पड़ताल : युवती ने किया सीएम योगी की प्रेमिका होने का दावा, पहुंची सीएम आवास ?

लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका होने का दावा किया। उत्तर प्रदेश की राजध...



लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर उस समय हड़कंप मच गया जब एक महिला ने सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका होने का दावा किया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग पर पहुंची एक तलाकशुदा महिला खुद को सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका होने का दावा कर रही है।महिला के पास एक स्टांप पेपर है, जिस पर महिला ने प्रेम पत्र लिखा हुआ है। युवती का कहना है कि पिछले 1 साल से सीएम योगी ऑनलाइन सुबह से लेकर रात तक उसके साथ रहते हैं और अब जीवन भर उसके साथ रहना होगा।सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास लखनऊ पहुंची हेमा श्रीवास्तव अपने आप को सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेमिका बता रही है और उसका दावा है कि योगी आदित्यनाथ पिछले एक वर्ष से ऑनलाइन सुबह से लेकर रात तक उसके साथ रहते हैं। यह महिला का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इसका क्या रिश्ता है यह तो पड़ताल का विषय है लेकिन, यह 100 रुपया के स्टांप पर उन्हें अपना प्रेम पत्र लिख कर ले आई है।






100 रुपये के स्टांप पेपर पर 2/419 नवाबगंज कानपुर नगर की रहने वाली हेमा श्रीवास्तव ने लिखा है कि मुख्यमंत्री ‘श्री योगी आदित्यनाथ जी’ आप एक सन्यासी और गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं। आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के कारण आपको यह अधिकार है कि आप के विषय में अपशब्द लिखने या कहने वाले को कठोर सजा दी जाए। आपके व्यक्तिगत जीवन पर कुछ भी असत्य कहने पर क्या कार्रवाई हो सकती है। इससे मैं बहुत अच्छी तरह से परिचित हूं। मुख्यमंत्री जी आप 1 साल से सुबह से रात तक मेरे साथ ऑनलाइन रह रहे हैं। अब आपको वास्तविक जीवन में भी मेरे साथ रहना होगा।





युवती ने लिखा है कि योगी जी आप एक सन्यासी है। वास्तविक जीवन में मेरे साथ अग्नि की परिक्रमाओं को आपने क्या महत्व दिया है। यह आपकी भावनाएं हैं जब 1 साल से मेरे साथ ऑनलाइन रहकर मुझे देखते हैं। लेकिन मुख्यमंत्री जी मेरा जीवन बहुत संघर्षपूर्ण रहा है और अभी भी है मेरा दुर्भाग्य रहा। अब मेरा तलाक हो चुका है मैं अपने परिवार से केवल अपनी माता से रिश्ता मानती हूं।

पड़ताल में ये खबर झूठी साबित होती है क्योंकि उस स्टाम्प पेपर के अलावा युवती के पास कोई ठोस सबूत नहीं है । हम सब जानते है 100 रुपए का स्टाम्प आसानी से मिल जाता है और इसी को आधार बनाकर योगी जी को ये बदनाम करने की साज़िश लगती है । आरोप झूठा साबित होता है ।





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