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नमस्कार दोस्तों आप सब का स्वागत है आपके अपने समाचार स्त्रोत BharatIdea में। आपके मन में ये सवाल जरूर उठ रहा होगा की आखिर BharatIdea किन विषयो पर समाचार देता है, और क्यूँ देता है। तो आइये जानते है भारत आईडिया के मूल सिधान्तो और इसको बनाने के पीछे कारणों को?

BharatIdea बनाने की जरुरत क्यूँ परी:
दोस्तों समय के साथ अगर हम देखे तो हमारे राष्ट्र ने काफी अक्रान्ताओ के आक्रमण को झेला है। इतने हमलो के बाद भी हमने चिंतन नहीं किया और आज ऐसा वक़्त आ गया है की हम अपनी संस्कृति को छोर पश्चिमी संस्कृति को अपना रहे है।BharatIdea के शोध के अनुसार भारत में जितने भी लोग रहते है उनमे से मात्र ऐसे 10% लोग ही ऐसे है जिनको अपने देश की संस्कृति तथा राजनीती से मतलब है और बाकियों का ये मानना है की देश बरसो से चला आ रहा है और आगे भी चलता ही रहेगा। वो लोग जो सोचते है की भारत वर्ष वर्षो से चला आ रहा है और आगे भी चलता ही रहेगा तो मै उनके लिए कुछ पंक्तिया कहना चाहूंगा,

हमने पूछा इस देश का क्या होगा, वो बोले देश तो बर्षो से चल रहा और आगे भी चलता रहेगा, कल आपको ढूंढना पड़ेगा की देश कहाँ है और वो कहेंगे ढूंढते रहिये देश तो हमारी जेब में परा है क्या देश हमारी जेब से बरा है।

BharatIdea इन्ही कारणों से निकला एक गुस्से और बगावत का नतीजा है।BharatIdea की बस एक ही इक्षा और ख्वाहिस है की इस देश का युवा वर्ग अपने देश के उज्वल भविष्य के लिए काम करे ना की खुद के स्वार्थ के लिए।देश का युवा एक ही शर्त पर अपने देश हित के लिए काम कर पायेगा जब उसको अपने देश की संस्कृति और राजनीती की समझ हो अन्यथा नेता युवाओ को बेवकूफ बना कर इस देश की संस्कृति का नास करते रहेंगे और आपस में सब को लड़वाते रहेंगे जिससे उनका फायदा हो न की देश के भविष्य का। आपकी राजनीती और संस्कृति समझ को बढ़ाने में BharatIdea आपकी पूरी मदद करेगा अपने लेखो के द्वारा ताकि आप अपना एक महत्वपूर्ण योगदान दे सके देश के उज्जवल भविष्य के लिए।

BharatIdea का लक्ष्य क्या है:
BharatIdea का सिर्फ और सिर्फ एक ही लक्ष्य है, AN IDEA TO MAKE OUR COUNTRY VISHWA-GURU, हयात लेके चलो, कायनात लेके चलो...चलो तो ऐसे चलो की देश को विश्व गुरु बनाने की राह पर चलो। भारत आईडिया किस प्रकार के समाचार प्रकशित किये जाते है। BharatIdea आपको हर तरह की समाचार देगा जैसे की :
राजनीती से जुड़ी खबरे।
झूठी खबरों की सच्चाई बताना।
इतिहास से जुड़ी खबरे।
महापुरषो की जीवनी के बारे में चर्चा।
सेना से जुड़ी खबरे।
खेल से जुडी खबरे।
विज्ञान से जुड़ी खबरे।
अजब गजब तथ्यों से जुड़ी खबरे।
अंतरष्ट्रीय खबर।
संगठन से जुड़ी खबरे
जमीनी स्तर की खबरों की जानकारी देना।

BharatIdea की खबरों से आप क्या सिख सकते है :
जैसा की ऊपर आप पढ़ चुके है की BharatIdea एक ऐसा समाचार का स्त्रोत है जहाँ आप अपनी जानकारियों को मजबूत कर सकते है। जो लोग अपनी संस्कृति को समय के आभाव में या राजनीती समझ को मजबूत नहीं कर पा रहे है वो लोग BharatIdea पर अपनी इन कमजोरियों को दूर कर अपने देश को पूर्ण रूप से जान और समझ सकते है तथा समाज में चौर होकर बोल सके की हाँ मै भी जानता हु अपने देश की संस्कृति को, राजनीती को और तो और आप भी सामजिक चर्चाओं में बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले सकते है।

BharatIdea की भविष्य की रणनीति क्या है :
ज्यादा से ज्यादा लोगो तक हर तरह की खबर पहुँचाना।
पॉकेट महाभारत का वितरण।
पॉकेट रामायण का वितरण।
पॉकेट अर्थशात्र का वितरण।
रोजगार पैदा करना।
पिछड़े तथा गरीबो के लिए काम करना।
स्वच्छ भारत के लिए जमीनी स्तर पर काम।
भारत की संस्कृति का पताका लहराना।
झूठी खबर का पर्दाफास करना।
भारतवर्ष को विश्व गुरु बनाने में योगदान देना।

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कोर्ट ने माना ताहिर हुसैन और उमर ख़ालिद ने मिलकर रची थी दिल्ली हिंसा की साजिश

⚫दिल्ली की एक अदालत के अनुसार, प्रथम दृष्टया इस बात के पर्याप्त आधार हैं कि पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद और निलंबित 'आप' पार्षद ताहिर हुसैन ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान मिलकर साज़िश रची थी। 

⚫दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कहा कि यह प्रदर्शित करने के लिए प्रथमदृष्टया उपयुक्त आधार हैं कि पूर्व छात्र नेता उमर खालिद, ताहिर हुसैन और अन्य ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान षड्यंत्र रचे थे। अदालत ने मामले में पूरक आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए यह टिप्पणी की।

⚫बकौल मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार, फरवरी में हुए दंगों से संबंधित मामले में खालिद के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त सामग्री है।



क्या कहा मैजिस्ट्रेट ने :

मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष फरवरी में खजूरी खास इलाके में सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामले में खालिद के खिलाफ कार्यवाही आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। अदालत ने कहा कि एक गवाह का बयान यह प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त है कि उस वक्त खालिद, ताहिर हुसैन के कथित संपर्क में था। हुसैन पर मुख्य षड्यंत्रकारी होने का आरोप है जिसने दंगे भड़काए और लोगों से लूटपाट करने तथा संपत्तियों को जलाने के लिए भीड़ को उकसाया।




किस आधार पर माना आरोपी :

अदालत ने कहा कि अभियोजन ने गवाह राहुल कसाना के बयानों का जिक्र किया है और उसने सीआरपीसी की धारा 161 (पुलिस द्वारा जांच) के तहत बयान दर्ज कराए हैं, जिसमें उसने कहा है कि उस वक्त वह हुसैन के वाहन चालक के रूप में काम कर रहा था। अदालत ने कहा कि उसके बयान के मुताबिक कसाना ने आरोपी हुसैन को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों और इसमें हिस्सा लेने वाले लोगों को कथित तौर पर पैसे बांटते देखा था।



200 से ज्यादा लोग मारे गए थे दंगे में :

अदालत ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि संबंधित जेल अधीक्षक के माध्यम से पूरक आरोपपत्र की एक प्रति खालिद को दी जाए। संशोधित नागरिकता कानून के समर्थकों और विरोधियों के बीच पिछले वर्ष 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। इसमें 53 लोगों की मौत हो गई और करीब 200 व्यक्ति जख्मी हो गए थे।



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फ़ैजू और इसकी टीम ने तबरेज की मौत पर खुलेआम हिंदुवो को ललकारा देखे वीडियो।




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे फैजू और उसकी बतमिज टीम के बारे में जिसने तबरेज के मारे जाने पर खुली धमकी दी है कि उसका बेटा  अगर आतंकी बन बदला ले तो मुसलमान को आतंकी मत कहना ।

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ये पांचों के पाँचो TIk Tok पर फैमस है। जो बोल रहा है वो फैजू नाम है उसके 2 करोड 40 लाख फ़ॉलोवर है। बाक़ी के जो भी है सभी के 1 करोड ये ज़्यादा फ़ॉलोवर है। ये सभी के सभी शांति दूत है। देखो एक बाईक चोर कि मौत पर कितने ग़ुस्से मै है। खुल्ला खुल्ला कह रहे है कि उसकि औलादे बदला लेगी तो हमें आतंकवादी ना कहेना। जब कि तरजीब बिवाहित नही था। अब इनको कोन बतायेगा कि अगर कश्मीरी पंडितों कि औलादे बदला ले तो तूम लोग कहि के नही रहते। नोट:- याद रहे कितना भी उँचा बीठा लो। परवरिश नही छोड़ेंगे ये लोग।





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जाने उस अतंकी की कहानी जिसको उसके साथियों ने गोली मारी और भारतीय सेना ने जान बचाई




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे एक ऐसे अतांकी की कहानी के बारे में जिसको उसके है साथियों ने गोली मारी ।

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जिहाद की राह पर चंद दिन के सफर ने ही आरिफ को सच्चाई से रुबरु करा दिया। अस्पताल में बिस्तर पर लेटा आरिफ अपने पास खड़े एक सुरक्षाकर्मी से कहता है, मुझसे भूल हो गई। मुझे तो तुम्हारी तरह वर्दी पहननी चाहिए थी और देश की रक्षा के लिए बंदूक उठानी चाहिए थी।दक्षिण कश्मीर में बिजबिहाड़ा के फतेहपोरा का आरिफ हुसैन बट कहता है कि उसे और उसके एक अन्य साथी आदिल अहमद को बीती रात हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर के आतंकियों ने एक बैठक के लिए बुलाया था। अंधेरे में वह लोग मिलने पहुंचे थे। 

आरिफ कहता है, ‘मैं और आदिल सोच रहे थे कि शायद हिज्ब और लश्कर के लड़के हमारे गुट में शामिल होने वाले हैं।




आरिफ को लगा था, ‘वह (हिजबुल मुजाहिदीन और लश्कर आतंकियों ने) हमारे साथ मिलकर भारतीय फौज पर कोई बड़ा हमला करना चाहते हैं, लेकिन मैं गलत था। हम बाग में पहुंचे तो हमें घेर लिया गया। हम पर जिहाद का दुश्मन और पाक के खिलाफ जाने का आरोप लगाया गया। हमें पीटकर हथियार छीन लिए गए। आदिल को मेरे सामने गोलियों से भून दिया गया। उन लोगों ने मुझे नहीं मारा। मुझे हिज्ब या लश्कर का हिस्सा बनने को कहा गया। जब मैं भागने लगा तो मेरी टांग पर गोली मारी और कहा कि मैं नया हूं, इसलिए मुझे छोड़ रहे हैं।’

आरिफ बताता है, ‘मैं बाग में पड़ा दर्द से कराहता रहा। डर था कि फौज मुझे नहीं छोड़ेगी। पुलिस आएगी और मुझे देखते ही गोली मार देगी। इसके विपरीत जब फौजी और कुछ आम नागरिक वहां पहुंचे तो किसी ने मुझे नहीं पीटा। फौज ने बस यही कहा कि अगर हथियार है, तो नीचे रख दो। मैंने कहा कि मुझे गोली लगी है, तो फौजी अफसर ने कहा कि बच गए हो। अब अच्छी जिंदगी जीना। हम यूं ही तुम्हें मरने नहीं देंगे। अस्पताल ले जाएंगे। तुम्हारे घर वाले भी तुम्हें देखेंगे तो खुश होंगे। माफी मांगनी होगी या तौबा करनी होगी तो उनसे करना।




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दाऊद से पूछताछ करने वाले पूर्व अधिकारी ने दाऊद के बारे में किए बरे खुलासे ।




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे दाऊद इब्राहिम के बारे में ।

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भारत के मोस्ट वॉन्टेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम से पूछताछ कर चुके पूर्व आईआरएस अधिकारी बी.वी. कुमार ने अपनी एक किताब में चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि डॉन एक सामान्य-सा दिखने वाला डरपोक आदमी है, जिसने स्वीकार किया था कि वह कई अपराधों में शामिल था.

भारतीय सीमा शुल्क विभाग के सुपर कॉप के रूप में प्रसिद्ध राजस्व खुफिया निदेशालय के पूर्व महानिदेशक बी.वी. कुमार ने ये खुलासा अपनी नई किताब 'डीआरआई एंड द डॉन्स' में किया है. उनके मुताबिक अंडरवर्ल्ड से जुड़े एक अपराधी राशिद अरबा ने उन्हें दाऊद इब्राहिम के शुरुआती ठिकानों की जानकारी दी थी. ये वही राशिद था, जिसने प्रसिद्ध अभिनेता दिलीप कुमार की बहन से शादी की थी.




पूर्व अधिकारी बी.वी. कुमार ने के अनुसार अंडरवर्ल्ड के डॉन, विशेष रूप से दाऊद इब्राहिम और हाजी मस्तान पर किताब लिखने का उनका उद्देश्य दक्षिण एशिया के सबसे खूंखार गिरोहों के खिलाफ शुरुआती कठोर कार्रवाई में डीआरआई के अद्वितीय योगदान को लोगों के सामने लाना है.



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ये है भारत के 3 सबसे अमीर मुसलमान, जाने कौन है पहले स्थान पर




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे भारत के 3 सबसे अमीर मुसलमानों के बारे में और उनकी सम्पत्ति के बारे में ।

समाचार पढ़ने से पहले एक छोटी सी गुजारिश है, हमारे फेसबुक पेज को  लाइक कर हमारे साथ जरूर जुड़े। 



यूसुफ हामिद
इस लिस्ट में यूसुफ हामिद को तीसरे नंबर पर रखा गया है।आपको बता दे कि यूसुफ हामिद भारत की जानी मानी कंपनी सिप्ला के संस्थापक है। उनका जन्म 25 जुलाई 1936 को पोलेंड में हुआ था लेकिन वर्तमान में वह भारत में रहते है। यूसुफ हामिद की कुल संपत्ति लगभग $4 अरब है।



एमए यूसुफ अली
इस लिस्ट में एमए यूसुफ अली को दूसरे नंबर पर रखा गया है। उनका जन्म 15 नवंबर 1955 को भारत में हुआ था। वर्तमान समय मे वह लूलू ग्रुप इंटरनेशनल शॉपिंग मॉल के मालिक है। आपको बता दे कि उनकी कुल संपत्ति लगभग $4.4 अरब है।






अजीम प्रेमजी
हमारी इस लिस्ट में अजीम प्रेमजी को तीसरे नंबर पर रखा गया है| अजीम प्रेमजी भारत के सबसे अमीर मुसलमान है| आपको जानकर हैरानी होगी कि उनकी कुल संपत्ति लगभग $15 अरब है|


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मदरसों के लिए योगी आदित्यनाथ ने लिया बड़ा फैसला, अफसरों को दे दिया ये आदेश।




नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम
योगी आदित्यनाथ के ऊपर चर्चा करने वाले हैं जिन्होंने उत्तर प्रदेश मदरसों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए कुछ बदलाव करने के आदेश दिए हैं तो। आइए जानते हैं क्या है पूरी खबर।

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योगी आदित्यनाथ ने मदरसों की समीक्षा :
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने सोमवार को समीक्षा बैठक की। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। इस दौरान उन्होंने सभी वर्गों से जुड़े कल्याण विभागों की योजनाओं को जांचा और परखा। अमर उजाला न्यूज पेपर की खबर के मुताबिक इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए संचालित मदरसों की शिक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा भी की और बड़ा फैसला ले लिया। उन्होंने अफसरों को ये बड़ा आदेश दिया है।

ये है मरदसों के लिए योगी का फैसला :
उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। उन्होंने सोमवार को लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में यूपी के मदरसों को लेकर भी बड़ा फैसला ले लिया। योगी ने मदरसों में नियुक्ति के लिए एक बदलाव करने का आदेश दे दिया है जिसपर जल्द ही अमल होगा। उनका आदेश है कि मदरसों में गणित और विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए उर्दू जानना जरूरी नहीं होगा। उन्होंने उर्दू की अनिवार्यता खत्म करने का फैसला लिया है।




मदरसों में शिक्षा में होगा ये बदलाव :
योगी आदित्यनाथ ने एक और बड़ा आदेश दिया है। उन्होंने मदरसा की शिक्षा पद्धति में बदलाव लाने की पहल की है। योगी ने अफसरों को आदेश दिया है कि मदरसों में एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करवाया जाए और इसी हिसाब से शिक्षा दी जाए। इस बैठक में उन्होंने एससी एसटी छात्रों को जल्द छात्रवृत्ति देने के भी आदेश दे दिए।



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ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन की तबीयत हुई और नाजुक, ओवैसी ने लोगो से दुआ की अपील की ।




ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई और चंद्रयानगुट्टी विधानसभा सीट से विधायक अकबरुद्दीन गंभीर रूप से बीमार हैं। उन्हें लंदन के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ओवैसी ने इस बात का खुलासा दारुसलम में ईद मिलाप कार्यक्रम के दौरान पार्टी के सदस्यों को संबोधित करते हुए किया था। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की है कि वे भाई की सलामती के लिए दुआ करें।




ओवैसी ने कहा था, 'मैं आपको ईद की मुबारकवाद देता हूं और आपसे प्रार्थना करता हूं कि आप अकबरुद्दीन की सेहत के लिए दुआ करें। वह इलाज के लिए गए हैं। मुझे पता चला है कि उनकी सेहत एक बार फिर से खराब हो गई है। अल्लाह उन्हें सुरक्षित और उनकी सेहत को ठीक रखे।




लोकसभा चुनाव के समय से ही उनका लंदन में इलाज चल रहा है। 2011 में एक घटना के दौरान उन्हें गोलियां लग गई थी और उन्हें चाकू मारा गया था। जिससे वह घायल हो गए थे। वह इसी का लंदन में इलाज करवा रहे हैं क्योंकि गोलियों के टुकड़े उनकी रीढ़ के पास फंसे हुए हैं। तीन दिन पहले अकबरुद्दीन को फिर से उल्टियां और पेट में दर्द होने लगा। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। 





मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने राम मंदिर निर्माण पर दी धमकी, पढ़े पूरी खबर.



नमस्कार दोस्तो स्वागत है आपका भारत आइडिया में, तो दोस्तो आज हम बात करने वाले राम मंदिर के बारे में जिसको लेकर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सरकार द्वारा  अध्यादेश लाने के पर सुप्रीम कोर्ट में जाने कि धमकी दी है और आज हमारे चर्चा का विषय भी यही रहेगा .


क्या है मामला :
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को कहा कि सरकार द्वारा अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिये अध्यादेश लाये जाने और तीन तलाक पर संसद में कानून बनाए जाने की स्थिति में वह उन्हें अदालत में चुनौती देगा. बोर्ड ने यह भी कहा कि मंदिर के लिये कानून बनाने की मांग कर रहे कुछ हिन्दूवादी संगठनों के भड़काऊ बयानों पर सरकार रोक लगाये और और सुप्रीम कोर्ट उनका संज्ञान ले.बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की हुई बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य कासिम रसूल इलियास ने बताया कि केंद्र सरकार तीन तलाक पर अध्यादेश लाई है.इसकी मियाद छह महीने होगी. अगर यह गुजर गई तो कोई बात नहीं लेकिन अगर इसे कानून की शक्ल दी गई, तो बोर्ड इसको सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा.




मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने क्या कहा :
उन्होंने कहा कि यह अध्यादेश मुस्लिम समाज से सलाह-मशवरा किए बगैर तैयार किया गया है और अगर सरकार इसे संसद में विधेयक के तौर पर पेश करेगी तो बोर्ड की समिति सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से गुजारिश करेगी कि वे इसे पारित ना होने दें.इलियास ने बताया कि बोर्ड का स्पष्ट रुख है कि वह बाबरी मस्जिद मामले में अदालत के अंतिम फैसले को स्वीकार करेगा. बैठक में यह भी राय बनी कि सरकार मंदिर बनाने के लिए अध्यादेश या कानून लाने की मांग के साथ दिए जा रहे जहरीले बयानों पर रोक लगाए और सुप्रीम कोर्ट भी इसका संज्ञान ले.बोर्ड के सचिव जफरयाब जीलानी ने इस मौके पर कहा कि अयोध्या के विवादित स्थल पर यथास्थिति बरकरार रहने की स्थिति में कानूनी तौर पर कोई अध्यादेश नहीं लाया जा सकता. यही वजह है कि सरकार ने यह रुख दिखाया है कि वह अध्यादेश नहीं लाएगी. अगर कोई अध्यादेश आता भी है तो वह कानूनन सही नहीं होगा और बोर्ड उसको चुनौती देगा.




मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विहिप पर लगाया आरोप :
इस सवाल पर कि बोर्ड मंदिर बनाने के लिए विश्व हिंदू परिषद और अन्य कुछ संगठनों द्वारा विभिन्न आयोजन करके सरकार पर दबाव बनाए जाने की आड़ में दिये जा रहे भड़काऊ बयानों की शिकायत सुप्रीम कोर्ट से क्यों नहीं करता, जीलानी ने कहा कि यह हमारे लिये मुनासिब नहीं है. हमारा मानना है कि जो लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करे और सुप्रीम कोर्ट भी इसका संज्ञान ले. उसके लिये उपाय सोचा जा रहा है.उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि राम जन्मभूमि आंदोलन किसी पार्टी का कार्यक्रम हो सकता है, किसी सरकार का नहीं, क्योंकि हुकूमत धर्मनिरपेक्षता से आबद्ध है.




क्या कहा जलानी ने :
जीलानी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में इस्माइल फारूकी मामले पर निर्णय के दौरान कहा गया है कि इस फैसले का असर अयोध्या मामले पर नहीं पड़ेगा. बोर्ड ने इसका स्वागत किया है. विवादित स्थल पर मालिकाना हक से जुड़े मुकदमे की सुनवाई अब शुरू होनी है.अदालत यह कह चुकी है कि वह इस मसले का आस्था के आधार पर नहीं बल्कि जमीन पर मालिकाना हक के मुकदमे के तौर पर निर्णय करेगी. इलियास ने बताया कि बैठक में बोर्ड की दारुल कजा कमेटी की रिपोर्ट पेश की गई, जिसमें बताया गया कि इस साल देश में 14 नई दारुल कजा का गठन किया गया है. इस महीने के अंत तक कुछ और स्थानों पर भी इन्हें कायम किया जाएगा. दारुल कजा में कम वक्त में जायदाद, वरासत और तलाक जैसे मामलों का निपटारा किया जाता है. इससे बाकी अदालतों के बोझ को कम करने में मदद मिलती है.उन्होंने बताया कि बैठक में यह फैसला किया गया है कि दारुल कजा के अब तक दिये गये फैसलों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा ताकि अदालत के बोझ को कम करने में दारुल कजा के योगदान को दुनिया के सामने लाया जा सके.


वीडियो में देखे इस नेता ने दी मोदी-योगी की सर काटने की धमकी।



नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका भारत आईडिया में,तो दोस्तों आज हम बात करने वाले है AIMIM के एक नेता के बारे में जिसने श्री राम जन्म भूमि पर एक विवादित बयान देते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री पर एक घटिया बयान दिया है. 

जिहां दोस्तों आपने सही सुना AIMIM  के नेता गुलाम मुस्तफा ने एक सभा के दौरान धमकी भरे लफ्जो में कहा की अगर राम मंदिर का निर्माण हुआ तो विश्व हिन्दू परिषद् और मोदी जी का सर काट दिया जायेगा।

आप वीडियो में देख सकते है की कैसे ये मोदी जी को धमकी भरे लफ्जो में सड़ काटने की धमकी दे रहा है। 

हमारे फेसबुक पेज को जरूर लाइक करे। 

आप सब की जानकारी के लिए बता दे की बीते 25 तारीख को शिवसेना, विश्व हिन्दू परिषद् तथा संघ ने मंदिर निर्माण के लिए धर्म संसद का आयोजन किया था, जिसमे पूरे देश से तक़रीबन लाखो लोग शामिल हुए थे जिसके बाद से ही मंदिर विरोधी लोग अपनी घटिया राजनीती पर उतर आये है। 






ताजमहल में मंगलवार को जबरन अदा की गई नमाज, अब बजरंग दल ने दी धमकी.



क्या है मामला:
जी हां दोस्तों आपने सही सुना, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के आगरा ताजमहल में प्रतिबंध लगाने के बावजूद मुस्लिमों द्वारा जबरन नमाज़ पढ़े जाने के बाद तनातनी बढ़ गई है जिसके बाद बजरंग दल ने खुले तौर पर यह ऐलान किया है कि अब उनका संगठन ताजमहल के परिसर में पूजा-अर्चना करेगा. आप की पूरी जानकारी के लिए बता दे कि, बीते मंगलवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा प्रतिबंध लगाने के बावजूद मुस्लिम संगठनों ने ठेंगा दिखाते हुए आगरा ताजमहल के परिसर में नमाज अदा की, हालांकि (वजू टैंक) जहां नमाजी नमाज पढ़ने से पहले खुद के शरीर को तथा हाथों को साफ करते हैं वहां पर ताला ही लगा रहा लेकिन फिर भी नमाजियों ने अपनी हट के सामने पीने वाले पानी से अपने शरीर तथा हाथों को साफ कर नमाज अदा की. नमाज अदा करते वक्त नमाजियों को पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने रोकने की कोशिश की लेकिन नमाजी नहीं माने और ताजमहल के परिसर में जबरन नमाज अदा की जिसके बाद वित्त विभाग के अधिकारियों ने उनका वीडियो बना लिया और वह वीडियो वायरल हो चला है.




बजरंग दल का ऐलान अब करेंगे पूजा-अर्चना हम:
आपको हम बताना चाहेंगे कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 जुलाई 2018 को यह आदेश दिया था कि सिर्फ शुक्रवार को ताजमहल के परिसर में नमाज अदा की जाएगी और यह नमाज सिर्फ स्थानीय लोग ही अदा कर पाएंगे. शुक्रवार को ताजमहल बंद रहता है लेकिन स्थानीय मुसलमानों के लिए ताजमहल का परिसर 2 घंटे के लिए खोल दिया जाता है ताकि स्थानीय मुसलमान अपनी नमाज अदा कर सके बावजूद इसके मंगलवार को दर्जन भर लोग जबरन ताजमहल के परिसर में घुस गए और नमाज अदा की. अब इस विवाद में बजरंग दल भी कूद पड़ा है जिसमें गोविंद पाराशर ने कहा है कि हमने कोर्ट में अर्जी लगाई थी कि हम तेजोमहालय में आरती करना चाहते हैं लेकिन हमारी अर्जी को कोर्ट ने ठुकरा दिया था फिर यह मुस्लिम कैसे जबरन कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए मंगलवार को नमाज अदा कर सकते हैं.गोविंद पाराशर ने कहा कि अब हम ताजमहल के परिसर में पूजा अर्चना तथा आरती करेंगे.



सरियत के अनुसार वोटिंग हराम है / According to the muslim law voting is haram



बीते कुछ दिनों में मुस्लिम कट्टरंथियो ने संविधान को सीधा चुनौती देते हुए हर जिले में सरिया अदालत की मांग की है, जिससे की देश की राजनीती से लेकर सोशल मीडिया सब जगह हड़कंप मचा हुआ है।

कांग्रेस के नेताओ ने जहाँ एक तरफ इसका समर्थन किया है तो दूसरी तरफ जब बीजेपी ने इसका विरोध किया तो मुस्लिम कट्टरपंथियों ने ये मांग कर दी की अगर हमें अलग सरिया अदालत बनाने की इजाजत नहीं दे सकते तो हमें एक अलग देश देदे जहाँ हम अपना सरिया अदालत का कानून चला सके।


इसी बिच कपिल मिश्रा भी इस बहस में कूद चुके है और कहा है की जिनको अलग सरिया अदालत चाहिये उनसे उनका वोट का अधिकार छीन लेना चाहिये।

आपको हम बता दे की सरिया कानून के तहत वोट देना हराम है और इसीलिए सऊदी अरब में वोटिंग की इजाजत नहीं है, बस इसी बात पर कपिल मिश्रा ने तर्क देते हुए कहा की अगर किसी को सरियत अदालत का कानून चाहिए तो उससे उसका वोट का अधिकार भी छीन लेना चाहिए।

सम्पादक : विशाल कुमार सिंह
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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अलग देश की मांग की / Muslim Personal Law Board demanded separate country

अगर हमें सरिया अदालत नहीं दे सकते तो तो मुसलमानो के लिए अलग देश दो : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड। 

जो हम 70 साल से भारत में भाईचारे का सेकुलरिस्म चलाते आ रहे है उसका अंजाम हमें अब मिलना शुरू होगया है, आज से 70 शाल पहले देश का बटवारा मजहब के नाम पर किया गया था लेकिन उसके बाद भी हम नहीं सुधरे और सेकुलर राष्ट्र बनाया और आज फिर से ये खाश समुदाय के लोग मजहब के नाम पर अलग देश की मांग कर रहे है।


मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने पिछले कुछ बीते दिनों में सरियत अदालतों की मांग की थी, जब ये मामला तूल पकड़ा और जब चौतरफा इसका विरोध सुरु हुआ तो  कट्टरपंथी अपने असल एजेंडे पर वापस आ ही गये और अब मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है की अगर हमें भारत में सरियत अदालत नहीं मिल सकता तो हमें अलग देश देदो जहाँ हम सरियत अदालत को लगा सके।

अभी तो ये शुरुआत है, ये मांग तो अभी इन कट्टरपंथियों ने किया है लेकिन कही ये बात इनकी पूरी कॉम की तरफ से न उठनी सुरु हो जाये। आपको जानकर हैरानी होगी की पाकिस्तान की भी मांग इन लोगो ने 1930 के दशक में ही शुरू कर दी थी और 1947  में इन्होने अपनी मांग को पूरा करवाया।

ये मांग भले ही अभी हो रही हो लेकिन इतिहाश के पन्नो में हम झाँक ले की पहले क्या हुआ था और फीर से कही वही इतिहाश नहीं दुहरा दी जाये और फिर से हमारे देश का धर्म के आधार पर बटवारा नहीं होजाये।

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देश को इस्लामिक स्टेट बनाने की कही साजिश तो नहीं हो रही ? / Is the conspiracy to make our country an Islamic state?

देश में हो रही है साजिश, कही भारत को इस्लामिक स्टेट बनाने की तो कोशिश नहीं की जा रही है। 

जीहाँ आपने सही सुना आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा है की पुरे देश में अलग अलग जगहों पर दारुल क़ज़ा यानि शरीयत कोर्ट खोली जाएगी जिसके लिये बाकायदा 15 जुलाई को आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक होने वाली है। 

कांग्रेस ने इस फैसले का समर्थन किया है, कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी ने इसका समर्थन करते हुए कहा की ये सिर्फ सलाह मश्वरे की जगह है न की सुप्रीम कोर्ट के विरुद्ध कोई पैरेलल कोर्ट। कांग्रेस के नेता शकील अहमद ने भी इसका समर्थन किया है और कहा की ये सिर्फ इस्लाम धर्म के गुणों को बताने की जगह है , इसलिए इसका विरोध नहीं किया जाना  चाहिए। 

वही बीजेपी के नेता सुभ्रमण्यम स्वामी ने इसका बहिस्कार करते हुए कहा की देश में सिर्फ संविधान का कानून होगा। 

मुसलमानो  ठेकेदार माने जाने वाले वाले नेता असदुद्दीन ओवैसी ने भी इसका समर्थन किया है और कहा की मीडिया फालतू में इसका रुई का पहाड़ बना रही है, सरियत कोर्ट सिर्फ घरेलु मामलों को सुलझाने की एक जगह है। 


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रास्टीय मुस्लिम मंच की मुस्लिम महिला का संघ के ऊपर बयान / National Muslims Forum's openion on RSS





आतंकियों का समर्थन करते कश्मीरी /Kashmiris supporting terrorists




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मनोहर लाल खट्टर की आयी सफाई, सार्वजनिक स्थानों पर नमाज न पढ़े जाने के ऊपर

आप सब को पता होगा की मनोहर लाल खट्टर ने सार्वजनिक स्थानों पर नमाज पढ़ने से मना किया है ,अब इसी पर उनका बयान आया है। 


मनोहर लाल खट्टर ने अपने बयान में कहा है की, 'मैंने कभी किसी को नमाज पढ़ने से रोकने की बात नहीं कही, मैंने बस इतना कहा है की अगर नमाज पढ़ने के लिए जगह कम पर रही है तो सार्वजनिक स्थनों का उपयोग ना करे बल्कि निजी स्थान का उपयोग करे। '


क्या है मामला :
दरअसल कुछ दिन पहले गुरगाओ में शुक्रवार को कुछ हिन्दू संगठनो द्वारा नमाज में बाधा पहुँचाने की खबर आयी थी, जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गयी थी। इसी मामले पर मनोहर लाल खट्टर ने अपने बयान में कहा था की नमाज सिर्फ ईदगाह और मस्जिद में पढ़ी जनि चाहिए।


आज रोक नहीं लगाई तो लोग हक़ मांगेंगे: खट्टर 
मुखयमंत्री ने रविवार को चंडीगढ़ में कहा की, "नमाज सिर्फ ईदगाह और मस्जिदों में पढ़ी जनि चाहिए।आज कल खुले में नमाज पढ़ने का एक चलन चल गया है, इसे आज नहीं रोका तो कल यही लोग उस जगह की मालिकाना हक़ मांगेंगे कहेंगे की, यहाँ हम सालो से नमाज पढ़ रहे है ये जगह हमारी है। मनोहर लाल खट्टर के इस बयान के बाद इजराइल और यूके के 10 दिन के दौरे पर रवाना हो गये।


नमाज क लेकर खट्टर की सफाई :
बयान के विवाद के बाद मनोहर लाल खट्टर ने कहा, राज्य में कानून व्यवस्था बनाये रखने हेतु ये जरुरी है की नमाज सिर्फ ईदगाहों या मस्जिदों में पढ़ी जाये और अगर कही जगह की कमी होती है तो निजी स्थान का उपयोग किया जा सकता है।
मनोहर लाल खट्टर खट्टर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा की अगर सार्वजनिक स्थान पर नमाज पढ़े  जाने से किसी को दिक्कत होती है तो वो तुरंत पुलिस या प्रशासन को तुरंत सूचित करे।


भारत आईडिया का विचार :
भारत आईडिया के अनुसार मनोहर लाल खट्टर का ये निर्णय एक हद तक सही है क्युकी हर चीज के लिए एक जगह होती है और उसका उपयोग वही होना चाहिए। कोई भी धर्म हो चाहे हिन्दू समाज या मुस्लिम समाज या ईसाई समाज सभी धर्मो का एक ही आस्था होनी चाहिए की उनके कारन की दूसरे व्यक्ति को कष्ट न हो।

सम्पादक: विशाल कुमार सिंह 

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