका 
          8. किशोर चाहते थे PMO में एंट्री 
          9. इसी वर्ष CAA पर पार्टी लाइन से अलग राय रखने के कारन निकाले गए थे JDU से 
          10. प्रशांत किशोर है अवसरवादी : बीजेपी नेता 



          विकास के मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने दिया था नितीश को चैलेंज :-
          चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Prashant Kishore) ने बीते दिनों एक प्रेस वार्ता कर बिहार सरकार और मुखिया नीतीश कुमार  को चुनौती दी थी. उन्होंने राज्य सरकार और उसके द्वारा किये जा रहे विकास के दावों को भी खारिज किया था. CAA पर जनता दल युनाइटेड से अलग राय देने वाले किशोर को इसी साल जनवरी में पार्टी से निकाल दिया गया था. इसके बाद से ही वह नए सियासी घर की तलाश में हैं. माना जा रहा है कि इस साल होने वाले बिहार चुनाव 2020 (Bihar Election 2020) में वह नीतीश और बीजेपी के विरोध में गठबंधन बनाना चाह रहे हैं. इसी कड़ी में वह कई नेताओं से मुलाकात भी कर चुके हैं.


          किशोर चाहते थे PMO में एंट्री:-
          बिहार में जन्मे किशोर ने यूपी में पढ़ाई पूरी की. साल 2011 में टीम मोदी में एंट्री पाने वाले किशोर ने संयुक्त राष्ट्र के लिए हेल्थ प्रफेशनल के तौर पर अफ्रीकी देश चाड में काम कर चुके हैं. गुजरात (Gujarat) के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की नजर उन पर तब गई जब उन्होंने गुजरात में कुपोषण के मुद्दे पर एक पेपर प्रकाशित किया था. साल 2011 में मोदी की किशोर से मुलाकात हुई और साल 2012 के गुजरात चुनाव में किशोर ने काम किया और फिर मोदी के करीब हो गए.साल 2014 में जब बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया तब किशोर अपनी टीम के साथ दिल्ली आ गए और यहां से बीजेपी (BJP) के लिए वॉर रूम बना कर प्रचार प्रसार का जिम्मा संभाला. अंग्रेजी अखबार द संडे इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी की जीत के बाद किशोर चाहते थे कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय में एंट्री मिले.लेकिन उनके मनमुतबित काम ना होने के कारण पार्टी से थी नाराजगी 


          बीजेपी नेता ने प्रशांत किशोर को बताया अवसरवादी :-
          रिपोर्ट में दावा किया गया है कि किशोर की कंपनी I-PAC के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि वह (किशोर) सरकार में लैटरल एंट्री के समर्थक थे. उन्होंने ही इस बारे में प्रधानमंत्री को आइडिया दिया था. सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया कि पीके अपनी टीम के साथ पीएमओ में एक टीम का नेतृत्व करतना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. दावा किया गया है कि प्रधानमंत्री ने खुद इस योजना में दिलचस्पी दिखाई थी.भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के एक वरिष्ठ नेता ने किशोर को महत्वाकांक्षी बताते हुए अवसरवादी तक कहा. बीजेपी नेता ने बताया - साल 2011 में एक रियल स्टेट कारोबारी ने नरेंद्र मोदी से किशोर की मुलाकात कराई थी, तब उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि किशोर की महत्वाकांक्षा है कि वह राजनीति में आगे बढ़ें. किशोर लंबे समय तक लोगों से चुनावी रणनीतिकार और एक कंपनी चलाने वाले शख्स के तौर पर मुलाकात करते हैं. उनका कोई सिद्धांत नहीं है. वह सिर्फ अवसरवादी हैं.'और
          एक्स्ट्रा ज्ञान  
          जहाँ तक अवसरवादी होने की बात है तो अवसरवादी लोग हमेशा पैसो को महत्वा देते है, न की राष्ट्र को. उदहारण की तौर पर नितीश कुमार  अवसरवादी है किन्तु क्षेत्र के हिसाब से अवसरवादी लोग अपनी चाल चलते है.नितीश कुमार कुर्सी के लोभ में अवसरवादी है तो प्रशांत किशोर पैसो के लिए अवसरवादी है जो पैसो के लिए पार्टियों का प्रचार करते है.


          ऐसी तमाम खबर पढ़ने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे                                                            
          इस खबर को यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। 




          फेसबुक पर अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लिखे करे। 
                           


          आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 



          Saturday, 15 February 2020

          बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को दी कड़ी चेतावनी पढ़े पूरी रिपोर्ट.

          मुख्य  बिंदु :-
          • बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गिरिराज सिंह को चेताया.
          • गिरिराज सिंह के बयानों  पर नाराजगी जताई.
          • बेवजह की बयानबाजी से बचने की सलाह दी.
          • हाल ही में गिरिराज सिंह ने देवबंद को आतंक की गंगोत्री कहा था.
          • पार्टी को लगता है कि दिल्ली में हार का कारण उसकी बयानबाजी रही थी.
          • दिल्ली चुनाव में हार के कारण पार्टी कर रही है डैमेज कंट्रोल



          बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गिरिराज सिंह को चेताया:-
          बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को तलब किया है. सूत्रों के मुताबिक, जेपी नड्डा ने गिरिराज सिंह को बेवजह बयानबाजी से बचने को कहा है. उन्होंने गिरिराज सिंह के बयानों पर नाराजगी जताई. हाल ही में गिरिराज सिंह ने देवबंद को लेकर विवादित बयान दिया था. उन्होंने देवबंद को 'आतंक की गंगोत्री' कहा था. दरअसल, बीते मंगलवार को गिरिराज सिंह सहारनपुर पहुंचे थे. यहां पर उन्होंने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि बड़े आतंकवादी सब यहीं से निकले हैं, फिर वो चाहे हाफिज सईद ही क्यों न हो.


          नागरिकता कानून पर गिरिराज सिंह ने  दिए थे तीखे बयान :-
          नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा था, "यह सीएए के खिलाफ नहीं बल्कि भारत के खिलाफ हैं क्योंकि अगर CAA के खिलाफ होता तो, शाहीनबाग से शरजिल इमाम की ये आवाज नहीं निकलती कि हम भारत को असाम से काट देंगे और भारत को कमजोर करने का काम करेंगे. इतना ही नहीं भारत में इस्लामिक राष्ट्र बना देने तक की बात कह डाली. शाहीन बाग से शरजिल इमाम यह नहीं बोलता कि हमारी कौम से जो टकराया है वह बर्बाद हो गया है. वहां से अफजल गुरू और याकूब मेमन के नारे नहीं लगते. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि बच्चों और औरतों में जहर भरा जा रहा है."


          बीजेपी कर रही है डैमेज कंट्रोल:-
          विवाद बढ़ने पर उन्होंने कहा था, "मेरा बयान सही है और यदि किसी को बयान से दिक्कत है तो वह यूपी पुलिस से उस सूची के बारे में पूछ सकता है कि कितने लोग आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त हैं."  दिल्ली चुनाव में भी बीजेपी पार्टी के नेताओं ने विवादित बयान दिए थे जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा. अब पार्टी डैमेज कंट्रोल में जुट गई है.


          ऐसी तमाम खबर पढ़ने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे                                                            
          इस खबर को यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। 




          फेसबुक पर अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लिखे करे। 
                           


          आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 



          Friday, 14 February 2020

          झुग्गी झोपड़ियों को छिपाने के लिए चल रहा है गुजरात में काम ताकि दौरे में डोनाल्ड ट्रम्प को पता न चले

          मुख्य  बिंदु :-
          • 24 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आ रहे हैं भारत.
          • इंदिरा ब्रिज से जुड़ने वाली सड़क पर हो रहा है एक दीवार का निर्माण.
          • इंदिरा ब्रिज से जुड़ने वाली सड़क से हो सकता है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप का काफिला गुजरे.
          • काफिले के रास्ते में तकरीबन 500 झुग्गी झोपड़ियों को दीवार के जरिए छिपाया जा रहा है.
          • सौंदर्यीकरण के तहत चल रहा है कार्य.
          • 2017 में भी जापान के प्रधानमंत्री के आने से पहले हुआ था सौंदर्यीकरण का कार्य



          24 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप आ रहे हैं भारत:-
          गुजरात का अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को इंदिरा ब्रिज से जोड़ने वाली सड़क के साथ एक दीवार का निर्माण कर रहा है। भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 24 फरवरी को अहमदाबाद आने वाले हैं। संभावना जताई जा रही है अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोड शो के लिए जिस मार्ग पर जाएंगे, उसी के बीच यह इलाका आता है। इस रास्ते के किनारे 500 झुग्गियां हैं। कहा जा रहा है कि ट्रम्प को यहां की झुग्गियां न दिखाई दे, इसलिए नगर निगम 7 फीट ऊंची लंबी दीवार खड़ा कर रहा है।यह अहमदाबाद हवाई अड्डे से गांधीनगर की ओर जाने वाले रास्ते में है। मोटेरा में हवाई अड्डे और सरदार पटेल स्टेडियम के आसपास सौंदर्यीकरण अभियान के तहत दीवार का निर्माण किया जा रहा है।


          6 से 7 फीट ऊंची दीवार की जा रही है खड़ी:-
          एएमसी के एक अधिकारी ने बताया, “करीब 600 मीटर की दूरी पर स्थित स्लम क्षेत्र को कवर करने के लिए 6-7 फीट ऊंची दीवार खड़ी की जा रही है। इसके बाद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।” दशकों पुराने देव सरन या सरनियावास स्लम एरिया में 500 से ज्यादा झुग्गियां हैं और करीब 2500 लोग यहां रहते हैं। एएमसी सौंदर्यीकरम अभियान के तहत साबरमती रिवरफ्रंट स्ट्रेच इलाके में खजूर के पौधे लगा रही है।


          2017 में भी किया गया था ऐसा ही कार्य:-
          इसी तरह का सौंदर्यीकरण साल 2017 में अभियान जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और उनकी पत्नी आकी आबे के दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान किया गया था। वे 12वें भारत-जापान वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे।

          ऐसी तमाम खबर पढ़ने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे                                                            
          इस खबर को यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। 




          फेसबुक पर अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लिखे करे। 
                           


          आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 



          Thursday, 13 February 2020

          दिल्ली चुनाव के बाद अमित शाह ने बताई हार की मुख्य वजह , विचारधारा को बताया अहम.

          मुख्य  बिंदु :-
          • दिल्ली चुनाव के बाद अमित शाह का आया बड़ा बयान.
          • चुनाव हमारी विचारधारा को बढ़ाने का जरिया
          • हार जीत के लिए चुनाव नहीं लड़ते
          • गोली वाला बयान उचित नहीं लेकिन राहुल गांधी के डंडे मारने वाला भी बयान उचित नहीं था
          • हमने धर्म के आधार पर कभी भेदभाव नहीं किया
          • कश्मीर में स्थिति सामान्य कोई भी वहां जा सकता है
          • भड़काऊ भाषण पर सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ते हैं 
          • एससी एसटी मुद्दे पर कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार



          हार जित के लिए है, चुनाव नहीं लड़ते:-
          दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे के दो दिन बाद गृह मंत्री अमित शाह का बयान आया है. एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि बहुत सारे दलों के लिए चुनाव सरकार बनाने और गिराने के लिए होते हैं. लेकिन भाजपा एक विचारधारा पर आधारित पार्टी है, हमारे लिए चुनाव हमारी विचारधारा को बढ़ाने का जरिया है. सिर्फ हार-जीत के लिए हम चुनाव नहीं लड़ते.


          सबको अपनी राय रखने का हक:-
          गृह मंत्री शाह ने कहा कि चुनाव में गोली मारने का बयान उचित नहीं था तो राहुल गांधी के डंडे मारने वाला बयान भी ठीक नहीं था. मुद्दा आज भी ये है कि किसी का विरोध किस प्रकार से और किस चीज के लिए होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह से शाहीन बाग का समर्थन करने वालों को अपने विचार रखने का अधिकार है. उसी प्रकार से हमें भी हमारे विचार व्यक्त करने का अधिकार है और हमने वो किया.


          CAA पर फिर से रखी अपनी बात :-
          गृह मंत्री ने कहा कि हमारा मन शुद्ध है और हम शुद्ध मन से काम करते हैं. हमने कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया है. मैं आज भी देश को बताना चाहता हूं कि CAA में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है, जो देश के मुस्लिमों की नागरिकता ले सकता हो.शाह ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य है. कोई भी वहां जा सकता है, लेकिन कोई वहां भड़काने वाले भाषण करेगा तो सरकार को कदम उठाने पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अभी कोई भी वहां जाए हम सबको परमिशन दे रहे हैं. सिर्फ वहां के कुछ नेता कुछ प्रावधानों के तहत अभी नजरबंद हैं.


          SC/ST मुद्दे पर कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार :-
          अमित शाह ने कहा कि मैं पूरे देश की जनता और विशेषकर SC/ST समुदाय के अपने भाई-बहनों को बताना चाहता हूं कि ये जो प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में चर्चा में आया, वो कांग्रेस की उत्तराखंड सरकार ने किया था, भाजपा ने नहीं. आरक्षण के लिए वो स्टैंड कांग्रेस की सरकार का था, भाजपा की सरकार का नहीं.

          ऐसी तमाम खबर पढ़ने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे                                                            
          इस खबर को यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से देखने के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। 




          फेसबुक पर अपडेट पाने के लिए हमारे पेज को लिखे करे। 
                           


          आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 



          YOJNA PART 1 : पीपीएफ या पब्लिक प्रोविडेंट फंड से जुड़ी तमाम जानकारी .

          पीपीएफ या पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत सरकार द्वारा दी जाने वाली एक बचत योजना है। जिसे 1968 में वित्त मंत्रालय के नेशनल सेविंग इंस्टिट्यूट द्वारा पेश किया गया था | पीपीफ खाते पर ब्याज भारत सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है और इसे हर तिमाही निर्धारित किया जाता है। यह section 80C के तहत कर-मुक्त भी है। वर्तमान में 1 जुलाई से 30 सितम्बर 2019 (Q2 FY 2019-20) के लिए पीपीएफ ब्याज दर 7.9% तय की गई है। अप्रैल - जून 2019 के लिए पीपीफ का ब्याज दर 8% था।




          पीपीएफ खाते की मुख्य विशेषताएं :-
          1.पीपीएफ खाते में मूलधन और ब्याज की गारंटी सरकार द्वारा दी जाती है।
          2.प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक खाते में योगदान कर मुक्त है। पीपीएफ खाते पर ब्याज भी कर-मुक्त है।
          3.पीपीएफ खाते के लिए ब्याज दर सरकार द्वारा हर तिमाही घोषित की जाती है। पीपीएफ रिटर्न उस अवधि में कई बैंकों की एफडी दरों से अधिक है।
          4.पीपीएफ खाता कोई भी भारतीय नागरिक खुलवा सकता है।
          5.पीपीएफ खाता खोलने के लिए अधिकतम उम्र का कोई प्रतिबंध नहीं है।
          6.पोस्ट ऑफिस और सभी सरकारी व प्रमुख बैंको की शाखाओ में पीपीएफ खता खुलवाया जा सकता है।
          7.सरकारी बचत योजना होने से निवेश सुरक्षा की पूरी गारंटी भारत सरकार के द्वारा दी जाती है।
          8.अभिभावक के संरक्षण में बच्चों का खाता भी खुलवाया जा सकता है। 10 साल से बड़ा बच्चा खुद भी स्वतंत्र रूप से खुलवा सकता है।
          9.यह खाता कम से कम ₹500/- रुपए शुरुआती जमा के साथ खुल सकता है। तथा हर साल इस खाते में कम से कम ₹500/- रुपए जमा करने की ही अनिवार्यता है अन्यथा ₹50/- प्रति वर्ष के हिसाब से पेनल्टी लग सकती है।
          10.प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख रुपए तक जमा किया जा सकता है। और हर साल अधिकतम 12 बार तक पैसा जमा करने की छूट है जो अपनी सुविधानुसार कभी भी कम या ज्यादा जमा कर सकते हैं।
          11.इस खाते में NEFT/RTGS और नेट बैंकिंग से भी पैसा जमा करने की सुविधा है।
          12.पीपीएफ खाते की जमा राशि, ब्याज और निकासी, तीनों पर टैक्स की छूट है| 5 साल बाद आंशिक निकासी की रकम भी पूरी तरह टैक्स फ्री है।
          13.पीपीएफ खाते में जमा राशि पर अच्छी ब्याज दर मिलती है |पोस्ट ऑफिस और बैंकों में हर जगह एक समान ब्याजदर दिया जाता है।
          14.पीपीएफ खाते के तीसरे साल से जमा राशि के बदले लोन लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।खाते खुलने के 5 साल बाद इमरजेंसी में खाता बंद करने की भी सुविधा है।
          15.पीपीएफ खाते के15 साल पूरे होने के बाद ब्याज सहित पूरी राशि दी जाती है। खाते के मेच्योरिटी के बाद भी इसकी अवधि अगले पांच-पांच साल बढ़वा सकते है।
          16.पीपीएफ खाते में नोमिनी बनाने की भी सुविधा है।
          17.पीपीएफ खाते को आवश्यकता के अनुसार आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस या बैंक शाखा में कभी भी ट्रांसफर कर सकते है।

          ऐसी तमाम खबर पढ़ने के लिए हमारे एप्प को अभी इनस्टॉल करे                                   
          इस खबर को यूट्यूब पर वीडियो के माध्यम से देखने के लिए  हमारे चैनल को सब्सक्राइब करे। 



          पीपीएफ के लिए पात्रता :-
          कोई भी व्यक्ति जो भारत का निवासी है, वह PPF खाता खोल सकता है। पीपीएफ खाते माता-पिता द्वारा अपने नाबालिग बच्चों के लिए भी खोले जा सकते हैं। एनआरआई पीपीएफ खाते नहीं खोल सकते हैं। हालांकि, एक निवासी भारतीय जो पीपीएफ खाता खोलने के बाद एनआरआई बन गया है, वह खाता परिपक्वता तक जारी रख सकता है। संयुक्त खाते और कई खाते खोलने की अनुमति नहीं है।


          पीपीएफ खाते पर ब्याज :-
          पीपीएफ एक निश्चित आय निवेश है। पीपीएफ खाते पर ब्याज दर हर तिमाही केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जाती है। पीपीएफ पर ब्याज की गणना महीने के पांचवें दिन की समाप्ति और हर महीने के आखिरी दिन के बीच न्यूनतम शेष राशि पर की जाती है। वर्तमान में पीपीएफ खाते का ब्याज दर 7.9% (July19-Sept19 के लिए ) है ।



          पीपीएफ खाते की अवधि :-
          पीपीएफ खाता, खाता खुलने के उस वित्तीय वर्ष से अगले 15 साल की समाप्ति के बाद परिपक्व होता है जिस वर्ष खाता खोला गया था। उदाहरण के लिए, अगर PPF खाता 1 फरवरी 2005 को खोला गया था, तो यह 31 मार्च 2020 को यानी 31 मार्च 2005 से 15 साल तक परिपक्व होगा। परिपक्वता पर, आप PPF खाते को 5 साल के ब्लॉक में अनिश्चित काल के लिए बढ़ा सकते हैं।


          पीपीएफ खाते के लिए नामांकन नियम:-
          पीपीएफ खाते में नामांकन एक या अधिक व्यक्तियों के पक्ष में किया जा सकता है। इसमें प्रत्येक नामांकित व्यक्ति के प्रतिशत शेयर को भी निर्दिष्ट करने की आवश्यकता होती है। कोई भी, यानी माता-पिता, पति या पत्नी, रिश्तेदार, बच्चे, दोस्त आदि नामांकित हो सकते हैं। पीपीएफ खाते में नामांकित व्यक्ति को जोड़ने के लिए Form E का उपयोग किया जाता है। पीपीएफ खाते के कार्यकाल के दौरान किसी भी समय नामांकन किया जा सकता है। नामांकन में परिवर्तन, रद्द या परिवर्तन Form F के माध्यम से किया जा सकता है।




          पीपीएफ खाते में टैक्स की छूट:-
          पीपीएफ खाते में योगदान (प्रति वर्ष 1.5 लाख रुपये तक) आयकर अधिनियम की धारा 80 सी के तहत exempted है , अर्जित ब्याज पर छूट दी जाती है और परिपक्वता आय को भी कर से छूट दी जाती है। पीपीएफ खाते पर अर्जित ब्याज का आयकर रिटर्न पर उल्लेख करना होता है।


          अटैचमेंट आर्डर से सुरक्षा:-
          पीपीएफ खाता किसी भी आदेश या सरकारी बचत बैंक अधिनियम, 1873 के तहत किसी भी ऋण या देयता के लिए किसी भी अदालत के निर्णय के तहत संलग्न नहीं किया जा सकता। यह आयकर विभाग सहित सभी लेनदारों के खिलाफ खाता धारकों की सुरक्षा करता है।



          पीपीएफ खाते पर लोन :-
          पीपीएफ खाते पर लोन प्राप्त करने की सुविधा खाता खोलने की तारीख से 6 वें वित्तीय वर्ष तक 3 वें वित्तीय वर्ष से उपलब्ध है। दूसरे शब्दों में, वित्तीय वर्ष के अंत से एक वर्ष की समाप्ति के बाद किसी भी समय लोन प्राप्त किया जा सकता है जिसमें खाता खोला गया था, लेकिन वित्तीय वर्ष के अंत से पांच वर्ष की समाप्ति से पहले जिसमें खाता खोला गया था ।

          उदाहरण के लिए, यदि PPF खाता 1 फरवरी , 2014 (वित्तीय वर्ष 2013-14) में खोला जाता है, तो वित्तीय वर्ष का अंत जिसमें खाता खोला गया था, 31 मार्च, 2014 है। तब लोन 1 अप्रैल, 2015 से लिया जा सकता है और लोन खाता खोलने के वित्तीय वर्ष के अंत से अगले पांच साल यानि 31 मार्च, 2019 (वित्त वर्ष 2018-19) तक प्राप्त किया जा सकता है।

          इस तरह के लोन की अधिकतम अवधि ३ साल है| पीपीएफ खातों पर लोन की अधिकतम राशि पिछले वित्त वर्ष के अंत में शेष राशि का 25% है, जिस वर्ष लोन के लिए आवेदन किया गया था। उदाहरण के लिए, यदि निवेशक अप्रैल 2014 में लोन लेना चाहता है, तो अधिकतम लोन जो प्राप्त किया जा सकता है, वह 31 मार्च, 2013 को शेष राशि का 25% होगा| पीपीएफ खाते के बदले लोन लेने के लिए Form D जमा करना आवश्यक होता है।

          पीपीएफ खाते के बदले लिए गए लोन पर देय ब्याज दर पीपीएफ खाते पर तत्कालीन ब्याज दर से 2% अधिक लगता है।



          निष्क्रिय खाते को पुनः चालू करने के लिए:-
          यदि पीपीएफ खाते में प्रति वर्ष ₹500/- रुपये का न्यूनतम योगदान नहीं किया जाता है, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है।

          खाते को पुन: चालू करने के लिए एक आवेदन पोस्ट ऑफिस या बैंक शाखा में जमा करना होता है।

          प्रत्येक वर्ष खाते के निष्क्रिय होने पर ₹50/- का जुर्माना देना पड़ता है। और खाता निष्क्रिय होने के वित्तीय वर्ष से अगले सभी वर्षों के लिए ₹500/- की न्यूनतम राशि का भुगतान करना होता है।



          पीपीएफ खाते से आंशिक निकासी:-
          जिस वर्ष खाता खोला गया है, उसके 5 वर्ष की समाप्ति के बाद आंशिक निकासी की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि 1 जनवरी, 2014 को खाता खोला गया था, तो वित्तीय वर्ष 2021-22 से निकासी की जा सकती है। प्रति वित्तीय वर्ष में केवल एक आंशिक निकासी की अनुमति है। प्रति वित्तीय वर्ष में निकाली जा सकने वाली अधिकतम राशि चालू वर्ष से पहले, वित्तीय वर्ष के अंत तक खाते की शेष राशि का 50%, या चालू वर्ष से पहले, चौथे वित्तीय वर्ष के अंत तक खाते का शेष राशि का 50% है | पीपीएफ खाते से आंशिक राशि निकालने के लिए Form C जमा किया जाना आवश्यक होता है।



          पीपीएफ खाते को समयपूर्व बंद करने की स्थिति में:-
          खाता खोलने के 5 वर्षों के भीतर पीपीएफ खाते के प्री-मेच्योर क्लोजर करने की अनुमति नहीं है। उसके बाद इसे केवल विशिष्ट आधारों पर ही बंद किया जा सकता है, जैसे खाताधारक, पति या पत्नी, आश्रित बच्चों या माता-पिता की गंभीर बीमारीओं में, जिसमे जान का खतरा हो | पर इन आधारों को साबित करने के लिए आपके पास जरुरी चिकत्सीय डॉक्यूमेंट होना चाहिए।


          खाता धारक की मृत्यु होने पर:-
          पीपीएफ खाता धारक की मृत्यु के मामले में, पीपीएफ खाते में नामांकित / कानूनी उत्तराधिकारी व्यक्ति द्वारा खाताधारक के मृत्यु प्रमाण पत्र दे कर पीपीएफ खाता के आय पर दावा किया जा सकता है। दावेदार को इसके साथ फॉर्म जी तथा एक आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होता है , जिसमें खाता संख्या, नामांकित विवरण आदि जैसे दावे से संबंधित जानकारी हो।



          पीपीएफ खाते की Maturity:-

          पीपीएफ खाता, खाता खुलने वाले वित्तीय वर्ष के अंत से अगले 15 वर्ष की अवधि के बाद Mature हो जाता है maturity के समय, खाताधारक के पास निम्न विकल्प होते हैं:-

          परिपक्वता राशि की निकासी -
          खाताधारक पीपीएफ राशि के साथ-साथ अर्जित ब्याज को वापस ले सकता है। संपूर्ण परिपक्वता आय कर से मुक्त है।

          योगदान के साथ पीपीएफ का विस्तार-
          एक ग्राहक एक बार में 5 साल के ब्लॉक में पीपीएफ खाते को अनिश्चित काल तक बढ़ा सकता है। खाताधारक को Form H जमा करके आगे के योगदान के साथ खाते का विस्तार करने के लिए आवेदन देना होगा। एक बार जब खाता योगदान के साथ विस्तारित हो जाता है, तो खाते के विस्तार की तारीख तक शेष राशि का अधिकतम 60% निकाला जा सकता है। यह राशि एक बार में निकाली जा सकती है या फिर कई वर्षों में निकाली जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम एक बार निकासी की जा सकती है।


          पीपीफ खाते में उपयोग होने वाले फॉर्म्स:-

          FORMS : FORM A
          PURPOSE : Account Opening PPF

          FORMS : FORM B
          PURPOSE : Contribution PPF FORM

          FORMS : FORM C
          PURPOSE : Partial Withdrawal PPF

          FORMS : FORM D
          PURPOSE : Loan PPF 

          FORMS : FORM E
          PURPOSE : Nomination PPF

          FORMS : FORM F
          PURPOSE : Change of Nomination PPF

          FORMS : FORM G
          PURPOSE :Claim PPF 

          FORMS : FORM H 
          PURPOSE : Extension
           


          Our Blog

          55 Cups
          Average weekly coffee drank
          9000 Lines
          Average weekly lines of code
          400 Customers
          Average yearly happy clients

          Our Team

          Tim Malkovic
          CEO
          David Bell
          Creative Designer
          Eve Stinger
          Sales Manager
          Will Peters
          Developer

          Contact

          Talk to us

          Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipisicing elit. Dolores iusto fugit esse soluta quae debitis quibusdam harum voluptatem, maxime, aliquam sequi. Tempora ipsum magni unde velit corporis fuga, necessitatibus blanditiis.

          Address:

          9983 City name, Street name, 232 Apartment C

          Work Time:

          Monday - Friday from 9am to 5pm

          Phone:

          595 12 34 567