Engहिंदी

Get App

हम राजनीती एवं इतिहास का एक अभूतपूर्व मिश्रण हैं.हम अपने धर्म की ऐतिहासिक तर्क-वितर्क की परंपरा को परिपुष्ट रखना चाहते हैं.हम विविध क्षेत्रों,व्यवसायों,सोंच और विचारों से हो सकते हैं,किन्तु अपनी संस्कृति की रक्षा,प्रवर्तन एवं कृतार्थ हेतु हमारा लगन और उत्साह हमें एकजुट बनाये रखता है.हम आपके विचारों के प्रतिबिंब हैं,आपकी अभिव्यक्ति के स्वर हैं,हम आपको निमंत्रित करते हैं,अपने मंच 'BharatIdea' पर,सारे संसार तक अपना निनाद पहुंचायें.

मुहर्रम में जुलूस ले कर निकले उन्मादियो ने घरो में लगाईं आग, फूंक डाले पुलिस के वाहन.




नमस्कार ये एक धर्मनिरपेक्ष सरकार में हो रहा है जहाँ पर इस समय एक ऐसे मुख्यमंत्री विराजमान हैं जो अपने राज्य से ज्यदा अन्य राज्यों पर नजर रखते हैं.. इन्होने अभी हाल में ही अपने राज्य के पुलिस वालों के लिए सहूलियत आदि की घोषणा की थी.. कांगेस में सॉफ्ट हिंदुत्व का विरोध अभी हाल में ही शशि थरूर ने किया था और न जाने किस धर्मनिरपेक्षता की पैरवी की थी . आखिरकार उसके असर भी दिखाई देने लगे हैं और मध्य प्रदेश में दिखाई दिया है भयानक मजहबी उन्माद.कमलनाथ शासित मध्य प्रदेश में मुहर्रम जुलूस के दौरान फूंक दिए गये हैं घर और जला डाले गये हैं पुलिस के वाहन.. ये घटना है मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की है जहाँ मुहर्रम के जुलूस में वो सब देखने को मिला है वहां के निवासियों को जिसकी उन्होंने कल्पना भी नही की   रही होगी कभी ..यहाँ पर देर रात मशाल जूलुस निकालने के दौरान भीषण पथराव की घटना हुई है .. इतना ही नहीं उस जूलुस में शामिल मजहबी उन्मादियो ने आसपास के घरों पर हमला किया और सुरक्षा के लिए चल रहे पुलिस के वाहनों में भी आग लगा दी..

समाचार पढ़ने से पहले एक गुजारिस , हमारे फेसबुक पेज को  लाइक कर हमारे साथ जुड़े। 



रात में मुस्लिम समाज का मशाल जूलुस निकलने शुरु हुए। मशाल जूलुस शहर के विभिन्न स्थानों से होता हुआ देर रात शहर के नाथ बड़ा क्षेत्र में पहुंचा। इस दौरान जूलुस में शामिल कुछ उपद्रवियों ने घरों पर हमला किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया।इसके बाद जूलुस में शामिल लोगों ने धार्मिक झंडों को निशाना बनाया और पुलिस के वाहनों में भी आग लगा दी। कार, ऑटो रिक्शा सहित आधा दर्जन दोपहिया वाहनों को भी निशाना बनाया गया।




दरअसल इस विवाद की सूचना मिलने के बाद उज्जैन रेंज के डीआईजी अनिल शर्मा, कलेक्टर डॉ वीरेंद्र सिंह रावत, एसपी पंकज श्रीवास्तव सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस को स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने त्यौहारी माहौल को ध्यान में रखते हुए शांति बनाए रखने के लिए शहर भर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। सुरक्षा के मद्देनजर जिले में धारा-144 भी लागू की गई थी लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार की घटना ने मध्य प्रदेश शासन में उन्माद के दमन पर सवाल खड़े कर दिए हैं .



आपकी इस समाचार पर क्या राय है,  हमें निचे टिपण्णी के जरिये जरूर बताये और इस खबर को शेयर जरूर करे। 



Breaking News
Loading...
Scroll To Top