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Thursday, 27 February 2020

दिल्ली हिंसा पर सुनवाई टली,कपील मिश्रा पर बेबुनियाद आरोप, पढ़े पूरी खबर

समाचार के मुख्य बिंदु :-

  1. दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है.
  2. दिल्ली पुलिस ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है.
  3. हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को 13 अप्रैल तक का समय दे दिया है.
  4. हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय को दिल्ली हिंसा मामले में पक्षकार बनाए जाने की दलील को मंजूरी दी.
  5. केंद्र और दिल्ली पुलिस के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा भड़काऊ बयानों पर नहीं हो सकती करवाई.
  6. याचिकाकर्ता केवल तीन भड़काऊ बयानों को चुनकर कार्रवाई की मांग नहीं कर सकता.
  7. इन तीन हेट स्पीच के अलावा कई और हेट स्पीच है, जिसको लेकर शिकायत दर्ज कराई गई.
  8. हम हिंसा को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं : तुषार मेहता.
  9. केंद्र को पक्षकार बनाया जाए या नहीं ये कोर्ट को तय करना है, याचिकाकर्ता को नहीं : तुषार मेहता.
  10. कल तक हमने 11 और आज 37 एफआईआर दर्ज किया. कुल 48 एफआईआर दर्ज किए गए है : तुषार मेहता.


    दिल्ली  हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई  शुरू हो गई है:-
    दिल्ली( Delhi)  हिंसा मामले में दिल्ली हाईकोर्ट(Delhi High Court) में सुनवाई शुरू हो गई है. दिल्ली पुलिस(Delhi Police) ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा है. इस पर हाई कोर्ट ने 13 अप्रैल तक का समय दे दिया है. तब तक केंद्र सरकार(central government) को भड़काऊ भाषण पर रिपोर्ट सौंपनी होगी. अब मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी. इसके साथ ही हाई कोर्ट(Delhi High Court) ने केंद्र सरकार यानी गृह मंत्रालय(Ministry of Home Affairs) को दिल्ली हिंसा मामले में पक्षकार बनाए जाने की दलील को मंजूरी दी.केंद्र और दिल्ली पुलिस के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता(Solicitor General Tushar Mehta) ने कहा कि कल कोर्ट ने आदेश जारी कर जवाब मांगा था कि जो भड़काऊ बयान दिए गए थे उनपर करवाई की जाए, जबकि ये बयान 1-2 महीने पहले दी गई. याचिकाकर्ता(The petitioner ) केवल तीन भड़काऊ बयानों को चुनकर कार्रवाई की मांग नहीं कर सकता.

    हम हिंसा को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं : तुषार मेहता :-
    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता(Solicitor General Tushar Mehta) ने कहा कि हमारे पास इन तीन हेट स्पीच के अलावा कई और हेट स्पीच( hate speech) है, जिसको लेकर शिकायत दर्ज कराई गई. याचिकाकर्ता(The petitioner) ने चुनिंदा सिर्फ तीन वीडियो का हवाला दिया है. एक जनहित याचिका में ऐसा नहीं होता. केंद्र (Center) को पक्षकार बनाया जाए या नहीं ये कोर्ट(court ) को तय करना है, याचिकाकर्ता(The petitioner) को नहीं. हम हिंसा को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.केंद्र की इस दलील पर याचिकाकर्ता की ओर से बोले वकील कोलिन गोंजाल्विश(Colin Gonzalvish) ने कहा कि सबसे पहले आज ही सभी के खिलाफ एफआईआर(FIRs ) दर्ज हों, फिर फटाफट गिरफ्तारी भी हो..


    हमारे पास कई और क्लिप्स:-
    तुषार मेहता(Tusshar Mehta) ने कहा कि मौजूदा माहौल इस बात के लिए उपयुक्त नहीं है कि हम चुनिंदा तरीके से उन्हीं तीन वीडियो ( बीजेपी नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा की स्पीच) (Speeches by BJP leaders Kapil Mishra, Anurag Thakur and Pravesh Verma) को देखे. इस पर चीफ जस्टिस डीएन पटेल(Chief Justice DN Patel) ने पूछा कि 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं ? जवाब देते हुए सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता(Solicitor General Tushar Mehta ) ने कहा कि कल तक हमने 11 और आज 37 एफआईआर दर्ज किया. कुल 48 एफआईआर दर्ज किए गए है. याचिकाकर्ता इस पर एफआईआर चाहता है कि कपिल मिश्रा( Kapil Mishra ) ने ऐसा किया या वारिस पठान ने ऐसा किया. मौत या आगजनी या लूटपाट होने पर हमें एफआईआर(FIR) दर्ज करनी होती है. अन्य मुद्दों में समय लगता है.


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    दिल्ली में आईपीएस अफसरों पर गिरी गाज अब तक 5 का तबादला...............

    समाचार के मुख्य बिंदु :-

    1. दिल्ली में सोमवार को हुई हिंसा में अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है.
    2. पांच आइपीएस अफसरों(IPS officers) का तबादला कर दिया गया है.
    3. कोर्ट  ने बुधवार को हिंसा पर दायर याचिका पर कहा कि दिल्ली में एक और 1984 नहीं होनें देंगे.
    4. हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हिंसा प्रभावित इलाकों में दौरा करें .
    5. संजय भाटिया DCP सेंट्रल बनाए गए है.
    6. नरेंद्र मोदी ने भाईचारा बनाए रखने की अपील की.


      5 आईपीएस अफसरों का हुआ तबादला :-
      दिल्ली (Delhi) में सोमवार को हुई हिंसा में अब तक कुल 22 लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच दिल्ली पुलिस(Delhi Police) ने बड़ा कदम उठाते हुए पांच आइपीएस अफसरों(IPS officers) का तबादला कर दिया है। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार (on Wednesday) को हिंसा पर दायर याचिका पर कहा कि दिल्ली (Delhi) में एक और 1984 नहीं होनें देंगे। वहीं, उत्तर पूर्वी दिल्ली (North East Delhi) में हिंसा को लेकर हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री (Chief Minister and the Deputy Chief Minister) हिंसा प्रभावित इलाकों में दौरा करें और लोगों में विश्वास जगाएं। आपको बता दें संजय भाटिया DCP सेंट्रल बनाए गए है।

      और भी लोगो के हुए तबादले :-
      इन तीन के अलावा इंदिरा गांधी हवाई अड्डे ( Indira Gandhi Airport) पर तैनात डीसीपी ( DCP) संजीव भाटिया की पोस्टिंग डीसीपी  (Central District) के तौर पर की गई है। कमिश्नर ऑफ पुलिस (Commissioner of Police) के स्टाफ ऑफिसर राजीव रंजन को आईजीआई एयरपोर्ट ( IGI Airport) का डीसीपी नियुक्त किया गया।



      नरेंद्र मोदी ने भाईचारा  बनाए रखने की अपील की
      दिल्ली (Delhi) में फैली हिंसा के तीन दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)ने भी ट्वीट किए। उन्होंने लोगों से भाईचारा (brotherhood) बनाए रखने की अपील की। मोदी ने कहा कि यह जरूरी है कि इस वक्त हर जगह शांति हो और सामान्य स्थिति जल्द से जल्द कायम हो।बता दें कि 23 फरवरी से फैली इस हिंसा में अब तक 27  से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 250 से ज्यादा घायल हैं। दिल्ली  (Delhi) के जाफराबाद, मौजपुर, चांदपुर ( Zafarabad, Maujpur, Chandpur) समेत उत्तर-पूर्वी दिल्ली में पुलिस को उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश भी दिया गया है।


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      Delhi Violence Breaking : दिल्ली दंगो से जुड़ी अब तक की 7 TRENDING खबर

      समाचार के मुख्य बिंदु :-

      1. Delhi Violence: हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत, फटकार के बाद आज हाई कोर्ट में जवाब देगी पुलिस :-
      2. Delhi Violence: NSA डोभाल ने दी शाह को रिपोर्ट, दो घंटे की बैठक के बाद बोले- सब शांत है :-
      3. उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर 106 लोग गिरफ्तार, 18 एफआईआर दर्ज :-
      4. हिंसा पीड़ितों को हर तरह की मदद पहुंचाएं: दिल्ली के गुरुद्वारों से अकाल तख्त जत्थेदार :-
      5. रजनीकांत ने दिल्ली हिंसा को बताया गृह मंत्रालय और खुफिया तंत्र की नाकामी :-
      6. दिल्ली से मुंबई ने लिया सबक, आजाद मैदान के अलावा कहीं प्रदर्शन की इजाजत नहीं :-
      7. दिल्ली पुलिस को राजनीतिक आकाओं के आदेश का इंतज़ार नहीं करना चाहिए था: पूर्व यूपी डीजीपी :-



      Delhi Violence: हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत, फटकार के बाद आज हाई कोर्ट में जवाब देगी पुलिस :-Delhi Violence: दिल्ली हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, दिल्ली पुलिस के लिए गुरुवार का दिन अहम होने वाला है. पुलिस को नेताओं का भड़काऊ वीडियो देखने के बाद गुरुवार को कोर्ट में जवाब देना है.
      Delhi Violence: NSA डोभाल ने दी शाह को रिपोर्ट, दो घंटे की बैठक के बाद बोले- सब शांत है :- अजीत डोभाल ने बुधवार को हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से बातचीत की. इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक की और हालात की जानकारी दी.
      उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा को लेकर 106 लोग गिरफ्तार, 18 एफआईआर दर्ज :-दिल्ली पुलिस ने बताया है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में 106 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं, बुधवार को हिंसा की घटना रिपोर्ट नहीं हुई है और उत्तर-पूर्वी दिल्ली से पीसीआर कॉल में भी कमी आई है। साथ ही, पुलिस ने 2 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
      हिंसा पीड़ितों को हर तरह की मदद पहुंचाएं: दिल्ली के गुरुद्वारों से अकाल तख्त जत्थेदार :- दिल्ली में हिंसा को देखते हुए अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने बुधवार को दिल्ली के सभी गुरुद्वारों से कहा है कि वह हिंसा पीड़ितों को हर तरह की मदद पहुंचाएं। उन्होंने हिंसा की निंदा करते हुए एक प्रेस नोट जारी किया जिसमें लिखा है, "मदद मांगने वाले किसी भी पीड़ित की देखभाल करना सिख धर्म सिद्धांत है।"

      रजनीकांत ने दिल्ली हिंसा को बताया गृह मंत्रालय और खुफिया तंत्र की नाकामी :-रजनीकांत ने कहा कि ये खुफिया एजेंसियों की विफलता है और इससे साबित होता है कि गृह मंत्रालय भी इस घटना के मामले में फेल साबित हुआ है. प्रदर्शन और प्रोटेस्ट्स शांतिपूर्वक तरीके से हो सकते हैं लेकिन हिंसक अंदाज में नहीं. अगर हिंसा भड़कती है तो फिर उससे सख्ती से निपटने की जरुरत है.
      दिल्ली से मुंबई ने लिया सबक, आजाद मैदान के अलावा कहीं प्रदर्शन की इजाजत नहीं :-मुंबई में प्रदर्शन करने के लिए जो लोग या ग्रुप योजना बना रहे हैं, उनके लिए मुंबई पुलिस ने सख्त संदेश जारी किया है. मुंबई पुलिस के मुताबिक आज़ाद मैदान के अलावा मुंबई के किसी भी और हिस्से में प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

      दिल्ली पुलिस को राजनीतिक आकाओं के आदेश का इंतज़ार नहीं करना चाहिए था: पूर्व यूपी डीजीपी :- उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने दिल्ली हिंसा को लेकर कहा है कि दिल्ली पुलिस को राजनीतिक आकाओं के आदेश का इंतज़ार नहीं करना चाहिए था। उन्होंने प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का ज़िक्र करते हुए कहा, "अब देश को ऐसे पुलिसबल की ज़रूरत है...जो अनुचित राजनीतिक हस्तक्षेप से प्रभावित ना हो।"


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      Tuesday, 25 February 2020

      ब्रेकिंग न्यूज़ : मनीष सिसोदिया का उत्तर पूर्वी दिल्ली पर आया बरा बयान पढ़े क्या कहा सिसोदिया ने

      ब्रेकिंग न्यूज़ :-
      दिल्ली में हिंसा को लेकर उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है, "कई जगह अफवाह फैलाने का काम हो रहा है।" उन्होंने कहा, "जब तक कोई घटना आप अपनी आंखों से नहीं देखते...तब तक न तो ऐसी बातों पर यकीन करें...न ही इस तरह के मेसेज किसी को वॉट्सऐप पर भेजें...ऐसे नाज़ुक समय पर सबसे बड़ा योगदान अफवाहें ना फैलाना है।"



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        दिल्ली पुलिस ने दिए ताजा रिपोर्ट 186 घायल जाने नफरती ताकतों ने ली अब तक कितनो की जान

        ब्रेकिंग न्यूज़  
        दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बताया कि सीएए विरोधियों व समर्थकों के बीच हिंसा में अब तक एक हेड कॉन्स्टेबल समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है।बकौल पुलिस, हिंसा में 186 लोग घायल हुए हैं जिनमें एक डीसीपी और दो आईपीएस अधिकारी समेत 56 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। वहीं, पुलिस तनावग्रस्त इलाकों में मार्च कर रही है।


        Delhi Police PRO MS Randhawa on violence in North East Delhi: 56 police personnel injured, head constable Rattan Lal has lost his life, DCP Shahdara also suffered head injuries; 130 civilians injured 

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        अनुराग कश्यप तथा जावेद अख्तर ने एक खास समुदाय को किये भड़काने वाले ट्वीट्स

        मुख्य  बिंदु :-
        1. CAA  का  के विरोध के नाम पर राजधानी दिल्ली हिंसा की आग में झुलस रही है.
        2. हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है.
        3. सरकार ने स्‍कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है.
        4. (DMRC) ने 5 मेट्र्रो स्‍टेशन को बंद रखने का फैसला किया है. 
        5. बॉलीवुड की तरफ से एक बार फिर भड़काऊ बयान आया है.
        6. फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर ट्वीट किया है.
        7. सीएए समर्थक होने का मतलब मुस्लिम विरोधी है बस और कुछ नहीं।
        8. गीतकार जावेद अख्तर ने लिखा, "सारे कपिल मिश्रा निकलकर सामने आ रहे हैं.
        9. ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि ये सब सीएए-विरोधी प्रदर्शन के कारण हो रहा है.



          अनुराग कश्यप फिर बोले इस बार और घटिया बोले :-
          भारत में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध के नाम पर राजधानी दिल्ली हिंसा की आग में झुलस रही है. हिंसा में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है. एहतियातन सरकार ने स्‍कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है.  दिल्ली में आए दिन हो रही ऐसी घटनाओं पर बॉलीवुड सितारे भी अपना रिएक्शन सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. हाल ही में बॉलीवुड के फेमस डायरेक्टर अनुराग कश्यप (Anurag Kashyap) ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को सपोर्ट कर रहे लोगों पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए लिखा, 'इतना तो आज साफ है कि PRO-CAA का मतलब Anti-Muslim है बस और कुछ नहीं.'


          ये ट्वीट काफी सुर्खिया बटोर रहा है :-
          अनुराग कश्यप अपने इस ट्वीट से सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. ट्विटर यूजर भी अनुराग कश्यप के ट्वीट पर अपने रिएक्शन दे रहे हैं. वहीं दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने 5 मेट्र्रो स्‍टेशन को बंद रखने का फैसला किया है. आपको बता दें कि शनिवार रात जाफराबाद (Jafarabad) मेट्रो स्टेशन के पास बड़ी संख्या में महिला एकत्र हो गईं, जिससे वहां जाम के हालात बन गए. महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा, जब तक केंद्र सरकार सीएए को रद्द नहीं कर देती, प्रदर्शनस्थल से वे नहीं हटेंगी.


          जावेद अख्तर भी नहीं रहे पीछे लोगो को भड़काने में :-
          मशहूर गीतकार और पूर्व राज्यसभा सांसद जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने भी ट्वीट किया और एक खास समुदाय को भड़काते हले कहा कि अब दिल्ली में सभी कपिल मिश्रा बेपर्दा हो रहे हैं.जावेद अख्तर ने दिल्ली में बीती शाम हुई हिंसा की निंदा करते हुए ट्वीट किया, 'दिल्ली में हिंसा का स्तर किस कदर बढ़ गया है. सभी कपिल मिश्रा बेपर्दा हो रहे हैं. ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि दिल्ली के आम निवासियों को ये यकीन दिलाया जा सके कि ये सब सीएए के विरोध प्रदर्शन के कारण हो रहा है. और कुछ समय बाद दिल्ली पुलिस इसका समाधान निकाल लेगी.' 


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          Saturday, 15 February 2020

          शाहीनबाग की तर्ज पर चेन्नई में भी CAA के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन, लेकिन पुलिस ने कर दी कुटाई

          मुख्य  बिंदु :-
          • बीते  दीन चेन्नई में CAA के विरुद्ध शुरू हुआ था विरोध प्रदर्शन
          • वाशरमनपेट में प्रदर्शन कर रहे थे CAA विरोधी 
          • पुलिस ने किया लाठी चार्ज 
          • चेन्नई में मिंट मेट्रो स्टेशन के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठी चार्ज
          • मामला शांत नहीं पर पुलिस और प्रदर्शनकरियो में हुई झड़प 
          • पुलिस में 100 लोगो को लिया हिरासत में जिन्हे बाद में रिहा कर दिया गया 
          • प्रदर्शनकारियों के पथराव के कारण 4 पुलिसकर्मी भी हुए घायल 
          • सुप्रीमकोर्ट ने एक याचिका पर केंद्र को नोटिस भेजकर CAA पर जवाब मनंगा है 
          • उलेमा-ए-हिंद ने यह याचिका दायर की थी  



          चेन्नई में भी CAA का विरोध  शुरू :- 
          नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के मुद्दे पर देश में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। वहीं चेन्नई पुलिस ने कथित तौर पर उन प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया है जो वाशरमनपेट में प्रदर्शन कर रहे थे। चेन्नई में मिंट मेट्रो स्टेशन के पास बड़ी संख्या में लोगों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।


          वाशरमैनपेट इलाके में हजारों लोग सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ जमा हुए थे। मामला तब भड़क गया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारी से कुछ लोगों को जबरन हटाया। इसके बाद प्रदर्शनकारी और पुलिस में भिड़ंत हो गई। यहां तंग लोगों को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। हालांकि लोग इसके बावजूद नहीं हटे। बाद में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।



          पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बिच हुई झड़प :-
          दूसरी ओर चेन्नई पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों से भिड़ंत में चार पुलिसकर्मी शामिल हो गए हैं। इनमें से एक महिला डिप्टी कमिश्नर, दो महिला अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर शामिल हैं। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उधर प्रदर्शनकारियों का भी कहना है कि उनके खेमे से भी कुछ लोग जख्मी हुए हैं। बवाल बढ़ने पर पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनकी रिहाई के लिए लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई.


          सुप्रीमकोर्ट ने केंद्र से माँगा जवाब :-
          सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकता संशोधन कानून, 2019 (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। देवबंदी विचारधारा के इस्लामी संगठन जमियत उलेमा-ए-हिंद ने यह याचिका दायर की है। सर्वोच्च अदालत ने इस याचिका के साथ ही संबंधित और मामलों को भी संलग्न कर दिया है। दरअसल सौ से अधिक याचिकाएं सीएए के विरोध और समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में दायर हैं।


          देश के अलग अलग हिस्सों में अभी जारी है विरोध प्रदर्शन :-
          नागरिकता संशोधन कानून पर देश के कई हिस्सों में अब भी प्रदर्शन जारी है। इस कानून के जरिये इस्लामिक पड़ोसी देश अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश में धर्म के आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यक हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी को नागरिकता दी जाएगी, लेकिन भारत की नागरिकता के लिए केवल उन्हीं के आवेदन स्वीकार किए जाएंगे जो 31 दिसंबर, 2014 तक भारत में आ चुके हैं।

          इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने विगत सात फरवरी को असम समझौते को प्रभावी रूप से लागू करने और नागरिकता संशोधन कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। 

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          Thursday, 13 February 2020

          दिल्ली चुनाव के बाद अमित शाह ने बताई हार की मुख्य वजह , विचारधारा को बताया अहम.

          मुख्य  बिंदु :-
          • दिल्ली चुनाव के बाद अमित शाह का आया बड़ा बयान.
          • चुनाव हमारी विचारधारा को बढ़ाने का जरिया
          • हार जीत के लिए चुनाव नहीं लड़ते
          • गोली वाला बयान उचित नहीं लेकिन राहुल गांधी के डंडे मारने वाला भी बयान उचित नहीं था
          • हमने धर्म के आधार पर कभी भेदभाव नहीं किया
          • कश्मीर में स्थिति सामान्य कोई भी वहां जा सकता है
          • भड़काऊ भाषण पर सरकार को कड़े कदम उठाने पड़ते हैं 
          • एससी एसटी मुद्दे पर कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार



          हार जित के लिए है, चुनाव नहीं लड़ते:-
          दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे के दो दिन बाद गृह मंत्री अमित शाह का बयान आया है. एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि बहुत सारे दलों के लिए चुनाव सरकार बनाने और गिराने के लिए होते हैं. लेकिन भाजपा एक विचारधारा पर आधारित पार्टी है, हमारे लिए चुनाव हमारी विचारधारा को बढ़ाने का जरिया है. सिर्फ हार-जीत के लिए हम चुनाव नहीं लड़ते.


          सबको अपनी राय रखने का हक:-
          गृह मंत्री शाह ने कहा कि चुनाव में गोली मारने का बयान उचित नहीं था तो राहुल गांधी के डंडे मारने वाला बयान भी ठीक नहीं था. मुद्दा आज भी ये है कि किसी का विरोध किस प्रकार से और किस चीज के लिए होना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिस तरह से शाहीन बाग का समर्थन करने वालों को अपने विचार रखने का अधिकार है. उसी प्रकार से हमें भी हमारे विचार व्यक्त करने का अधिकार है और हमने वो किया.


          CAA पर फिर से रखी अपनी बात :-
          गृह मंत्री ने कहा कि हमारा मन शुद्ध है और हम शुद्ध मन से काम करते हैं. हमने कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया है. मैं आज भी देश को बताना चाहता हूं कि CAA में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है, जो देश के मुस्लिमों की नागरिकता ले सकता हो.शाह ने कहा कि कश्मीर में स्थिति सामान्य है. कोई भी वहां जा सकता है, लेकिन कोई वहां भड़काने वाले भाषण करेगा तो सरकार को कदम उठाने पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अभी कोई भी वहां जाए हम सबको परमिशन दे रहे हैं. सिर्फ वहां के कुछ नेता कुछ प्रावधानों के तहत अभी नजरबंद हैं.


          SC/ST मुद्दे पर कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार :-
          अमित शाह ने कहा कि मैं पूरे देश की जनता और विशेषकर SC/ST समुदाय के अपने भाई-बहनों को बताना चाहता हूं कि ये जो प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में चर्चा में आया, वो कांग्रेस की उत्तराखंड सरकार ने किया था, भाजपा ने नहीं. आरक्षण के लिए वो स्टैंड कांग्रेस की सरकार का था, भाजपा की सरकार का नहीं.

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          Sunday, 22 December 2019

          सीएए और एनआरसी पर खुल कर बात की प्रधानमंत्री मोदी जी ने पढ़े उनका दमदार भाषण।


          नमस्कार दोस्तों आप सबका स्वागत है भारत आइडिया के इस  नए संस्करण के समाचार लेख में। भारत आइडिया के पाठकों आज इस लेख में हम बात करेंगे भारतीय मुसलमानों को सीएए, एनआरसी से डरने की कोई बात नहीं है: रामलीला मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 

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          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के साथ-साथ नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) को लेकर देश में होने वाले तनावों को सार्वजनिक रूप से संबोधित किया है। पीएम मोदी ने दिल्ली में मतदाताओं को आश्वासन दिया कि सीएए और एनआरसी से कोई भी भारतीय मुसलमान प्रभावित नहीं होगा।

          प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के विधानसभा चुनावों से पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में भाजपा की एक रैली में भीड़ को संबोधित कर रहे थे। आम आदमी पार्टी को दिल्ली के लोगों के लिए पर्याप्त कल्याण प्रदान करने में विफल रहने के लिए नारा देते हुए, प्रधान मंत्री का ध्यान जल्द ही नागरिकता के विवादास्पद मुद्दे पर स्थानांतरित हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की "एक झूठ फैलाया जा रहा है कि इस सरकार ने लोगों के अधिकारों को छीनने के लिए कानून लाया था," प्रधान मंत्री ने प्रतिद्वंद्वियों को अपने काम में भेदभावपूर्ण रवैया या कुछ भी खोजने की खुली चुनौती दी।




          दिल्ली में मंच से उत्साहित, पीएम मोदी ने सीएए और एनआरसी के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए विपक्ष (मुख्य रूप से कांग्रेस) और "अर्बन नक्सलियों" को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मतदाताओं से उस जनादेश का सम्मान करने का आग्रह किया, जो भाजपा को 2019 के लोकसभा चुनावों में  दिया गया था।

          प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की, कुछ राजनीतिक दल अफवाहें फैला रहे हैं, लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और भावनाओं को भड़का रहे हैं।"प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों पर लोगों में डर पैदा करने और संशोधित नागरिकता कानून के बारे में मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं ने कभी भी धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया है।



          विपक्ष को घेरते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "मैं उन लोगों को चुनौती देता हूं कि मैं जो काम कर रहा हूं, उसकी समीक्षा कर उसमे थोड़ा सांप्रदायिकता का कहर भी है, तो कृपया राष्ट्र को बताएं।"उन्होंने यह भी कहा कि एनआरसी अभ्यास के बाद हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में फर्जी सूचना फैलाई जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के कार्यकाल में NRC शासन का मसौदा तैयार किया गया था और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के कारण ही भाजपा ने इसे असम में लागू किया था।

          हालाँकि, पीएम ने यह नहीं बताया कि राष्ट्रव्यापी एनआरसी लगेगा या नहीं।


          पीएम मोदी ने कांग्रेस और बुद्धिजीवियों पर गलत  "गलत सूचना" फैलाने के लिए भी नारा दिया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस और उसके दोस्त, कुछ अर्बन नक्सली अफवाह फैला रहे हैं कि सभी मुसलमानों को डेटशन सेंटर सेंटर भेजा जायेगा ... अपनी शिक्षा का सम्मान करें, पढ़ें कि नागरिकता संशोधन अधिनियम और एनआरसी क्या है। आप शिक्षित हैं," । प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भारत में कोई भी डिटेंशन केंद्र नहीं बनाया गया है।



          मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त करते हुए, पीएम मोदी ने कहा, "जो मुसलमान भारतीय धरती पर पैदा हुए हैं, उन्हें सीएए और एनआरसी से चिंतित नहीं होना चाहिए। इन दोनों चीजों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।"


          प्रधानमंत्री ने कहा की विरोध प्रदर्शनों में हिंसाकरियो ने पुलिस पर हमले भी किए। "33,000 पुलिस कर्मियों ने आजादी के बाद से देश में शांति और सुरक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। आज, आप उन्हें बेरहमी से पीट रहे हैं। जब कोई समस्या आती है, तो पुलिस आपके धर्म या जाति, मौसम या समय जो भी हो, उनकी मदद करने के लिए नहीं पूछती है। यह पहली बार है जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के बारे में एक सार्वजनिक बयान दिया है जब से यह पारित किया गया था। जबकि इससे पहले पीएम ने ट्वीट कर लोगों से हिंसा में शामिल नहीं होने को कहा था, रविवार को उन्होंने सीएए और एनआरसी को लेकर आशंकाओं को संबोधित किया।



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