जानिए भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवश का इतिहास

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवश के कुछ मुख्य पहलु पर आज हम बात करते है।   बैंगलोर: हमारे देश को लाला बहादुर शास्त्री के बाद अगर देश का...

भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवश के कुछ मुख्य पहलु पर आज हम बात करते है।
 

बैंगलोर:
हमारे देश को लाला बहादुर शास्त्री के बाद अगर देश का कोई बेहतर प्रधानमंत्री बना तो उनका नाम है अटल बिहारी बाजपाई जी और इनके बाद अभी का दौर चल रहा है नरेंद्र मोदी जी का और ये दोनों जिस पार्टी से आते है उअका नाम है भारतीय जनता पार्टी। 

आज हम भारतीय जनता पार्टी के  बारे में बात करने जा रहे है क्युकी आज  भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवश है।  भारतीय जनता पार्टी में नरेंद्र मोदी जी ,योगी आदित्यनाथ जी ,राजनाथ सिंह जी , नितीन गडकरी जी , लालकृष्ण आडवाणी जी और भी इनके जैसे लोग है  जो भारतीय जनता पार्टी में हमेशा देश हित और हिन्दुत्व के बारे में सोचते है  देश हिट के लिए काम करते है । हम आपको बताना चाहेंगे की आज ही के दिन  भारतीय जनता पार्टी अस्तित्वा में आयी थी। 

हम सीधे शब्दों में कहे तो अगर भारतीय जनता पार्टी नहीं होती तो शायद भारत को अन्य पार्टियों ने भारत  को एक मुस्लिम बहुल देश बना दिया होता। 1980 में  भारतीय जनता पार्टी की स्थापना उस समये हुई थी जब सेकुलरबाद के नाम पर हिन्दुओ पर सारी  जिम्मेदारियां डाली जा रही थी , उस वक़्त हिन्दुओ के हक़ लिए सिर्फ रास्टिये स्वेम सेवक संघ ही लड़ रहा था।  रस्टिये स्वेम सेवक संघ के लोगो को ये बात जल्दी ही समझ आ गयी थी की  अगर हिन्दुस्थान  को बचाना है तो पोलिटिकल पावर होना जरुरी है और इसीलिए  रास्टिये स्वेम सेवक संघ की मदद से भारतीय जनता पार्टी अश्तित्वा में आयी। 

भारतीय जनता पार्टी , हिन्दुओ के दिल में उस समय बस गयी जब बाबरी ढांचे को गिराने में कार समर्थको का भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओरी वाजपेयी( लालकृष्ण आडवाणी , अटल बिहारी वाजपेयी ) ने बढ़ चढ़ कर साथ दिया , शायद उस दिन के लिए आज भी लालकृष्ण आडवाणी संग कई अन्य नेताओ को कोर्ट में हजारी लगनी परती  है। आज 25 वर्ष बित गए है बाबरी ढांचे को गिरे हुए लेकिन इतने छोटे से समय में भारतीय जनता पार्टी पुरे देश में भगवा का परचम लहरा रही है और हम आशा करते है की भारतीय जनता पार्टी जल्द ही राम मंदिर निर्माण सुरु करवाएगी। 

1977 -1979 तक इसे जनता पार्टी के नाम से जाना जाता था और 1951 - 1977 तक इसे भारतीय जान संघ के नाम से जाना जाता था। एक बात तो माननी पड़ेगी की अगर आजाद भारत में सम्प्रद्यिकता के नाम पर अगर किसी पार्टी का सबसे ज्यादा विरोध हुआ है तो वो है भारतीय जनता पार्टी और शायद इसका कारन ये है की भारतीय जनता पार्टी के अधिकतर नेता चाहे वो मोदी जी हो या योगी जी इन सबने हिन्दुओ के हित के लिए खुल कर बोला है..... चाहे वो संसद के अंदर हो या बाहर। 

आपको जान कर हैरानी होगी की , भगवा आतंकी जैसे घृणित शब्द का सबसे पहले विरोध अगर किसी पार्टी ने किया था तो वो है भारतीय जनता पार्टीभारतीय जनता पार्टी के शासन काल  में ही हमने परमाणु परीक्छण किया और दुनिया को बताया की अब हमसे टकराने की चेष्टा न करे क्युकी अब हमभी परमाणु शक्ति है। 

सीधे शब्दों में अगर समझे तो कांग्रेस ने भारत को पाकिस्तान से भी कमजोर देश हमें बना दिया था लेकिन संघ ने और भारतीय जनता पार्टी ने देश को बचाया और विश्व-शक्ति बनाने की राह पर इसको ले चले है। मोदी जी  के शासन काल  में देश से एक ऐसी प्रथा ख़त्म की गयी (ट्रिप्पल तलाक)जो मुस्लिम महिलाओ को एक गुलामी के जंजीरो में जकरि हुई थी और ये प्रथा (ट्रिप्पल तलाक) 1500 वर्ष पुराणी थी जिसको मोदी जी ने बिना किसी दंगा - फसाद के ख़त्म किया और इस फैसले के बाद उत्तर-प्रदेश में एक प्रचंड जित हासिल की और ये जित का रथ अभी भी आगे बढ़ रहा है रुका नहीं है। 

भारतीय जन संघ की स्थापना श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में की थी। पार्टी के पहले चुनाव में कुछ खाश सफलता नहीं मिली लेकिन पहले चुनाव में पार्टी ने अपनी पहचान जरूर बना ली थी। भारतीय जन संघ ने सुरु से ही कश्मीर की एकता , गौ रक्चा ,देश-भक्ति ,जमींदारी प्रथा,परमिट-लइसेंस-कोटा को ख़त्म करने के लिए आवाज उठाई। आपको जानकर हैरानी होगी की भारतीय जन संघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कश्मीर में एक साजिश के तहत हत्या कर दी गयी। 

1977 में भारतीय जन संघ का नाम बदल कर जनता पार्टी कर दिया गया जिसे फिर से 1980 में बदल कर भारतीय जनता पार्टी कर दिया गया और 1980  में मुंबई में इसका पहला अधिवेशन हुआ और पहले अधिवेशन के बाद ही भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को पंजाब में सीखो की हत्या ,श्रीलंका के मूदे पर घेरना सुरु कर दिया। बंगलादेश से आ रहे घुश्पैठियो के  मूदे को उठाया और इसी के परिणाम स्वरुप जनता दल से मरोरजी देसाई की नेतृत्वा वाली सरकार आयी लेकिन ये सरकार 1 साल भी नहीं टिक पायी। 

सरकार गिरने  के बाद भारतीय जनता पार्टी ने एक नए शीरे से शुरुआत की और आज आलम ये है की भारत-वर्ष के अधिकतम राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के  लोग बैठे हुए है। एक कहानी है भारतीय जनता पार्टी के  बारे में की एक बार कांग्रेस के नेतावो ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ साथ भारतीय जनता पार्टी का मजाक उड़ाया था....... क्युकी संसद में  भारतीय जनता पार्टी की संख्या काम थी....... उसी वक़्त अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कांग्रेस्सियो को कहा था की आज हम कम है इसलिए तुम हस रहे हो जल्द ही हमारा दिन आएगा और उस दिन हम हसेंगे। शायद मोदी जी ने अटल बिहारी वाजपेयी जी की उसी बात को सच कर दिखाया है। 

भारत आईडिया भारतीय जनता पार्टी को स्थापना दिवश की हार्दिक बधाई देता है। आज के दिन भारतीय जनता पार्टी के मुख्य-मुख्यालय पर जश्न का माहौल होगा क्युकी आज ख़ुशी का दिन है सही मायनो में।


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