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108 घंटे की मशक्कत के बाद भी नहीं बची मासूम की जान, पढ़े ये दर्दनाक रिपोर्ट।




पंजाब के संगरूर में 108 घंटे बाद 2 साल के मासूम फतेहवार को बोरवेल से निकाल लिया गया है. बोरवेल से निकालने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया है. फतेहवीर का इलाज चंडीगढ़ के पीजीआई में चल रहा है. काफी कोशिशों के बाद भी जब फतेहवीर नहीं निकला तो उसे लोहे का कुंडा डालकर बाहर खींचा गया. पांच दिन पहले फतेहवीर डेढ़ सौ फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था.




बच्चे का पूरा नाम फतेहवीर सिंह है जो कल ही दो साल का हुआ है. फतेहवीर  संगरूर जिले के भगवानपुरा गांव में अपने घर के पास सूखे पड़े बोरवेल में 6 जून शाम करीब चार बजे खेलते खेलते गिर गया था. बोरवेल के अंदर ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति प्रदान की गई थी और बच्चे पर नजर रखने के लिए एक कैमरा भी लगाया गया था.





राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और भारतीय सेना और जिला प्रशासन के कर्मचारियों को मिलाकर कुल 26 सदस्य सुनाम प्रखंड के भगवानपुरा में बचाव अभियान में जुटे थे.  इस घटना से कुरूक्षेत्र में 2006 में गिरे बच्चे प्रिंस को बचाने की याद ताजा हो गई हैं. प्रिंस को करीब 48 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया गया था.




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